LPU Students Protest: जालंधर में शनिवार देर रात लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी यानी एलपीयू (Lovely Professional University) के कैंपस में छात्रों ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। गर्ल्स हॉस्टल (Girls Hostel) से जुड़े एक गंभीर मामले को लेकर बड़ी संख्या में छात्र कैंपस में जुट गए और देखते ही देखते स्थिति तनावपूर्ण हो गई। छात्रों के प्रदर्शन के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया (Social Media) पर सामने आए हैं।
सोशल मीडिया पर किए जा रहे कुछ दावों में एक छात्रा के कथित रेप (Rape) और इसके बाद आत्महत्या (Suicide) करने की बात कही गई। हालांकि, इन दावों की पुलिस या यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। यही वजह है कि फिलहाल इस पूरे मामले को लेकर सामने आ रही जानकारी में सोशल मीडिया के दावों और पुलिस के आधिकारिक बयान के बीच अंतर बना हुआ है।
LPU Students Protest: वायरल मैसेज से फैली खबर
एसएसपी गौरव तूरा ने आज तक से बातचीत में बताया कि एक वायरल मैसेज के जरिए एक अपुष्ट घटना की जानकारी सामने आई थी। कुछ छात्रों ने दावा किया था कि एक छात्रा ने आत्महत्या की है, जबकि कुछ छात्रों की ओर से उसके साथ रेप किए जाने का दावा किया गया। इसी जानकारी के बाद छात्रों में यूनिवर्सिटी प्रशासन के खिलाफ आक्रोश बढ़ गया। देखते ही देखते बड़ी संख्या में छात्र गर्ल्स हॉस्टल के पास जमा हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
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सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों में बड़ी संख्या में छात्रों को कैंपस में प्रदर्शन करते हुए देखा गया। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट में इस मामले को लेकर एक कर्मचारी पर भी आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की भी अब तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
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पुलिस को नहीं मिला कोई सबूत
एसएसपी गौरव तूरा के मुताबिक, पुलिस को अब तक ऐसी घटना की पुष्टि करने वाला कोई सबूत नहीं मिला है। पुलिस के पास इस मामले को लेकर कोई शिकायत भी नहीं आई है।
पुलिस के मुताबिक, वायरल मैसेज के बाद छात्रों के बीच घटना को लेकर आक्रोश फैल गया था। पुलिस अब पूरे मामले की जानकारी जुटा रही है। फिलहाल पुलिस के सामने सबसे अहम बात यही है कि सोशल मीडिया पर किए जा रहे दावों की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है।
2000 छात्र प्रदर्शन में शामिल
पुलिस का कहना है कि विरोध प्रदर्शन (Student Protest) में करीब 2,000 छात्रों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन की शुरुआत गर्ल्स हॉस्टल के पास हुई थी। इसके बाद भीड़ कैंपस के दूसरे हिस्सों में पहुंच गई और स्थिति बिगड़ गई।
पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन के दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचाया गया। छात्रों पर दंगा और तोड़फोड़ करने की बात भी सामने आई है।
शीशे तोड़े, ईंट-गमले फेंके
पुलिस के अनुसार प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कैंपस में तोड़फोड़ की। कई जगहों पर खिड़कियों के शीशे तोड़े गए। छात्रों ने ईंट और गमले भी फेंके।
इसके अलावा कैंपस के अंदर कुछ इमारतों के हिस्सों में आग लगाए जाने की भी जानकारी पुलिस की ओर से दी गई है। इस दौरान यूनिवर्सिटी की संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा।
नेशनल हाईवे भी घेरा
प्रदर्शन का असर कैंपस से बाहर भी दिखाई दिया। पुलिस के मुताबिक, छात्रों ने नेशनल हाईवे (National Highway) को भी घेर लिया था। इसके चलते कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ।
हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब हाईवे को खोल दिया गया है और वहां यातायात सामान्य हो गया है। पुलिस के मुताबिक, स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया है।
एक दिन पहले चितकारा यूनिवर्सिटी में भी बवाल
एलपीयू में हुए इस घटनाक्रम से एक दिन पहले पटियाला के पास चितकारा यूनिवर्सिटी (Chitkara University) में भी इसी तरह की घटना सामने आई थी। इसके बाद एलपीयू में छात्रों के प्रदर्शन ने पंजाब के विश्वविद्यालयों में छात्र सुरक्षा और सोशल मीडिया पर फैलने वाली अपुष्ट सूचनाओं को लेकर चर्चा बढ़ा दी है।
हालांकि, एलपीयू से जुड़े मामले में फिलहाल पुलिस ने छात्रा के रेप और आत्महत्या के दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस के मुताबिक, न तो घटना की पुष्टि करने वाला कोई सबूत मिला है और न ही इस संबंध में कोई शिकायत पुलिस के पास पहुंची है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
भारी संख्या में छात्रों के प्रदर्शन और कैंपस में तोड़फोड़ के बाद पुलिस ने स्थिति को संभाला। पुलिस के मुताबिक अब हालात नियंत्रण में हैं और नेशनल हाईवे भी खोल दिया गया है।
फिलहाल इस पूरे मामले में सोशल मीडिया पर सामने आए दावों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। पुलिस की ओर से घटना के संबंध में कोई पुख्ता जानकारी सामने नहीं आई है। ऐसे में छात्रा के कथित रेप, आत्महत्या और कर्मचारी पर लगाए गए आरोपों को फिलहाल अपुष्ट दावों के तौर पर ही देखा जा रहा है।
