Lahore Attack: पाकिस्तान के लाहौर में एक बार फिर आतंकी नेटवर्क से जुड़ी बड़ी घटना सामने आई है। प्रतिबंधित संगठन लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के संस्थापक सदस्य और कुख्यात आतंकी आमिर हमजा पर अज्ञात हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसा दीं। यह हमला उस समय हुआ जब वह एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर मौजूद था। (Lahore Attack) हमले के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए, जबकि गंभीर रूप से घायल हमजा को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।
बताया जा रहा है कि आमिर हमजा लंबे समय से भारत विरोधी गतिविधियों और आतंकी साजिशों में शामिल रहा है। वह न सिर्फ लश्कर-ए-तैयबा का संस्थापक सदस्य है, बल्कि हाफिज सईद का करीबी सहयोगी भी रहा है। हमजा को संगठन के वैचारिक प्रचार और फंडिंग नेटवर्क का अहम चेहरा माना जाता है। (Lahore Attack) आमिर हमजा का नाम कट्टरपंथी विचारधारा और भड़काऊ भाषणों के लिए जाना जाता है। वह लश्कर की प्रचार सामग्री से भी जुड़ा रहा है और ‘काफिला दावत और शहादत’ जैसी विवादित पुस्तकों का लेखक बताया जाता है। इसके अलावा वह अफगानिस्तान में मुजाहिदीन के तौर पर भी सक्रिय रह चुका है, जिससे उसकी पृष्ठभूमि और अधिक खतरनाक मानी जाती है।
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अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी उस पर कड़ी नजर रही है। अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने लश्कर-ए-तैयबा को आतंकी संगठन घोषित करते हुए आमिर हमजा पर प्रतिबंध लगाए हैं। 2018 में जब पाकिस्तान में जमात-उद-दावा (JuD) पर कार्रवाई हुई, तब हमजा ने दिखावे के तौर पर संगठन से दूरी बना ली थी, लेकिन बाद में उसने ‘जैश-ए-मनकफा’ नाम से नया गुट बना लिया। भारतीय खुफिया एजेंसियों के अनुसार, यह गुट जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को बढ़ावा देने में सक्रिय है। (Lahore Attack) हमजा अब भी आतंकी नेटवर्क के शीर्ष नेतृत्व से जुड़ा हुआ था और युवाओं की भर्ती तथा फंड जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा था। फिलहाल इस हमले को आतंकी संगठनों के भीतर आपसी संघर्ष या टारगेट किलिंग के रूप में भी देखा जा रहा है। पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां पूरे मामले की जांच में जुटी हैं।
