Mathura News: भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शुक्रवार सुबह वृंदावन पहुंचीं, जहां उन्होंने संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम में जाकर उनसे भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति ने संतों से मुलाकात की और आध्यात्मिक चर्चा में हिस्सा लिया। आश्रम में उनका स्वागत सादगी और श्रद्धा के वातावरण में किया गया। बताया गया कि राष्ट्रपति ने संत प्रेमानंद महाराज से भगवान की लीलाओं, भक्ति और भजन के महत्व पर विस्तार से चर्चा की। (Mathura News) प्रेमानंद महाराज ने उन्हें बताया कि मनुष्य के जीवन में भगवान के नाम का स्मरण अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। उन्होंने कहा कि सच्चे मन से किया गया नाम जप मन को शांति प्रदान करता है और जीवन को सही दिशा में ले जाता है।
Also Read –Iran War: ईरान की घेराबंदी शुरू! होर्मुज में 6 महाशक्तियों ने उतारा ‘प्लान B’, उठाया ये खूंखार कदम
प्रेमानंद महाराज ने राष्ट्रपति को समझाया कि “नाम जप में बहुत बड़ी शक्ति होती है। (Mathura News) कई महान संत और विद्वान भी भगवान के नाम के सामने नतमस्तक हो जाते हैं।” उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति सच्चे मन से राधा नाम का जाप करता है, तो भगवान श्रीकृष्ण स्वयं उसकी ओर आकर्षित हो जाते हैं। यही भक्ति की सबसे बड़ी शक्ति है।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी इस आध्यात्मिक वातावरण की सराहना की। उन्होंने कहा कि ब्रजभूमि में आकर उन्हें विशेष शांति और आनंद की अनुभूति हुई। (Mathura News) उन्होंने कहा कि ब्रज में भगवान की लीलाएं और भक्ति का जो वातावरण है, वह अद्वितीय है और कहीं और देखने को नहीं मिलता। राष्ट्रपति ने प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर स्वयं को सौभाग्यशाली बताया और कहा कि यहां आकर उन्हें आत्मिक संतोष प्राप्त हुआ है। इस अवसर पर आश्रम में मौजूद संतों और भक्तों ने भी राष्ट्रपति के आगमन पर प्रसन्नता व्यक्त की।
- Advertisement -
राष्ट्रपति के दौरे को देखते हुए पूरे क्षेत्र में सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए थे। आश्रम के आसपास प्रशासन और पुलिस बल तैनात रहा, ताकि कार्यक्रम शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
