US Hindu Temple Attack: हर पुकार को अनसुना किया जा सकता है. लेकिन ‘प्रकृति की पुकार’ (शौच आदि) को नहीं. अगर अनसुना किया तो शरीर का नेचुरल प्रोसेस बिगड़ता है. कुछ ऐसा ही हुआ है बेल्जियम के ब्रसेल्स में. यहां यूरोपियन यूनियन से जुड़ा एक अहम शिखर सम्मेलन चल रहा था. इसमें यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की को भी आना था. अब उनके देश में जंग चल रही है तो पत्रकार उनसे बात करने के लिए खड़े थे. (US Hindu Temple Attack) लेकिन यहां पत्रकारों की चिंता सिर्फ ‘ब्रेकिंग न्यूज’ ही नहीं थी बल्कि एक अजीब-सी बदबू भी थी, जिसकी वजह से उन्हें कई बार प्रेस ब्रीफिंग रूम से बाहर निकलना पड़ा. अब पूरे यूरोपियन यूनियन के देशों में ये सवाल गूंज रहा कि कि ब्रीफिंग रूम में कौन ‘फार्ट’ कर रहा था, जिससे सबकी हालत खराब हो गई.
US Hindu Temple Attack: बदबू से परेशान पत्रकार
यह अजीबोगरीब घटना सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है. इस घटना से पत्रकारों के सामने एक ऐसा रहस्य खड़ा हो गया, जिसे पोलिटिको यूरोप ने एक पहेली करार दिया. लिखा कि ‘आखिर प्रेस ब्रीफिंग रूम में बार-बार पाद कौन रहा है?’ लेकिन खबरों से ऐसा लगता है कि यह कोई इकलौती घटना नहीं थी. (US Hindu Temple Attack) इससे एक शाम पहले भी, एक राजनयिक ब्रीफिंग के दौरान पत्रकारों को कुछ ऐसा ही झेलना पड़ा था. रिपोर्ट के मुताबिक ‘आंखों में पानी ला देने वाली बदबू’ के कारण कई पत्रकारों को कमरा छोड़कर भागना पड़ा.
राजनीतिक अर्थव्यवस्था विश्लेषक और पत्रकार शंकर अय्यर भी उनमें से हैं, जो वहां बदबू से प्रभावित हुए थे. हालांकि अय्यर ने इस घटना को बहुत मजेदार बताया. अय्यर ने एक्स पर लिखा,
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आखिर यह ‘अदृश्य पादने वाला’ कौन है? जेलेंस्की के साथ मीडिया बातचीत का इंतजार करते समय पत्रकारों को बार-बार एक बहुत ही खराब बदबू का सामना करना पड़ा.
कॉफी, ब्रेकिंग न्यूज और खराब हवा
राष्ट्रपति की ब्रीफिंग का इंतजार करना काफी थकाऊ हो सकता है. पत्रकारों को प्रेस सेंटर्स में कई घंटे बिताने पड़ते हैं ताकि कोई जरूरी घोषणा छूट न जाए. (US Hindu Temple Attack) लेकिन इस बार चुनौती थकान की नहीं, बल्कि एक रहस्यमयी बदबू की थी. सबका मकसद था वो इस बदबू के स्रोत से सुरक्षित दूरी बनाए रखें. अय्यर ने इस पर टिप्पणी करते हुए लिखा,
हर कोई बस कॉफी के सहारे चल रहा है और इस डर में है कि कहीं कोई ब्रीफिंग छूट न जाए, इसलिए ऐसी स्थिति की उम्मीद तो की ही जा सकती है.
फिर भी अय्यर ने उस अज्ञात व्यक्ति से एक गुजारिश की कि वह बाहर जाए और इस समस्या को सुलझाए. इससे पहले कि लोग बदबू के मारे बेहोश हो जाएं. (US Hindu Temple Attack) ये घटना पहले तो ब्रीफिंग रूम तक ही सीमित थी, लेकिन पोलिटिको यूरोप (POLITICO Europe) ने इस घटना को एक्स पर शेयर करके सबके सामने ला दिया. पोलिटिको ने लिखा,
जब पत्रकार जेलेंस्की का इंतजार कर रहे थे, तब बार-बार हवा छोड़ने के लिए कौन जिम्मेदार था?
सोशल मीडिया पर मजेदार चर्चाएं
यह कहानी उन पत्रकारों के लिए सीख की तरह थी जो राजनीति और डिप्लोमेसी की कवरेज को ग्लैमर के तौर पर देखते हैं. लेकिन ये यानी वो अज्ञात सोर्स से उठी बदबू एक ऐसा पहलू था, जिससे वो वाकिफ नहीं थे. यूक्रेनी पत्रकार इलिया पोनोमारेन्को ने मजाक में कहा,
हे भगवान, मुझे प्रेस रूम और सेंटर की याद आ रही है.
वहीं, अमेरिकी पोलिटिकल रिपोर्टर बेन जैकब्स ने इस ‘गड़बड़’ के पीछे के खाने-पीने का मजाक उड़ाते हुए लिखा,
जरा तब का इंतजार करें जब आप ब्रुसेल्स में बनने वाला ‘सीनेट बीन सूप’ चखेंगे.
इसके अलावा नेशनल सिक्योरिटी रिपोर्टर रॉबी ग्रामर ने इसे एक मजेदार एंगल दे दिया. उन्होंने लिखा,
रूस समर्थित इस ‘खतरनाक गैस कांड’ पर नाटो ने अभी तक कोई जवाब नहीं दिया है.
बाद में, पोलिटिको यूरोप ने इस समिट पर एक मजेदार टिप्पणी करते हुए कहा कि यह पूरी सभा असल में बस ‘हवा का एक बड़ा गुब्बारा’ बनकर रह गई. (US Hindu Temple Attack) कूटनीतिक तनाव, सख्त डेडलाइन और लंबी-लंबी ब्रीफिंग के आदी पत्रकारों के लिए, ब्रुसेल्स समिट में एक और चुनौती सामने आ गई थी. यह पता लगाना कि बिना एक शब्द बोले, पूरे कमरे को खाली कराने के लिए कौन जिम्मेदार था.
