CEC Protest: मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार, SIR और मतदाता सूची से जुड़े विवाद को लेकर कांग्रेस और विपक्ष का आंदोलन अब दिल्ली की सड़कों पर और तेज होता दिख रहा है। मंगलवार, 6 अक्टूबर को संसद से चुनाव आयोग मुख्यालय तक निकाला गया INDIA ब्लॉक का मार्च पुलिस बैरिकेडिंग के बाद आकाशवाणी भवन परिसर में धरने में बदल गया। करीब आठ-नौ घंटे चले धरने के बाद लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिया गया। देर रात करीब 10 बजे उन्हें किंगसवे कैम्प थाने से रिहा कर दिया गया।
अब कांग्रेस ने आंदोलन को आगे बढ़ाने का संकेत दिया है। आज 7 अक्टूबर को संसद भवन के गेट पर सुबह 10 बजे प्रदर्शन का ऐलान किया गया है। ऐसे में मंगलवार के टकराव के बाद आज संसद परिसर के बाहर एक बार फिर राजनीतिक गर्मी बढ़ने के आसार हैं।
CEC Protest: संसद से निकला मार्च, पुलिस बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी
मंगलवार सुबह विपक्षी सांसद संसद के मकर द्वार पर जुटे। इसके बाद राहुल गांधी के नेतृत्व में INDIA ब्लॉक के सांसद चुनाव आयोग मुख्यालय की ओर मार्च के लिए निकले। मार्च को नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के पास बैरिकेडिंग लगाकर रोक दिया गया।
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विरोध के दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर पुलिस के सामने नजर आए। इसके बाद उन्होंने और दूसरे विपक्षी नेताओं ने वहीं विरोध शुरू कर दिया।
पुलिस द्वारा आगे जाने से रोके जाने के बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई नेता आकाशवाणी भवन परिसर में पहुंच गए। दोनों ने वहां धरना शुरू कर दिया और चुनाव आयोग के अधिकारियों से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।
राहुल गांधी का कहना था कि विपक्षी सांसद चुनाव आयोग के सामने अपने सवाल और दस्तावेज रखना चाहते हैं और आयोग को उनसे मिलना चाहिए।
करीब 8-9 घंटे चला धरना, फिर हिरासत
आकाशवाणी भवन परिसर में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और दूसरे विपक्षी नेताओं का धरना कई घंटे तक जारी रहा। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को परिसर खाली करने के लिए कहा, लेकिन नेता चुनाव आयोग से मुलाकात की मांग पर अड़े रहे।
आखिरकार शाम/रात में दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, दीपेंद्र सिंह हुड्डा, केसी वेणुगोपाल समेत कई नेताओं को हिरासत में ले लिया। (CEC Protest) रिपोर्टों के मुताबिक करीब 250 लोगों को हिरासत में लिया गया, जिनमें लगभग 50 सांसद शामिल थे। बाद में सभी को किंग्सवे कैंप से करीब रात 10 बजे रिहा कर दिया गया।
रिहाई के बाद राहुल गांधी अपने आवास पहुंचे, जबकि प्रियंका गांधी भी रिहाई के बाद घर लौट गईं।
राहुल गांधी का तीखा हमला- ‘ज्ञानेश, इस्तीफा दो’
पूरे प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी ने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर तीखे आरोप लगाए। उन्होंने SIR और कथित ‘वोट चोरी’ को लेकर चुनाव आयोग की भूमिका पर सवाल उठाया और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग दोहराई।
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पोस्ट में भी लिखा- ‘Gyanesh, it’s done bro. Time to resign.’ प्रदर्शन के दौरान उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, RSS प्रमुख मोहन भागवत और CEC ज्ञानेश कुमार पर लोकतांत्रिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने के आरोप भी लगाए।
हालांकि, ये राहुल गांधी और कांग्रेस के राजनीतिक आरोप हैं, जिन्हें चुनाव आयोग और बीजेपी खारिज करते रहे हैं।
चुनाव आयोग ने कहा- 4 बजे तक नहीं मिला था औपचारिक अनुरोध
विवाद का एक बड़ा केंद्र यह भी रहा कि विपक्षी सांसदों को चुनाव आयोग से मिलने क्यों नहीं दिया गया। चुनाव आयोग ने मंगलवार रात अपने स्पष्टीकरण में कहा कि शाम 4 बजे तक किसी राजनीतिक दल की ओर से अधिकृत प्रतिनिधियों के जरिए बैठक के लिए औपचारिक अनुरोध नहीं मिला था। (CEC Protest) आयोग के मुताबिक करीब 4 बजे दिल्ली पुलिस से जानकारी मिली कि राहुल गांधी के नेतृत्व में सांसदों का एक प्रतिनिधिमंडल आयोग से मिलना और ज्ञापन सौंपना चाहता है।
ECI ने कहा कि राजनीतिक दलों और संयुक्त प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात के लिए 2025 में एक निर्धारित प्रक्रिया बनाई गई थी। आयोग के अनुसार बैठक उसी प्रक्रिया के तहत तय समय और स्थान पर होनी चाहिए।
आयोग ने यह भी बताया कि उसने अपने वरिष्ठ अधिकारी को प्रदर्शन स्थल पर भेजकर ज्ञापन लेने का विकल्प दिया था, लेकिन विपक्षी सांसदों ने इसे स्वीकार नहीं किया।
यही स्पष्टीकरण अब कांग्रेस के इस आरोप के सामने है कि चुनाव आयोग विपक्षी सांसदों से बातचीत से बच रहा है।
SIR और Form 6 पर क्यों भिड़ा है विपक्ष?
