India slams Khawaja Asif: पड़ोसी देश पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सेशेल्स देश से मिले ऐतिहासिक राष्ट्रीय सम्मान पर अमर्यादित टिप्पणी करना बेहद भारी पड़ गया है. भारत सरकार ने उनके इस बेतुके और नफरत से भरे बयान पर अब तक का सबसे तीखा और कड़ा पलटवार किया है. नई दिल्ली के उच्च पदस्थ सरकारी सूत्रों ने पाकिस्तानी रक्षा मंत्री की मानसिक स्थिति पर ही गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. (India slams Khawaja Asif) भारत सरकार की तरफ से तंज कसते हुए साफ कहा गया है कि ख्वाजा आसिफ के पास अपने देश में करने के लिए कोई काम-धंधा नहीं बचा है और वे अंतरराष्ट्रीय मामलों पर बचकाने कमेंट करके सिर्फ अपना टाइमपास कर रहे हैं, जबकि उन्हें इन गंभीर विषयों की रत्ती भर भी समझ नहीं है.
India slams Khawaja Asif: रक्षा मंत्री का पद मिलना ही पाकिस्तान की बदहाली
मीडिया रिपोर्ट के जरिए सामने आए भारत सरकार के इन आधिकारिक सूत्रों ने पाकिस्तानी हुकूमत को जमकर आड़े हाथों लिया है. (India slams Khawaja Asif) सूत्रों ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ख्वाजा आसिफ जैसे गैर-जिम्मेदार इंसान को रक्षा मंत्रालय जैसी इतनी बड़ी और संवेदनशील जिम्मेदारी मिलना ही आज के पाकिस्तान के बदतर और बदहाल हालातों की असली कहानी को बयां करता है. दिल्ली के गलियारों से आई इस प्रतिक्रिया में साफ कहा गया है कि यह बात आज पूरी दुनिया बहुत अच्छे से जानती है कि ख्वाजा आसिफ मानसिक रूप से पूरी तरह अस्थिर हो चुके हैं.
खाली बैठे नेताओं को अंदर से खा रही है जलन
भारतीय सूत्रों ने कड़े शब्दों में कहा कि पाकिस्तान के रक्षा मंत्री के पास दिन भर फालतू बैठने के अलावा कोई दूसरा काम नहीं है. वे उन वैश्विक चीजों पर अपनी बकवास टिप्पणी करके समय बर्बाद करते हैं, जिनका उन्हें कोई बुनियादी ज्ञान तक नहीं है. (India slams Khawaja Asif) जब नफरत और ईर्ष्या से भरे किसी व्यक्ति के भीतर की जलन इस तरह सरेआम बाहर आती है, तो वह बेहद घटिया और हास्यास्पद लगती है. आपको बता दें कि यह तीखा गुस्सा तब फूटा जब आसिफ ने पीएम मोदी को मिले सेशेल्स के सर्वोच्च सम्मान का मजाक उड़ाते हुए इसे ‘पहले से सेटिंग’ करके फिक्स किया गया अवॉर्ड बताया था.
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PM मोदी को मिला दुनिया का पहला अनोखा सम्मान
दरअसल, पिछले हफ्ते सेशेल्स के आधिकारिक दौरे पर गए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को वहां के नए राष्ट्रपति द्वारा एक बेहद खास सम्मान ‘गार्जियन ऑफ द ब्लू होराइजन’ से नवाजा गया था. पीएम मोदी को यह बड़ा पुरस्कार पर्यावरण के संरक्षण और दुनिया के छोटे द्वीपीय देशों के विकास में उनके द्वारा दिए गए ऐतिहासिक योगदान के लिए दिया गया है. (India slams Khawaja Asif) इस वैश्विक पुरस्कार को हासिल करने वाले पीएम मोदी पूरी दुनिया के पहले सर्वोच्च नेता बन गए हैं. दिलचस्प बात यह है कि सेशेल्स की सरकार ने पीएम मोदी के इस दौरे से कुछ हफ्ते पहले ही अपने देश की पुरानी पुरस्कार प्रणाली को पूरी तरह बदलकर इस बिल्कुल नए राष्ट्रीय सम्मान को शुरू किया था.
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देश में भी मचा था बवाल
इस अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड को लेकर भारत के भीतर भी विपक्षी दलों ने सोशल मीडिया पर जमकर सियासी घमासान मचाया था. विपक्ष ने इस अवॉर्ड के ऑफिशियल प्रशस्ति पत्र की एक तस्वीर इंटरनेट पर साझा करते हुए यह बड़ा दावा किया था कि इसमें स्पेलिंग और टाइपिंग की कई गंभीर गलतियां मौजूद हैं. विपक्षी नेताओं का आरोप था कि इस सर्टिफिकेट को एआई टूल्स की मदद से बहुत ही जल्दबाजी में तैयार करवाया गया है.
सेशेल्स सरकार ने खुद सामने आकर दी सफाई
इस बढ़ते हुए विवाद को देखते हुए खुद सेशेल्स सरकार को सामने आना पड़ा और उन्होंने आधिकारिक सफाई जारी की. सेशेल्स प्रशासन ने स्पष्ट किया कि पीएम मोदी को दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान पूरी तरह से असली और प्रामाणिक है. (India slams Khawaja Asif) उन्होंने बताया कि उनके देश का पुराना अवॉर्ड सिस्टम राजनीतिक विवादों के कारण पहले ही रद्द कर दिया गया था और नया ढांचा तैयार हो रहा था. इस नए सम्मान को वहां की कैबिनेट ने 24 जून को ही अपनी अंतिम मंजूरी दी थी, यानी पीएम मोदी के सेशेल्स पहुंचने से महज कुछ ही दिन पहले यह कानून बना था.
