Captain Smit Machar: बीते दिन बुधवार (30.09.2026) दुबई से इजरायल के तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई में हुई घटना विश्वभर में बड़ी चर्चा के केंद्र में है। इस घटना में कैप्टन स्मित मछार ‘रियल हीरो’ बनकर ज़बरदस्त हिम्मत दिखाई। जब ये फ्लाइट हवा में थी तो दो पायलटों के बीच बहस शुरू हुई और ओमान के रहने वाले को-पायलट ने मछार पर चाकू से अचानक से हमला कर दिया और विमान को क्रैश कराने का पूरा प्रयास किया। मछार ने घायल अवस्था में बड़ी बहादुरी दिखाई और पूरी समझ और सूझबूझ से इस प्लेन को क्रैश होने से बचाया और साथ सुरक्षित लैंडिंग कराई।
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Captain Smit Machar: आखिर… कौन हैं ‘रियल हीरो’ स्मित मछार?
बीते दिन हुई घटना के बाद पूरे विश्वभर के लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया है कि आखिर स्मित मछार कौन हैं? कहां के रहने वाले हैं? किस बैकग्राउंडस से आते हैं? ये सभी सवाल केवल दुनियाभर के लोगों में नहीं बल्कि इंडिया में भी लोग जानने के इच्छुक हैं। अब इस ‘रियल हीरो’ की पूरी कहानी सामने आ गयी है।
फ्लाईदुबई के पायलट कैप्टन स्मित मछार एक भारतीय नागरिक हैं और मुंबई के निवासी हैं। उन्होंने गुरुग्राम (पूर्व में गुड़गांव) से पायलट की ट्रेनिंग ली है। फ्लाईदुबई जॉइन करने से पहले वह स्पाइसजेट के पायलट थे। उन्होंने साल 2022 में स्पाइसजेट छोड़ दी थी।
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अब कैसी है कैप्टन मछार की हालत?
कैप्टन मछार की हालत अब बेहतर बताई जा रही है। कई दोस्त और साथी उन्हें एक बेहतरीन इंसान के तौर पर याद करते हैं और उनके ठीक होने की प्रार्थना कर रहे हैं। उन्हें ट्रेनिंग देने वाले एक सीनियर पायलट ने कहा, “उन्होंने न्यूजीलैंड से अपना कमर्शियल पायलट लाइसेंस (CPL) का कोर्स किया और फिर मानेसर (गुरुग्राम) में FSTC में बोइंग 737 पर टाइप रेटिंग की ट्रेनिंग ली।”
उन्होंने आगे कहा, “वह बहुत बेहतरीन और शांत स्वभाव वाले इंसान हैं और हमेशा कुछ नया सीखने के लिए हमेशा तैयार रहते हैं। मुझे उनके बारे में कोई भी बुरी बात याद नहीं है।” बता दें कि स्मित के भाई भी पायलट हैं और फ्लाईदुबई के लिए ही उड़ान भरते हैं।
कैप्टन मछार की PM Modi ने की प्रशंसा
पीएम नरेंद्र मोदी ने X पर पोस्ट शेयर करते हुए कहा कि कैप्टन स्मित मछार एक हीरो हैं। सबसे बड़े खतरे का हिम्मत से सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद, उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए बहुत हिम्मत और अटूट संकल्प दिखाया। उनकी बहादुरी से सैकड़ों लोगों की जान बची और एक बड़ी त्रासदी होते-होते टल गई। भारत को कैप्टन मच्छर पर गर्व है। उनके जल्द ठीक होने, नई ताकत पाने और अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहा हूं।
कैप्टन मछार की हिम्मत ने बचाई सैकड़ों यात्रियों की जान
ओमान के रहने वाले को-पायलट के हमले का शिकार होने के बावजूद घाटकोपर के रहने वाले इस कैप्टन ने न केवल हमलावर का सामना किया, बल्कि घायल होने के बाद भी प्लेन पर फिर से पूरा कंट्रोल भी हासिल किया। बेहद अचानक हुए हमले और गंभीर हालात के बाद भी सूझबूझ दिखाते हुए उन्होंने प्लेन को नीचे गिरने से बचा लिया। उस वक़्त बोइंग 737 MAX प्लेन गिरने की कगार पर था।
ट्रैकिंग साइट Flightradar24 के अनुसार, FZ 1073 के तौर पर उड़ रहा प्लेन (A6-FKF) केवल 29 सेकंड में 30,875 फीट से 16,750 फीट यानी 14,000 फीट (लगभग 4.3 किमी.) नीचे आ गया था। Flightradar24 के डेटा में तकरीबन 30,000 फीट प्रति मिनट की तेजी से नीचे आने की रफ्तार रिकॉर्ड की गई।
इस फ्लाइट में 174 यात्री थे, जिनमें से 166 इजरायली नागरिक थे। इस घटना के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी एक वीडियो के माध्यम से संदेश देते हुए कहा, “फ्लाइट के दौरान जब वे देश के लगभग पहुंच रहे थे तो एक पायलट ने दूसरे पायलट पर चाकू से हमला कर दिया। ऐसा लगता है कि उसने यात्रियों के साथ प्लेन को क्रैश करने का प्रयास किया।”
कैप्टन स्मित मछार ने इस मुश्किल वक़्त में प्लेन को खतरनाक तरीके से नीचे गिरने से बचा लिया। जैसे ही उन्होंने प्लेन को संभाला क्रू मेंबर्स ने कॉकपिट का दरवाजा खोला और हमलावर को-पायलट पर काबू पा लिया। FZ 1073 में दो और पायलट यात्री के तौर पर यात्रा कर रहे थे, जिन्हें तेल अवीव से दुबई वापस प्लेन उड़ाकर ले जाना था।
बता दे, विमान के तेजी से नीचे गोता लगाने के दौरान उसका रडार (जो दिशा बदलने के काम आता है) अलग हो गया था। फ्लाईदुबई के एक प्रवक्ता ने पुष्टि की कि फ्लाइट डेक पर “झगड़ा हुआ था”।
