Lucknow Vikasnagar Slum Fire: लखनऊ के विकासनगर इलाके में 15 अप्रैल को लगी भीषण आग ने बड़ा मानवीय और प्रशासनिक सवाल खड़ा कर दिया है। इस हादसे में करीब 250 झुग्गियां जलकर राख हो गईं और दो सगी बहनों की दर्दनाक मौत हो गई। यह झुग्गियां जिस जमीन पर बनी थीं, वह लोक निर्माण विभाग (PWD) की बताई जा रही है, जहां वर्षों से लोग अस्थायी रूप से रह रहे थे।
दरअसल, इस जमीन को पहले वेयरहाउस निर्माण के लिए दिया गया था, लेकिन निर्माण न होने के कारण यह खाली पड़ी रही और धीरे-धीरे यहां झुग्गियां बस गईं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, पिछले लगभग 30 वर्षों में यहां एक झुग्गी से शुरुआत हुई और देखते ही देखते यह संख्या 250 से अधिक हो गई। (Lucknow Vikasnagar Slum Fire) लोगों ने यहां अपने घर बना लिए, छोटी दुकानें खोलीं और कुछ ने इन्हें गोदाम के रूप में भी इस्तेमाल करना शुरू कर दिया।
Lucknow Vikasnagar Slum Fire: 2023 में झुग्गीवासियों के लिए बनी थी फ्लैट बनाने की योजना
सरकार ने 2023 में इस जमीन पर झुग्गीवासियों के लिए फ्लैट बनाने की योजना बनाई थी। इस योजना की जिम्मेदारी राज्य नगरीय विकास अभिकरण (सूडा) को दी गई। पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल के तहत इस परियोजना को आगे बढ़ाने की तैयारी हुई और 2024 में संबंधित विभागों ने संयुक्त सर्वे भी किया। इसके बाद 2025 में मिनी स्टेडियम परिसर में कैंप लगाकर झुग्गीवासियों के दस्तावेज जुटाए गए। (Lucknow Vikasnagar Slum Fire) लोगों को भरोसा दिलाया गया कि 2026-27 तक उन्हें पक्के फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, यह योजना आगे नहीं बढ़ सकी क्योंकि PWD से सूडा को जमीन का औपचारिक हस्तांतरण नहीं हो पाया। साथ ही, निजी बिल्डरों ने भी इस परियोजना में रुचि नहीं दिखाई, क्योंकि उन्हें लागत वसूली को लेकर संदेह था।
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आग की घटना ने खोल दी व्यवस्था की पोल
इस बीच, आग की घटना ने पूरी व्यवस्था की पोल खोल दी। हादसे के बाद पीड़ितों ने बताया कि उन्हें पहले ही जमीन खाली करने के लिए कहा गया था, लेकिन वैकल्पिक व्यवस्था न होने के कारण वे वहीं रहने को मजबूर थे। (Lucknow Vikasnagar Slum Fire) मामले ने कानूनी मोड़ भी ले लिया है। इलाहाबाद हाईकोर्ट लखनऊ खंडपीठ ने इस घटना पर संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी, नगर निगम, मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) और मुख्य अग्निशमन अधिकारी से जवाब मांगा है। कोर्ट ने 30 मई तक विस्तृत शपथपत्र दाखिल करने के निर्देश दिए हैं।
