Abhijeet Dipke: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के फाउंडर अभिजीत दीपके (Abhijeet Deepke) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) के सोशल मेडिअम प्लेटफार्म इंस्टाग्राम (Instagram) वीडियो को लेकर बेहद तगड़ी टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि यदि पीएम सोशल मीडिया पर इतना अच्छा कार्य कर रहे हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री का पद छोड़कर इन्फ्लुएंसर (Influencer) बन जाना चाहिए।
अभिजीत दीपके ने यह बयान महाराष्ट्र (Maharashtra) में अपने गृहनगर में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान दिया। उनका यह बयान प्रधानमंत्री के उन इंस्टाग्राम वीडियो के बाद आया, जिनमें वह युवाओं को संबोधित करते हुए नजर आए थे।
Abhijeet Dipke: ‘इन्फ्लुएंसर बनने में अधिक अच्छे हैं PM Modi’
पत्रकारों से बातचीत के दौरान अभिजीत दीपके ने कहा कि उन्हें लगता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन्फ्लुएंसर बनने का काम ज्यादा बेहतर तरीके से कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह इतने अच्छे इन्फ्लुएंसर हैं, तो उन्हें प्रधानमंत्री का पद छोड़ देना चाहिए, इन्फ्लुएंसर बन जाना चाहिए और देश चलाने की जिम्मेदारी किसी और को दे देनी चाहिए। दीपके का यह बयान अब राजनीतिक चर्चाओं का विषय बन गया है।
- Advertisement -
प्रियंका गांधी ने भी उठाए सोशल मीडिया को लेकर सवाल
प्रधानमंत्री के इंस्टाग्राम वीडियो को लेकर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी (Priyanka Gandhi) ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने मंगलवार को संसद में कहा कि सिर्फ सोशल मीडिया कंटेंट (Social Media Content) बनाकर युवा मतदाताओं का विश्वास नहीं जीता जा सकता। प्रियंका गांधी ने कहा कि नए एंगल से वीडियो बनाने भर से जेन जेड (Gen Z) का समर्थन नहीं मिलेगा। उनके मुताबिक प्रधानमंत्री को कैमरे का एंगल बदलने के बजाय अपने दिल का एंगल बदलने की आवश्यकता है।
Also Read –Bhai Tera Star Hai Review: राघव जुयाल की फिल्म भाई तेरा स्टार है कैसी है? जानिए इसके बारे में
पेपर लीक कानून पर भी अभिजीत दीपके ने रखी अपनी राय
लोकसभा (Lok Sabha) में पेपर लीक (Paper Leak) के खिलाफ पारित किए गए बिल पर भी अभिजीत दीपके ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि सिर्फ कानून बना देने से दिक्कतें खत्म नहीं होगी। जब तक कानून को सही तरीके से लागू नहीं किया जाएगा, तब तक कोई बड़ा परिवर्तन देखने को नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस देश में समय-समय पर कई अच्छे कानून बनाए गए हैं और लगातार नए कानून भी पास होते रहते हैं, लेकिन यदि उन्हें लागू करने की नीयत सही नहीं होगी तो उनका कोई विशेष लाभ नहीं होगा।
फास्ट-ट्रैक कोर्ट को लेकर भी साधा निशाना
अभिजीत दीपके ने फास्ट-ट्रैक कोर्ट (Fast-Track Court) को लेकर भी सरकार पर सवाल खड़े किये हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 3 दिन पहले पेपर लीक मामलों के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट का वादा किया था, जिससे लोगों में उम्मीद जगी थी कि मामलों की जल्द सुनवाई होगी। लेकिन पहली ही सुनवाई टाल दी गई क्योंकि सीबीआई (CBI) के वकील मौजूद नहीं थे।
दीपके ने कहा कि चाहे जितने भी कानून बना लिए जाएं, लेकिन जब तक उन्हें लागू करने वाले लोग अपनी जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभाएंगे, तब तक उन कानूनों का उद्देश्य पूरा नहीं हो सकेगा।
