CWG 2026 Pakistan Boxer Missing: ग्लास्गो में संपन्न हुए कॉमनवेल्थ गेम्स के तुरंत बाद पाकिस्तान खेल जगत में एक बार फिर से बड़ा भूचाल आ गया है। राष्ट्रीय टीम के प्रतिभावान युवा मुक्केबाज कुदरतुल्लाह अचानक अपने आधिकारिक होटल के कमरे से गायब हो गए हैं। इस सनसनीखेज घटना ने पाकिस्तान बॉक्सिंग फेडरेशन के इंतज़ामों और निगरानी तंत्र पर बहुत गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि खिलाड़ी अपनी वापसी की निर्धारित उड़ान से महज 6 घंटे पहले ही गायब हुआ। खेल सूत्रों के मुताबिक, क्वेटा से ताल्लुक रखने वाले इस युवा मुक्केबाज को आखिरी बार रविवार तड़के 2 बजे कमरे में देखा गया था। सुबह लगभग 9 बजे जब पूरी टीम स्वदेश लौटने के लिए होटल लॉबी में एकत्र हुई, तब वह गायब मिला।
CWG 2026 Pakistan Boxer Missing: कमरे में सामान छोड़ा, पासपोर्ट था मैनेजर के पास
इस रहस्यमयी तरीके से गायब होने के पीछे की पूरी कहानी बेहद अजीब और चौंकाने वाली है। मुक्केबाज अपना सारा निजी सामान, कपड़े और बैग होटल के कमरे में ही छोड़कर चंपत हो गया। यहां तक कि उसका असली पासपोर्ट और वापसी का हवाई टिकट भी टीम के आधिकारिक मैनेजर की कस्टडी में सुरक्षित रखा हुआ था। पासपोर्ट न होने के बावजूद उसका इस तरह चुपचाप निकल जाना यह साफ इशारा करता है कि उसने ब्रिटेन में अवैध रूप से रुकने के लिए पहले से ही पूरी योजना तैयार की थी। उसने जानबूझकर टीम की फ्लाइट को छोड़ा ताकि वह विदेश में ही अपना ठिकाना बना सके। इस हरकत से टीम प्रबंधन के होश पूरी तरह उड़ गए हैं।
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पुरानी बीमारी: पहले भी गायब होते रहे हैं खिलाड़ी
अंतरराष्ट्रीय खेल दौरों के दौरान पाकिस्तानी खिलाड़ियों का इस तरह गायब होना कोई नई बात नहीं रह गई है। यह घटना फिर से उसी पुरानी और कड़वी सच्चाई को उजागर करती है। 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सुलेमान बलोच और नजीरुल्लाह खान नामक 2 मुक्केबाज इसी तरह अचानक गायब हो चुके हैं। इसके अलावा, 2024 में इटली में हुए क्वालिफायर मुकाबलों के दौरान एशियन मेडल विजेता जोहेब रशीद पर अपने साथी का सामान और विदेशी नकदी चुराकर भागने का संगीन आरोप लगा था। बार-बार दोहराई जा रही इन शर्मनाक घटनाओं ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर मुल्क की छवि को गहरी चोट पहुंचाई है और खेल प्रबंधन की पूरी तरह पोल खोल दी है।
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36 सदस्यीय दल और केवल 1 मेडल का निराशाजनक सफर
इस पूरे विवाद का सबसे दुखद पहलू यह है कि खेल के मैदान पर भी टीम का प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा। ग्लास्गो पहुंचे 36 सदस्यों के विशाल और बड़े पाकिस्तानी दल को प्रतियोगिताओं में केवल 1 ब्रॉन्ज मेडल से ही संतोष करना पड़ा। यह इकलौता पदक महिला मुक्केबाज फातिमा ज़ेहरा ने जीतकर देश का मान बचाया था। जहां एक तरफ फातिमा ज़ेहरा की इस ऐतिहासिक उपलब्धि की हर तरफ सराहना होनी चाहिए थी, वहीं दूसरी तरफ कुदरतुल्लाह के इस अनपेक्षित कांड ने पूरी टीम की मेहनत पर पानी फेर दिया। इस विवाद ने सफलता की खुशी को पूरी तरह धुंधला कर दिया।
खेल बोर्ड के सामने खड़ी हुई जवाबदेही की चुनौती
इस ताजा वाकये के बाद पाकिस्तान के खेल प्रशासनिक अधिकारियों और बोर्ड पर सवालिया निशान के साथ दबाव काफी बढ़ गया है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि बिना पासपोर्ट के ब्रिटेन में छिपे इस खिलाड़ी को कैसे खोजा जाएगा। स्थानीय पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को भी इस पूरे मामले की औपचारिक जानकारी दे दी गई है। साथ ही, भविष्य में विदेश दौरों पर जाने वाले एथलीटों की सुरक्षा व्यवस्था और उनकी सख्त निगरानी प्रणाली की नए सिरे से समीक्षा करने की मांग तेजी से उठ रही है। अगर वक्त रहते इन खामियों को दूर नहीं किया गया, तो भविष्य में भी ऐसी घटनाएं रुकने का नाम नहीं लेंगी।
