PM Modi News: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को देशवासियों के साथ एक प्रेरणादायक संदेश साझा करते हुए हंसी को जीवन की सबसे अच्छी दवा बताया। उन्होंने प्राचीन भारतीय ज्ञान पर आधारित एक संस्कृत सुभाषित सोशल मीडिया एक पर पोस्ट किया, जिसमें मुस्कुराने और हंसने के महत्व को रेखांकित किया गया है।
PM Modi News: प्रधानमंत्री का पोस्ट
प्रधानमंत्री मोदी ने पोस्ट में लिखा “औषधेष्वपि सर्वेषु हास्यं श्रेष्ठं वदन्ति ह।
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स्वाधीनं सुलभं चैवारोग्यानन्दविवर्धनम्।।”
इस सुभाषित का अर्थ है कि सभी औषधियों में हंसी को सबसे श्रेष्ठ औषधि माना गया है, क्योंकि यह सहज, नि:शुल्क और आसानी से उपलब्ध होती है। (PM Modi News) साथ ही यह स्वास्थ्य और आनंद दोनों को बढ़ाती है। संदेश का सार यही है कि व्यक्ति को हर परिस्थिति में मुस्कुराते रहना चाहिए।
प्रधानमंत्री के इस पोस्ट के साथ 53 सेकेंड का एक वीडियो भी साझा किया गया, जिसमें इस संस्कृत श्लोक का हिंदी और अंग्रेजी में अर्थ समझाया गया है। वीडियो में बताया गया कि सकारात्मकता और हास्य जीवन को स्वस्थ और खुशहाल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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जनता के लिए प्रधानमंत्री की कोशिश
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री मोदी ने दिसंबर 2025 से भारतीय संस्कृति के कालजयी ज्ञान को आधुनिक जन-संवाद और नीति से जोड़ने के उद्देश्य से समय-समय पर संस्कृत सुभाषित साझा करने की शुरुआत की है। वे अक्सर अपने भाषणों, ‘मन की बात’ कार्यक्रम और सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से संस्कृत के प्रेरणादायक श्लोकों को जनमानस तक पहुंचाते रहे हैं।
संस्कृत सुभाषितों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना कोई साधारण नहीं…
प्रधानमंत्री द्वारा संस्कृत सुभाषितों को सार्वजनिक रूप से प्रस्तुत करना सिर्फ सांस्कृतिक संदेश नहीं है, बल्कि यह समकालीन शासन को भारत की सभ्यतागत परंपरा से जोड़ने का प्रयास भी माना जा रहा है। (PM Modi News) वे इन श्लोकों के माध्यम से विकास, स्थिरता, नैतिक नेतृत्व, लैंगिक न्याय और राष्ट्रीय उत्तरदायित्व जैसे आधुनिक विषयों को सरलता से समझाने का प्रयास करते हैं।
इससे पहले भी प्रधानमंत्री ने दिया था ज़ोर
इससे पहले 8 दिसंबर को प्रधानमंत्री ने संस्कृत की स्थायी प्रासंगिकता पर भी जोर दिया था। (PM Modi News) उन्होंने दूरदर्शन के ‘सुप्रभातम’ कार्यक्रम का उल्लेख करते हुए कहा था कि इसमें प्रतिदिन संस्कृत सुभाषित प्रस्तुत किए जाते हैं, जो संस्कृति और मूल्यों को जोड़ने का कार्य करते हैं।
बता दे, प्रधानमंत्री का यह संदेश ऐसे वक़्त में सामने आया है जब मानसिक स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। उनका यह सुभाषित देशवासियों को सरल तरीके से याद दिलाता है कि मुस्कान और हंसी जीवन की सबसे सस्ती और प्रभावी दवा है।
