Trump on Oil Prices: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने तेल की कीमतों (Oil Prices) और लगातार चल रहे युद्ध को लेकर अब बहुत बड़ा दावा कर दिया है। ट्रंप का कहना है कि पेट्रोल की कीमतें (Petrol Prices) जल्द ही तेजी से नीचे जाती नज़र आ रही रही हैं और जैसे ही युद्ध खत्म होगा, वैसे ही तेल की कीमतों में और भी तेज गिरावट देखने को मिलेगी। उन्होंने बिलकुल स्पष्ट कहा कि युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है और इसका सबसे बड़ा प्रभाव तेल की कीमतों पर नज़र आएगा।
Trump on Oil Prices: युद्ध खत्म होते ही गिरेगी ‘तेल की कीमत’
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि पेट्रोल की कीमतें पहले ही तेजी से गिरना शुरू हो गयी हैं। उनका कहना है कि युद्ध खत्म होने के बाद कीमतें और भी तेजी से नीचे आएंगी। ट्रंप के इस बयान ने तेल की कीमतों (Oil Price) को लेकर चल रही चर्चाओं को फिर से तेज कर दिया है।
ट्रंप का दावा है कि मौजूदा स्थिति लंबे वक़्त तक नहीं रहने वाली है। उन्होंने कहा कि युद्ध बहुत जल्द खत्म होने वाला है और इसके बाद तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट अवश्य ही देखने को मिल सकती है।
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होर्मुज़ जलडमरूमध्य से आ रहा है तेल
डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) का भी स्पष्टता से जिक्र किया। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस रास्ते से भारी मात्रा में तेल ला रहा है। ट्रंप के अनुसार, होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल की आपूर्ति (Oil Supply) जारी है और बड़ी मात्रा में तेल वहां से आ रहा है।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिहाज से बहुत ही महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे में ट्रंप का यह बयान तेल की उपलब्धता और कीमतों को लेकर बेहद अहम है।
रूस की रिफाइनरियों को लेकर भी बोले ट्रंप
डोनाल्ड ट्रंप ने रूस की रिफाइनरियों (Russian Refineries) को लेकर भी गंभीर रूप से अपनी चिंता ज़ाहिर की है। उन्होंने कहा कि एक दिक्क्त यह है कि रूस में रिफाइनरियों पर बहुत बुरा प्रभाव पड़ रहा है।
रिफाइनरियों पर पड़ रहे इस प्रभाव का संबंध तेल को पेट्रोल और दूसरे ईंधन में बदलने की क्षमता से संबंधित है। ऐसे में ट्रंप ने इसे मौजूदा तेल बाजार की एक समस्या के तौर पर सामने रखा।
युद्ध खत्म होने पर क्या होगा प्रभाव?
ट्रंप के बयान का सबसे बड़ा भाग तेल की कीमतों को लेकर है। उनका कहना है कि युद्ध खत्म होते ही कीमतें तेजी से नीचे आएंगी। यानी उनके अनुसार, यह स्पष्ट है कि मौजूदा महंगी तेल कीमतों के पीछे युद्ध की स्थिति एक महत्वपूर्ण कारण है और संघर्ष खत्म होने के साथ ही बाजार में बड़ा परिवर्तन देखने को मिल सकता है।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक ओर होर्मुज़ जलडमरूमध्य से भारी मात्रा में तेल आने की बात कही है, तो वहीं दूसरी तरफ रूस की रिफाइनरियों पर पड़ रहे प्रभाव को समस्या बताया है। ऐसे में उनका पूरा बयान मौजूदा तेल आपूर्ति (Oil Supply), रिफाइनिंग और युद्ध की स्थिति के बीच संबंध की तरफ इशारा करता है।
बता दे, ट्रंप का दावा है कि युद्ध अब बहुत जल्द खत्म होने वाला है। और यदि ऐसा होता है तो उनके अनुसार तेल की कीमतों में तेज गिरावट अवश्य ही देखने को मिल सकती है। फिलहाल उनकी निगाह युद्ध के जल्द खत्म होने और उसके बाद तेल बाजार में आने वाले परिवर्तन पर है।
