Modi Government: केंद्र में मोदी सरकार के सफल 12 साल पूरे होने के शानदार मौके पर इस समय पूरे देश में जश्न का माहौल है और जगह-जगह भव्य कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है. देश की राजधानी दिल्ली भी इस ऐतिहासिक उत्सव के रंग में पूरी तरह डूबी हुई है. इसी सिलसिले में आयोजित एक विशेष समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बेहद भरोसेमंद और केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री जितेंद्र सिंह ने शिरकत की. (Modi Government) इस दौरान जब उनसे उनके पूरे कार्यकाल को लेकर एक बेहद सीधा और तीखा सवाल पूछा गया, तो उन्होंने अपनी हाजिरजवाबी से वहां मौजूद सभी लोगों को हैरान कर दिया.
अंतरिक्ष क्षेत्र को लेकर जताया मलाल
मंच पर बातचीत के दौरान जब केंद्रीय मंत्री से पूछा गया कि उनके इतने लंबे सफर में ऐसा कौन सा एक काम है, जिसे समय पर न कर पाने का उन्हें आज भी सबसे ज्यादा अफसोस है, तो उन्होंने बेहद ईमानदारी से अपनी बात रखी. जितेंद्र सिंह ने देश के स्पेस सेक्टर का हवाला देते हुए कहा कि भारत के अंतरिक्ष क्षेत्र के दरवाजे बहुत पहले ही प्राइवेट कंपनियों के लिए खोल दिए जाने चाहिए थे, जिसमें देरी का उन्हें मलाल है. (Modi Government) हालांकि, जब वहां मौजूद मीडियाकर्मियों और दर्शकों ने उनसे इस पर थोड़ा और खुलकर बोलने का दबाव बनाया, तो उन्होंने बहुत ही चुटीले और मजाकिया अंदाज में बात को संभालते हुए कहा कि मुझे सबसे बड़ा पछतावा इस बात का है कि मैं आपको आपकी पसंद का जवाब नहीं दे पा रहा हूं.
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लैटरल एंट्री पर बड़ा यू-टर्न नहीं, चर्चाएं अभी भी जारी
इसी कार्यक्रम से पहले एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्रीय मंत्री ने प्रशासनिक सेवाओं में होने वाली लैटरल एंट्री यानी सीधे तौर पर बाहरी विशेषज्ञों की नियुक्ति को लेकर चल रही तमाम अटकलों पर भी विराम लगा दिया. (Modi Government) उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि इस पूरी प्रक्रिया को बिल्कुल भी रोका या स्थगित नहीं किया गया है. सरकार इस विषय से जुड़े सभी पक्षों के साथ लगातार बातचीत कर रही है और इसे रोकने का कोई भी नया सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है.
आपको बता दें कि इस प्रक्रिया में आरक्षण की व्यवस्था न होने के कारण काफी सियासी हंगामा मचा था, जिसके बाद अगस्त 2024 में यूपीएससी ने अपना एक पुराना विज्ञापन वापस ले लिया था. (Modi Government) इसी कड़ी में विभाग की सचिव रचना शाह ने आंकड़ों को साफ करते हुए बताया कि लैटरल एंट्री को कुल 3 चरणों में पूरा किया गया था, जिसके जरिए अलग-अलग सरकारी महकमों में 63 काबिल अधिकारियों को तैनात किया गया था. उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इनमें से दो-तिहाई अधिकारी आज भी अपने पदों पर रहकर देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं.
