US Fighter Jet: भारत ने हाल ही में फ्रांस से 114 राफेल लड़ाकू विमान खरीदने का बड़ा समझौता किया है। इसी बीच अमेरिका ने भी अपने नए मानवरहित लड़ाकू विमान YFQ-44A ‘फ्यूरी’ का सफल परीक्षण किया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि यह विमान आने वाले समय में हवाई युद्ध की रणनीति बदल सकता है। इसे इंसानों द्वारा उड़ाए जाने वाले फाइटर जेट्स के साथ मिलकर काम करने के लिए तैयार किया गया है।
US Fighter Jet: क्या है YFQ-44A फ्यूरी?
YFQ-44A एक आधुनिक मानवरहित लड़ाकू विमान (Unmanned Fighter Aircraft) है। इसे अमेरिकी वायुसेना के कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (CCA) कार्यक्रम के तहत विकसित किया गया है। इस विमान का उद्देश्य अकेले युद्ध लड़ना नहीं, बल्कि F-22, F-35 और भविष्य के अन्य लड़ाकू विमानों के साथ मिलकर मिशन को आसान और सुरक्षित बनाना है। यही वजह है कि इसे “लॉयल विंगमैन” यानी भरोसेमंद साथी की तरह देखा जा रहा है।
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सफल रहा ऑपरेशनल ट्रायल
अमेरिकी वायुसेना ने कैलिफोर्निया के एडवर्ड्स एयर फोर्स बेस पर YFQ-44A का सफल ऑपरेशनल परीक्षण किया। (US Fighter Jet) इस दौरान विमान की स्वचालित उड़ान, मिशन पूरा करने की क्षमता और तकनीकी प्रदर्शन का मूल्यांकन किया गया। खास बात यह रही कि पूरे परीक्षण में विमान को उड़ाने के लिए किसी पायलट की जरूरत नहीं पड़ी। मिशन की योजना एक लैपटॉप के जरिए सिस्टम में अपलोड की गई, जिसके बाद विमान ने खुद टैक्सींग, टेकऑफ, उड़ान और मिशन पूरा किया।
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AI तकनीक इसकी सबसे बड़ी ताकत
YFQ-44A की सबसे बड़ी खासियत इसकी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित प्रणाली है। यह विमान कई फैसले खुद लेने में सक्षम है और जरूरत पड़ने पर इंसानी लड़ाकू विमानों के साथ तालमेल बनाकर काम कर सकता है। (US Fighter Jet) रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि भविष्य में AI और मानव संचालित फाइटर जेट्स की यह साझेदारी युद्ध के तरीके को पूरी तरह बदल सकती है।
कम संसाधनों में भी हो सकता है संचालन
इस विमान को इस तरह डिजाइन किया गया है कि इसे चलाने और तैयार करने के लिए बहुत ज्यादा तकनीकी स्टाफ की जरूरत नहीं पड़ती। (US Fighter Jet) परीक्षण के दौरान एयरफोर्स के तकनीकी कर्मचारियों ने कम समय की ट्रेनिंग के बाद ही कई बार विमान को दोबारा मिशन के लिए तैयार कर दिया। इससे भविष्य में कम लागत और कम समय में बड़े स्तर पर ऑपरेशन चलाना आसान हो सकता है।
तकनीकी खूबियां
उपलब्ध जानकारी के अनुसार YFQ-44A की लंबाई करीब 6 मीटर और पंखों का फैलाव लगभग 5 मीटर है। इसका अधिकतम टेकऑफ वजन करीब 2,268 किलोग्राम बताया जाता है। इसमें टर्बोफैन इंजन लगा है और इसकी अधिकतम गति ध्वनि की गति से भी अधिक यानी करीब मैक 1.2 तक पहुंच सकती है। (US Fighter Jet) इसका डिजाइन स्टील्थ तकनीक को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिससे रडार पर इसकी पहचान करना मुश्किल हो सकता है। हालांकि इसमें अंदरूनी हथियार रखने की सुविधा नहीं है, इसलिए इसकी हथियार क्षमता सीमित मानी जाती है। इसका मुख्य उपयोग निगरानी, इलेक्ट्रॉनिक युद्ध और लड़ाकू विमानों को समर्थन देने में होगा।
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भविष्य की योजना
अमेरिकी वायुसेना की योजना आने वाले वर्षों में ऐसे करीब 1,000 कोलैबोरेटिव कॉम्बैट एयरक्राफ्ट अपने बेड़े में शामिल करने की है। (US Fighter Jet) फिलहाल इस कार्यक्रम में एंडुरिल इंडस्ट्रीज और जनरल एटॉमिक्स जैसी कंपनियां काम कर रही हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह परियोजना सफल रहती है, तो आने वाले वर्षों में दुनिया की कई वायु सेनाएं मानव और AI आधारित लड़ाकू विमानों की संयुक्त रणनीति अपनाती नजर आ सकती हैं। इससे हवाई युद्ध की दिशा और तकनीक दोनों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
