Uttarakhand Landslide: उत्तराखंड में देर रात से लगातार रुक-रुक कर बारिश हो रही है। लगातार हो रही बारिश की वजह से कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हो गया है। उत्तरकाशी (Uttarkashi) और टिहरी (Tehri) में लैंडस्लाइड (Landslide) की घटनाएं सामने आई हैं, जबकि हरिद्वार (Haridwar) के रुड़की (Roorkee) में तेज बारिश के कारण घरों के अंदर पानी घुस गया है और कई इलाकों में जलभराव हो गया है। देहरादून (Dehradun) नेशनल हाईवे (National Highway) पर भी बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
Also Read –Lucknow Fire News: रेनसा और नोवोटेल होटल को एलडीए का नोटिस, 73 लाख रुपये तक लग सकता है जुर्माना
Uttarakhand Landslide: उत्तरकाशी में दो राष्ट्रीय राजमार्ग बंद
लगातार बारिश के चलते उत्तरकाशी में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (Gangotri National Highway) नालूपानी (Nalupani) के पास और यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग (Yamunotri National Highway) स्यानाचट्टी (Syanachatti) के पास लैंडस्लाइड होने से बंद हो गया है। मलबा आने के कारण यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है।
टिहरी में भूस्खलन से मकान ढहा
यहां टिहरी (Tehri) में बुधवार को नेशनल हाईवे-707ए (NH-707A) पर दुकानों के पास लैंडस्लाइड हुई। इस दौरान एक मकान ढह गया, जबकि आसपास के दो से तीन अन्य मकानों पर भी खतरा मंडरा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि ये मकान भी कभी भी गिर सकते हैं।
- Advertisement -
उत्तराखंड में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के बीच टिहरी गढ़वाल (Tehri Garhwal) जिले के कद्दूखाल (Kaddukhal) के पास भी बड़ा भूस्खलन हुआ। राहत की बात यह रही कि खतरे वाले इलाके को पहले ही खाली करा लिया गया था, इसलिए इस हादसे में कोई जनहानि या पशुहानि नहीं हुई।
पुरानी इमारत को नुकसान
यहां जिला आपदा प्रबंधन विभाग (District Disaster Management Department) के अनुसार, भूस्खलन की वजह से एक पुरानी खाली पड़ी इमारत क्षतिग्रस्त हो गई। आसपास का इलाका भी प्रभावित हुआ। प्रशासन ने खतरे को देखते हुए पहले ही दो रेस्टोरेंट (Restaurant), सड़क किनारे बने खोखे और मजदूरों के अस्थायी शेल्टर (Shelter) खाली करा दिए थे। इसी वजह से कोई भी व्यक्ति मलबे की चपेट में नहीं आया और एक बड़ा हादसा टल गया।
होटल निर्माण की खुदाई को माना जा रहा कारण
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, एक निजी व्यक्ति द्वारा होटल निर्माण के लिए कराई जा रही खुदाई के कारण पहाड़ी अस्थिर हो गई थी। माना जा रहा है कि इसी वजह से भूस्खलन हुआ। हालांकि, प्रशासन पूरे मामले की जांच कर रहा है।
पांच जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग (आईएमडी) (IMD) ने राज्य के पांच जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। देहरादून (Dehradun), हरिद्वार (Haridwar), ऊधम सिंह नगर (Udham Singh Nagar), नैनीताल (Nainital) और चंपावत (Champawat) के लिए ऑरेंज अलर्ट (Orange Alert) जारी किया गया है।
बारिश के अलर्ट को देखते हुए देहरादून, हरिद्वार, पिथौरागढ़ (Pithoragarh), नैनीताल, ऊधम सिंह नगर, चंपावत और अल्मोड़ा (Almora) के जिलाधिकारियों (DM) ने कक्षा 1 से 12 तक के सभी स्कूलों और आंगनबाड़ी केंद्रों (Anganwadi Centre) को बंद रखने के निर्देश दिए हैं।
बाकी जिलों में भी यलो अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक (Thunderstorm) और बौछारें पड़ने की संभावना है। बाकी जिलों के लिए यलो अलर्ट (Yellow Alert) जारी किया गया है, जहां कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है।
71 सड़कें बंद, देहरादून में लगातार बारिश
लगातार बारिश और भूस्खलन की वजह से प्रदेश में इस समय करीब 71 सड़कें बंद हैं। देहरादून में देर रात से रुक-रुककर तेज बारिश हो रही है। दिनभर आसमान में बादल छाए रहने और मध्यम से भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारों का दौर जारी रहने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग के अनुसार, देहरादून में अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है।
अगले तीन दिनों तक ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विभाग (आईएमडी) (IMD) के अनुसार, 10 जुलाई को राज्य के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारें पड़ने की संभावना है। खगोलशास्त्र
11 जुलाई को कुमाऊं मंडल (Kumaon Division) के अधिकांश जिलों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं। वहीं गढ़वाल मंडल (Garhwal Division) के कई इलाकों में भी इसी तरह का मौसम बने रहने की संभावना है।
12 जुलाई को भी राज्य के अनेक जिलों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज-चमक और बौछारों का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है। लगातार सक्रिय मानसून (Monsoon) को देखते हुए लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
