France Protest: फ्रांस में जारी विरोध प्रदर्शन और हिंसक घटनाओं को देखते हुए भारत भी अलर्ट मोड (India Alert) पर आ गया है। बुधवार को भारतीय नागरिकों के लिए एडवाइजरी (Indian Advisory for France) जारी की गई है। इसमें फ्रांस में रहने वाले और वहां यात्रा करने वाले भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने और सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
हाल के दिनों में फ्रांस में महंगाई (France Inflation Protest) समेत कई मुद्दों को लेकर बड़े स्तर पर प्रदर्शन हुए हैं। कुछ जगहों पर हिंसा और लूटपाट की घटनाएं भी सामने आई हैं। इन्हीं हालात को देखते हुए पेरिस पुलिस (Paris Police) ने कुछ इलाकों में बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक नया कर्फ्यू (Paris Curfew) लगाने की घोषणा की है।
France Protest: भारतीय दूतावास ने जारी की एडवाइजरी
फ्रांस स्थित भारतीय दूतावास (Indian Embassy in France) की ओर से जारी एडवाइजरी में भारतीय नागरिकों से विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। दूतावास ने कहा है कि फ्रांस में रहने वाले और वहां की यात्रा करने वाले भारतीय नागरिक हालात और स्थानीय कर्फ्यू को देखते हुए सतर्क रहें।
- Advertisement -
भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन वाली जगहों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से दूर रहने की सलाह दी गई है। इसके साथ ही स्थानीय प्रशासन (French Local Authorities) की ओर से जारी निर्देशों का पालन करने को कहा गया है।
दूतावास ने यह भी कहा है कि भारतीय नागरिक स्थानीय समाचारों (France Latest News) के जरिए हालात की जानकारी लेते रहें। आधिकारिक अपडेट के लिए फ्रांस सरकार की वेबसाइट देखते रहने और सार्वजनिक परिवहन (France Public Transport) में किसी भी तरह की रुकावट की जानकारी पहले से जांचने की सलाह दी गई है।
आपात स्थिति में इन नंबरों पर करें संपर्क
भारतीय दूतावास ने आपातकालीन स्थिति (Emergency Helpline) के लिए संपर्क नंबर भी जारी किए हैं। पेरिस में दूतावास से संपर्क करने के लिए +33 6 48 34 00 63 नंबर और cons.paris@mea.gov.in ईमेल दिया गया है।
Also Read – किम जोंग उन के बाद कौन? बहन किम यो जोंग या बेटी किम जू ए, उत्तर कोरिया की सत्ता का सवाल
वहीं, मार्सिले में कॉन्सुलेट जनरल ऑफ इंडिया (Indian Consulate Marseille) से संपर्क करने के लिए +33 7 43 16 25 59 नंबर और cgo.marseille@mea.gov.in ईमेल जारी किया गया है।
ग्रीस तक पहुंची प्रदर्शन की आंच
फ्रांस के बाद यूरोप के दूसरे देशों में भी विरोध प्रदर्शन (Europe Protest) का असर देखने को मिल रहा है। बुधवार को ग्रीस की राजधानी एथेंस में हजारों छात्रों और शिक्षकों ने सड़कों पर उतरकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारी बढ़ती महंगाई (Rising Inflation) और बढ़ते खर्च के साथ शिक्षा बजट में कटौती का विरोध कर रहे थे। इस दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच नोकझोंक भी हुई।
युवा वर्ग सरकार की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में किए गए बजट आवंटन और कटौती को लेकर नाराज है। इसके अलावा उच्च शिक्षा और विश्वविद्यालयों में पंजीकरण शुल्क तथा फीस बढ़ाने के फैसले का भी विरोध किया जा रहा है।
अल्बानिया में भी हिंसक झड़प
अल्बानिया की राजधानी तिराना में भी प्रदर्शन (Albania Protest) लगातार जारी हैं। प्रदर्शन के आठवें दिन पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और वॉटर कैनन का इस्तेमाल किया।
प्रदर्शनकारी ट्यूशन फीस कम करने और शिक्षा के क्षेत्र में सरकारी निवेश बढ़ाने की मांग को लेकर आवाज उठा रहे हैं। यहां भी छात्रों और सरकार के बीच शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर तनाव बना हुआ है।
कई यूरोपीय देशों में विरोध
ग्रीस और अल्बानिया के अलावा फ्रांस, बेल्जियम, इटली और पुर्तगाल में भी बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन (Europe Inflation Protest) देखने को मिले हैं। इन देशों में महंगाई और शिक्षा सुधारों से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन हो रहे हैं।
ऐसे में फ्रांस में हिंसक घटनाओं और स्थानीय कर्फ्यू के बीच भारतीय दूतावास की एडवाइजरी को भारतीय नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण सावधानी के तौर पर देखा जा रहा है।
ट्रंप की टिप्पणी पर मैक्रों का पलटवार
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों (Emmanuel Macron) ने बुधवार को दावा किया कि विदेशी नेता फ्रांस के तनावपूर्ण सामाजिक माहौल का अपने राजनीतिक एजेंडे के लिए फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं। दरअसल, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने फ्रांस को लेकर कहा था, ‘अपनी सीमाएं बंद कीजिए और बहुत देर होने से पहले नियंत्रण अपने हाथ में लीजिए।’
इसके जवाब में मैक्रों ने कहा कि पिछले सप्ताहांत पेरिस और फ्रांस के दूसरे शहरों में हुई लूटपाट (France Looting) के बाद विदेशों में गलत सूचनाओं का प्रसार किया गया है। उन्होंने कहा कि इसके कारण कई लोगों और विदेशी नेताओं की ओर से ऐसी टिप्पणियां की गईं, जो उनके मुताबिक अस्वीकार्य और बेतुकी हैं। जब एक पत्रकार ने मैक्रों से पूछा कि क्या उनका इशारा डोनाल्ड ट्रंप की ओर था, तो फ्रांसीसी राष्ट्रपति ने इसका सीधा जवाब नहीं दिया।
फिलहाल फ्रांस में प्रदर्शन और तनावपूर्ण हालात के बीच भारत ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। भारतीय नागरिकों को प्रदर्शन और भीड़ वाले इलाकों से दूरी बनाए रखने, स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और लगातार आधिकारिक अपडेट लेते रहने की सलाह दी गई है।
