Lucknow News: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में 12 जून को पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ बड़े स्तर पर प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के आह्वान पर आयोजित यह “युवा आक्रोश प्रदर्शन” इको गार्डन में होगा, जिसमें बड़ी संख्या में छात्रों और युवाओं के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, यह प्रदर्शन भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, पेपर लीक मामलों पर कार्रवाई और युवाओं के रोजगार संबंधी मुद्दों को लेकर किया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित किया है, जिसके चलते युवाओं में व्यापक नाराजगी है।
अभिजीत दीपके भी होंगे प्रदर्शन में शामिल
कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दीपके ने भी इस प्रदर्शन को अपना समर्थन देने का ऐलान किया है। उन्होंने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर एक वीडियो जारी कर इसकी जानकारी साझा की है।
वीडियो में अभिजीत दीपके ने छात्रों और युवाओं से अधिक से अधिक संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की। उन्होंने कहा कि वह 12 जून को लखनऊ पहुंचकर पेपर लीक के खिलाफ चल रही लड़ाई में छात्रों का समर्थन करेंगे। साथ ही युवाओं से इस मुद्दे पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने का आह्वान किया।
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परीक्षा प्रणाली में सुधार और पारदर्शिता की मांग
प्रदर्शन का मुख्य उद्देश्य पेपर लीक मामलों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है। AISA की ओर से आयोजित इस आंदोलन में कई प्रमुख मांगें रखी गई हैं।
आयोजकों की मांग है कि पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच कराई जाए तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके अलावा भर्ती और परीक्षा प्रक्रिया को पूरी तरह निष्पक्ष एवं पारदर्शी बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। युवाओं के लिए रोजगार की गारंटी सुनिश्चित करने की मांग भी आंदोलन के प्रमुख मुद्दों में शामिल है।
युवाओं के भविष्य और रोजगार का मुद्दा बना आंदोलन का केंद्र
आयोजकों का कहना है कि यह आंदोलन केवल पेपर लीक की घटनाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि यह युवाओं के भविष्य, रोजगार और निष्पक्ष भर्ती प्रक्रिया से जुड़े व्यापक मुद्दों को भी सामने लाने का प्रयास है। उनका मानना है कि यदि परीक्षा और भर्ती व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित नहीं की गई तो इसका सीधा असर लाखों युवाओं के करियर और भविष्य पर पड़ता रहेगा।
12 जून को होने वाले इस प्रदर्शन को लेकर छात्र संगठनों और युवाओं के बीच तैयारियां तेज हैं। ऐसे में राजधानी लखनऊ का इको गार्डन एक बार फिर युवाओं की मांगों और विरोध की आवाज का केंद्र बन सकता है।
