CWG 2026: कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारत के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू लेकर आईं। महिला 48 किलोग्राम वर्ग में उन्होंने रिकॉर्डतोड़ प्रदर्शन करते हुए न सिर्फ स्वर्ण पदक जीता, बल्कि भारत के खाते में इस संस्करण का पहला गोल्ड भी जोड़ा। चानू ने कुल 190 किलोग्राम (85 किग्रा स्नैच + 105 किग्रा क्लीन एंड जर्क) वजन उठाकर दो नए रिकॉर्ड अपने नाम किए। वहीं पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने चोट के बावजूद शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक जीतकर भारत की पदक तालिका को और मजबूत किया। वहीं लॉन बाउल्स में भारत को निराशा हाथ लगी। जहां पुतुल सोनोवाल सेमीफाइनल की दौड़ से बाहर हो गए।
CWG 2026: मीराबाई चानू ने फिर साबित किया क्यों हैं भारत की सबसे भरोसेमंद वेटलिफ्टर
भारत की ओलंपिक पदक विजेता और विश्वस्तरीय वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने एक बार फिर बड़े मंच पर अपनी क्लास दिखाई। महिला 48 किलोग्राम वर्ग के फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही दबदबा बनाए रखा और बाकी खिलाड़ियों को काफी पीछे छोड़ दिया। चानू ने स्नैच में 85 किलोग्राम वजन उठाकर नया कॉमनवेल्थ रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में 105 किलोग्राम वजन सफलतापूर्वक उठाकर नया कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया। कुल 190 किलोग्राम वजन के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। इस जीत के साथ मीराबाई चानू ने अपने करियर का तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक हासिल किया। साथ ही यह उनके नाम का चौथा कॉमनवेल्थ गेम्स पदक भी बन गया। जो उनकी निरंतरता और शानदार फिटनेस का प्रमाण है।
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महिला 48 किलोग्राम वर्ग का परिणाम
स्वर्ण: मीराबाई चानू (भारत) – 190 किग्रा (85+105) – कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड
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रजत: रुथ असुओको न्योंग (नाइजीरिया) – 168 किग्रा (75+93)
कांस्य: आइरीन जेन हेनरी (मलेशिया) – 167 किग्रा (77+90)
चौथा स्थान – जो-बेथ डेइरागेरेआ (नाउरू) – 161 किग्रा
पांचवां स्थान – टैमी वोंग (इंग्लैंड) – 160 किग्रा
छठा स्थान – निकोल रॉबर्ट्स (वेल्स) – 154 किग्रा
सातवां स्थान – एलेक्स मैके (स्कॉटलैंड) – 142 किग्रा
आठवां स्थान – जैनेट एटिएनो ओडूर (केन्या) – 133 किग्रा
चानू ने रजत पदक जीतने वाली नाइजीरिया की खिलाड़ी से 22 किलोग्राम अधिक वजन उठाया।
ऋषिकांत सिंह ने चोट के बावजूद जीता रजत
पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में भारत के ऋषिकांत सिंह ने भी शानदार प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता के बाद उन्होंने खुलासा किया कि वह चोट से जूझ रहे थे। लेकिन देश के लिए पदक जीतने के लक्ष्य ने उन्हें मुकाबले में उतरने के लिए प्रेरित किया।
ऋषिकांत ने कुल 264 किलोग्राम (121+143) वजन उठाकर रजत पदक अपने नाम किया। मलेशिया के मोहम्मद अनिक बिन कस्डन ने 273 किलोग्राम वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता। ऋषिकांत ने स्नैच में 121 किलोग्राम वजन उठाकर कॉमनवेल्थ गेम्स रिकॉर्ड बनाया। इसके बाद क्लीन एंड जर्क में पहली ही कोशिश में 143 किलोग्राम सफलतापूर्वक उठाया। जबकि स्वर्ण से वह कुछ किलो पीछे रह गए, लेकिन चोट के बावजूद उनका प्रदर्शन पूरे भारतीय दल के लिए प्रेरणादायक रहा।
लॉन बाउल्स में टूटी पदक की उम्मीद
दूसरी ओर लॉन बाउल्स की पुरुष एकल स्पर्धा में भारत को झटका लगा। भारतीय खिलाड़ी पुतुल सोनोवाल को माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस के खिलाफ 10-4, 7-7 के स्कोर के बाद हार का सामना करना पड़ा।
इस हार के साथ पुतुल का सेमीफाइनल में पहुंचने का सपना समाप्त हो गया। साथ ही भारत की इस स्पर्धा में पदक की उम्मीद भी खत्म हो गई।
भारत के लिए शानदार शुरुआत
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में भारतीय वेटलिफ्टिंग टीम ने शुरुआती दिनों में ही शानदार प्रदर्शन कर यह संकेत दे दिया है। जिसके बाद इस बार भी उससे कई पदकों की उम्मीद की जा सकती है। मीराबाई चानू का स्वर्ण और ऋषिकांत सिंह का रजत भारत के अभियान को मजबूत शुरुआत देने वाले साबित हुए हैं। खास बात यह रही कि दोनों खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबलों में रिकॉर्ड स्तर का प्रदर्शन किया। इससे भारतीय दल का मनोबल भी काफी बढ़ा है।
मीराबाई चानू का शानदार रिकॉर्ड
मणिपुर की रहने वाली मीराबाई चानू पिछले कई वर्षों से भारतीय वेटलिफ्टिंग की सबसे बड़ी पहचान रही हैं। उन्होंने ओलंपिक, विश्व चैंपियनशिप, एशियाई प्रतियोगिताओं और कॉमनवेल्थ गेम्स में लगातार भारत को पदक दिलाए हैं। उनकी सबसे बड़ी ताकत बड़े मुकाबलों में दबाव को संभालना और लगातार बेहतरीन प्रदर्शन करना रही है। यही कारण है कि उन्हें भारतीय खेल जगत की सबसे भरोसेमंद खिलाड़ियों में गिना जाता है।
आगे भी पदकों की उम्मीद
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 अभी शुरुआती चरण में हैं और भारतीय दल की नजरें अब वेटलिफ्टिंग, कुश्ती, मुक्केबाजी, बैडमिंटन, शूटिंग, टेबल टेनिस और एथलेटिक्स जैसी स्पर्धाओं पर टिकी हैं। इन खेलों में भारत पारंपरिक रूप से मजबूत रहा है और आने वाले दिनों में पदकों की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी की उम्मीद की जा रही है।
