Priyanka Gandhi VS Rahul Gandhi: दिल्ली के बीकानेर हाउस में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा के बेटे रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। रेहान ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनी शुरू होने से ठीक पहले उनसे 70 से अधिक तस्वीरें हटाने को कहा गया। वहीं, बीकानेर हाउस प्रबंधन का कहना है कि कुछ तस्वीरें संस्था की नीतियों के अनुरूप नहीं थीं। इस विवाद के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने गांधी परिवार के भीतर कथित मतभेदों को लेकर भी सवाल उठाए हैं।
क्या है रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी का पूरा मामला?
रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी का नाम ‘No Idea Is Final’ है। इसका आयोजन दिल्ली के बीकानेर हाउस में किया जाना है। विवाद तब सामने आया, जब रेहान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट के जरिए तस्वीरें हटाने की मांग किए जाने की जानकारी दी।
रेहान के मुताबिक, उन्होंने 21 अक्टूबर को दोपहर 3:30 बजे तक प्रदर्शनी से संबंधित सभी जानकारियां बीकानेर हाउस प्रशासन को उपलब्ध करा दी थीं। इसके बावजूद आखिरी समय में 70 से अधिक तस्वीरें हटाने के लिए कहा गया। उन्होंने दावा किया कि इसके बाद प्रदर्शनी में करीब 40 तस्वीरें ही बचीं।
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राष्ट्रीय ध्वज और विरोध प्रदर्शनों की तस्वीरों पर भी आपत्ति
रेहान ने आरोप लगाया कि उनसे राष्ट्रीय ध्वज की एक तस्वीर हटाने के लिए भी कहा गया। इसके अलावा दिल्ली में हुए विरोध प्रदर्शनों से जुड़ी कुछ तस्वीरों पर भी प्रशासन ने आपत्ति जताई।
उनके दावे के अनुसार, संबंधित तस्वीरें नहीं हटाने की स्थिति में प्रदर्शनी आयोजित करने की अनुमति नहीं दिए जाने की चेतावनी दी गई थी। प्रदर्शनी शुरू होने से कुछ समय पहले तस्वीरों में बदलाव की मांग किए जाने से विवाद बढ़ गया।
हालांकि, तस्वीरों को हटाने के पीछे प्रशासन की ओर से बताई गई वजह और रेहान के आरोपों को अलग-अलग समझना जरूरी है। इस मामले में दोनों पक्षों के दावे सामने आए हैं।
BJP ने राहुल गांधी की चुप्पी पर उठाए सवाल
इस विवाद में BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने गांधी परिवार को लेकर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बीकानेर हाउस के नोटिस का हवाला देते हुए दावा किया कि रेहान ने 10 जून को ईमेल के जरिए प्रदर्शनी का प्रस्ताव दिया था। उनके मुताबिक, प्रस्ताव में प्रकृति, वन्यजीव, कला और मूर्तिकला जैसे विषयों का उल्लेख था, जबकि राजनीतिक सामग्री शामिल नहीं थी।
भंडारी ने दावा किया कि बीकानेर हाउस ने 30 जून को प्रस्ताव स्वीकार कर लिया था। उन्होंने सवाल उठाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी इस मामले पर खुलकर रेहान के समर्थन में क्यों नहीं आए।
BJP प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी वाड्रा अपने बेटे को राजनीति में आगे लाने की कोशिश कर रही हैं और इस विवाद के पीछे राजनीतिक मंशा हो सकती है। उन्होंने प्रियंका और राहुल गांधी के बीच कथित राजनीतिक मतभेदों को लेकर भी दावे किए।
हालांकि, गांधी परिवार के भीतर मतभेद होने और प्रियंका गांधी की राजनीतिक मंशा को लेकर लगाए गए ये आरोप BJP प्रवक्ता के हैं। इन्हें स्वतंत्र रूप से पुष्ट तथ्य नहीं माना जा सकता।
बीकानेर हाउस प्रबंधन ने क्या सफाई दी?
विवाद पर बीकानेर हाउस मैनेजमेंट सोसाइटी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि प्रदर्शनी में शामिल कुछ तस्वीरें संस्था की नीतियों के अनुरूप नहीं थीं। इसी कारण संबंधित तस्वीरों को हटाने के लिए कहा गया।
प्रबंधन के मुताबिक, बाकी तस्वीरें प्रदर्शनी में लगी हुई हैं। सोसाइटी ने यह भी कहा कि बीकानेर हाउस एक सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थान है, जहां कला और संस्कृति को बढ़ावा दिया जाता है। यहां आयोजित होने वाली प्रदर्शनियों और अन्य गतिविधियों में संस्था की निर्धारित नीतियों का पालन करना आवश्यक है।
कला से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक चर्चा में
रेहान वाड्रा की फोटो प्रदर्शनी को लेकर अब दो अलग-अलग पक्ष सामने हैं। रेहान का आरोप है कि आखिरी समय में बड़ी संख्या में तस्वीरें हटाने का दबाव बनाया गया, जबकि बीकानेर हाउस प्रबंधन का कहना है कि कुछ तस्वीरें उसकी नीतियों के अनुरूप नहीं थीं।
दूसरी ओर, BJP ने इस मामले को राहुल गांधी की चुप्पी और गांधी परिवार की राजनीति से जोड़कर सवाल उठाए हैं। फिलहाल विवाद का मुख्य केंद्र तस्वीरों को हटाने की वजह, प्रदर्शनी की सामग्री और सार्वजनिक सांस्कृतिक संस्थानों में लागू नियमों को लेकर है।
