Iran US Tensions Ceasefire: मध्य पूर्व में फिर से तनाव की लकीर खिंच गई है। जहां अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप युद्ध रोकने और शांति स्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं, वहीं ईरान अब भी अपने रुख पर अडिग है। चीन के साथ हुई हालिया बातचीत में ईरान ने साफ कर दिया कि जब तक अमेरिका और इजरायल को पछतावा नहीं होगा, तब तक उनका जवाबी अभियान जारी रहेगा।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने चीनी समकक्ष Wang Yi को बताया कि अमेरिका और इजरायल की आक्रामक कार्रवाई क्षेत्र में अस्थिरता की मुख्य वजह हैं। (Iran US Tensions Ceasefire) अराघची ने कहा कि ईरान अपनी राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा तब तक करेगा जब तक कि सभी लक्ष्य पूरे नहीं हो जाते और दुश्मनों को अपनी हिंसक कार्रवाई पर पछतावा न करना पड़े।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज और सुरक्षा की चिंता
ईरान ने फारस की खाड़ी और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा को लेकर भी चेतावनी दी है। (Iran US Tensions Ceasefire) अराघची ने जोर देकर कहा कि उठाए गए कदम अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप हैं और इसका मकसद हमलावरों को इस महत्वपूर्ण जलमार्ग का दुरुपयोग करने से रोकना है।
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इसी बीच, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने इजरायल के खिलाफ अपने शक्तिशाली खैबर शिकन, इमाद और सेज्जिल मिसाइलों के साथ-साथ कमीकाजे ड्रोन तैनात किए। (Iran US Tensions Ceasefire) इन मिसाइलों ने तेल अवीव और रामत गन के सैन्य, वाणिज्यिक और खुफिया केंद्रों को निशाना बनाया।
अमेरिका की युद्धविराम पहल
अमेरिका ने ईरान को 15 सूत्रीय युद्धविराम योजना पेश की है, जिसमें पाकिस्तान मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है। यह प्रस्ताव ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सेना अपनी 82वीं एयरबोर्न डिवीजन से करीब 1,000 सैनिकों को अतिरिक्त तैनाती के लिए तैयार कर रही है, ताकि पहले से मौजूद 50,000 सैनिकों को और बल मिल सके।