विपक्ष का मुख्य निशाना Special Intensive Revision (SIR) और मतदाता सूची में बदलाव हैं। कांग्रेस लगातार आरोप लगा रही है कि मतदाता सूचियों के पुनरीक्षण की प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल हैं।
इसके साथ ही Form 6 का मुद्दा भी विवाद के केंद्र में है। इसी फॉर्म के जरिए नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए आवेदन किया जाता है।
5 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में Form 6 से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट किया था कि उसने किसी संशोधित Form 6 को मंजूरी नहीं दी है और संबंधित रिकॉर्ड देखने की बात कही थी। हालांकि, अदालत की इस टिप्पणी को सीधे तौर पर CEC ज्ञानेश कुमार द्वारा किसी ‘अवैध बदलाव’ की पुष्टि के रूप में पेश करना सही नहीं होगा।
कांग्रेस इस टिप्पणी को अपने सवालों के समर्थन में इस्तेमाल कर रही है, जबकि चुनाव आयोग Form 6 को लेकर लगाए गए आरोपों को खारिज कर चुका है।
कांग्रेस का दावा- आंदोलन रुकेगा नहीं
मंगलवार की कार्रवाई के बाद कांग्रेस ने संकेत दिया है कि हिरासत और रिहाई से आंदोलन खत्म नहीं होने वाला। पार्टी अब इस मुद्दे को संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह उठाने की तैयारी में है।
आज सुबह 10 बजे संसद भवन के गेट पर प्रदर्शन का ऐलान इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। इसके अलावा कांग्रेस की ओर से अलग-अलग राज्यों में भी प्रदर्शन किए जाने की तैयारी की खबरें हैं। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी 7 अक्टूबर को कांग्रेस ने राहुल गांधी की हिरासत के विरोध में चुनाव आयोग कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया।
इससे साफ है कि दिल्ली का टकराव अब केवल एक दिन के विरोध तक सीमित रहने के बजाय व्यापक राजनीतिक अभियान का रूप ले सकता है।
विपक्षी एकता की भी होगी परीक्षा
6 अक्टूबर के मार्च में कई विपक्षी दलों के सांसद शामिल हुए। हालांकि सभी विपक्षी दलों की रणनीति एक जैसी नहीं दिखी। मंगलवार के प्रदर्शन में DMK की अनुपस्थिति भी चर्चा का विषय बनी, जबकि BJD की ओर से समर्थन के संकेत मिले।
ऐसे में कांग्रेस के सामने दोहरी चुनौती है—एक तरफ SIR और चुनाव आयोग के मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाए रखना और दूसरी तरफ अलग-अलग विपक्षी दलों को एक मंच पर बनाए रखना।
अगर आज संसद के बाहर भी बड़ा प्रदर्शन होता है तो यह विवाद संसद के अंदर की राजनीति से निकलकर लगातार सड़क पर दिखाई देने वाला मुद्दा बन सकता है।
CEC ज्ञानेश कुमार का छत्तीसगढ़ दौरा भी स्थगित
इस बीच मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का 7 और 8 अक्टूबर का छत्तीसगढ़ दौरा स्थगित कर दिया गया है।
छत्तीसगढ़ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय की ओर से जारी सूचना में दौरा स्थगित करने की वजह ‘unavoidable reasons’ बताई गई है। नई तारीख बाद में घोषित की जाएगी।
यह फैसला दिल्ली में विपक्ष और चुनाव आयोग के बीच बढ़े टकराव के बीच सामने आया है। हालांकि दौरा स्थगित होने को दिल्ली के प्रदर्शन से जोड़ने की कोई आधिकारिक वजह नहीं बताई गई है।
बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया अराजकता फैलाने का आरोप
विपक्ष के प्रदर्शन पर बीजेपी ने भी तीखा पलटवार किया है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कांग्रेस और INDIA ब्लॉक पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और ‘अराजकता’ पैदा करने की कोशिश का आरोप लगाया।
बीजेपी ने यह भी कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने Form 6 को अवैध घोषित नहीं किया है। यानी एक तरफ कांग्रेस चुनाव आयोग की निष्पक्षता और SIR को लेकर सवाल उठा रही है, वहीं बीजेपी इन आरोपों को राजनीतिक अभियान करार दे रही है।
आज फिर आमने-सामने होंगे कांग्रेस और चुनाव आयोग
6 अक्टूबर का घटनाक्रम अब 7 अक्टूबर की राजनीति की जमीन तैयार कर चुका है। राहुल गांधी और प्रियंका गांधी की हिरासत, देर रात रिहाई, चुनाव आयोग का अपना स्पष्टीकरण और कांग्रेस की ओर से अगले प्रदर्शन का ऐलान—इन सबने विवाद को और तीखा कर दिया है।
आज सुबह 10 बजे संसद भवन के गेट पर प्रस्तावित प्रदर्शन पर सबसे ज्यादा नजर रहेगी। सवाल यह है कि क्या कांग्रेस केवल विरोध दर्ज कराएगी या मंगलवार की तरह एक बार फिर संसद से चुनाव आयोग की ओर मार्च की कोशिश होगी।
दूसरी ओर, चुनाव आयोग SIR, Form 6 और विपक्ष के आरोपों पर अपने आधिकारिक रुख पर कायम है। ऐसे में आज का प्रदर्शन यह तय करने में अहम हो सकता है कि CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कांग्रेस का अभियान कितना आगे जाता है और विपक्षी दल इस मुद्दे पर कितनी देर तक एकजुट रहते हैं।
फिलहाल इतना तय है कि राहुल गांधी और कांग्रेस ने पीछे हटने का कोई संकेत नहीं दिया है। मंगलवार की हिरासत के बाद अब ‘CEC इस्तीफा दो’, SIR और ‘वोट चोरी’ का मुद्दा एक बार फिर संसद के बाहर राजनीतिक संघर्ष का केंद्र बनने जा रहा है।
