Jordan Church Firing: जॉर्डन में एक चर्च के अंदर हुई गोलीबारी से हड़कंप मच गया है। शुक्रवार को करक शहर के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में बंदूकधारियों ने घुसकर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उस वक्त चर्च में अंतिम संस्कार चल रहा था और बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। इस हमले में सात लोगों की मौत की खबर है, जबकि कई अन्य घायल हो गए। (Jordan Church Firing) घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। सुरक्षा एजेंसियां मामले की जांच में जुटी हैं और अब तक किसी संगठन ने हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है।
Jordan Church Firing: गाड़ी से आए हमलावर, पांच मिनट तक चलाईं गोलियां
न्यूज एजेंसी AP की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना राजधानी अम्मान से करीब 180 किलोमीटर दक्षिण में स्थित करक शहर के एक ग्रीक ऑर्थोडॉक्स चर्च में हुई। (Jordan Church Firing) एक प्रत्यक्षदर्शी ने स्थानीय मीडिया ‘अल-ममलका’ को बताया कि हमलावर एक गाड़ी में आए थे। उन्होंने करीब पांच मिनट तक लगातार फायरिंग की और फिर वहां से फरार हो गए।
प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, घटना के समय चर्च के अंदर और आसपास करीब 150 से 200 लोग मौजूद थे। मारे गए लोगों में ज्यादातर की उम्र 50 से 70 साल के बीच बताई जा रही है। हालांकि, मृतकों और घायलों की पूरी जानकारी आधिकारिक तौर पर सामने आने का इंतजार है।
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CCTV में दिखाई दिए हथियारबंद लोग
BBC के मुताबिक, उसके द्वारा सत्यापित CCTV फुटेज में तीन हथियारबंद लोग सड़क से चर्च की ओर आते दिखाई देते हैं। फुटेज में दो लोग चर्च परिसर के वाहन प्रवेश द्वार की ओर जाते हैं। (Jordan Church Firing) इसके बाद वे कुछ देर पीछे हटते हैं और फिर तीसरे व्यक्ति के साथ वापस आते नजर आते हैं। तीनों के हाथों में पिस्तौल जैसी बंदूकें दिखाई दे रही हैं।
हमले के बाद के बताए जा रहे कुछ फुटेज में जमीन पर कई लोगों के शव और घायल लोग दिखाई देते हैं। इन दृश्यों के बीच मौके पर अफरा-तफरी का माहौल नजर आता है। फिलहाल, हमले के पीछे की वजह साफ नहीं हुई है और किसी ने भी इसकी जिम्मेदारी नहीं ली है।
सुरक्षा एजेंसियां जांच में जुटीं, प्रधानमंत्री करेंगे बैठक
जॉर्डन के सरकारी प्रवक्ता मोहम्मद अल-मोमानी ने बताया कि सुरक्षा एजेंसियां गोलीबारी की जांच कर रही हैं। गृह मंत्रालय के अधिकारियों की ओर से इस मामले में जल्द जानकारी दिए जाने की उम्मीद है। अल-मोमानी के अनुसार, देश के प्रधानमंत्री सुरक्षा परिषद की बैठक की अध्यक्षता करेंगे, जिसमें सभी मंत्री शामिल होंगे।
करक शहर में ईसाई समुदाय की अच्छी-खासी आबादी रहती है, जबकि जॉर्डन की अधिकांश आबादी मुस्लिम है। देश में इस तरह की हिंसक घटनाएं आम नहीं हैं, हालांकि अतीत में यहां जानलेवा हमले हो चुके हैं।
किंग अब्दुल्ला ने जताया दुख, लेबनान के राष्ट्रपति ने की निंदा
जॉर्डन के किंग अब्दुल्ला द्वितीय ने पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर उन्होंने कहा कि जो लोग विश्वासघात की गोलियों से जॉर्डन के लोगों को बांटने की कल्पना करते हैं, वे देश की एकता और दृढ़ता के सामने नाकाम होंगे।
वहीं, लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ आउन ने इस घटना को चर्च पर हुआ भयावह आतंकवादी हमला बताया। लेबनानी मीडिया के मुताबिक, उन्होंने कहा कि अंतिम संस्कार में शामिल लोगों और मृत्यु की पवित्रता का उल्लंघन सभी धार्मिक और मानवीय मूल्यों के खिलाफ है।
