SP MLC Dog Remark Controversy: उत्तर प्रदेश में जैसे-जैसे 2027 के आगामी विधानसभा चुनावों की सुगबुगाहट तेज होती जा रही है, वैसे-वैसे नेताओं के बयानों में तल्खी और कड़वाहट बढ़ती दिख रही है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) लाल बिहारी यादव द्वारा शिक्षकों की एक जनसभा के दौरान दी गई विवादित टिप्पणी ने पूरे प्रदेश के राजनीतिक पारे को अचानक बढ़ा दिया है।
उन्होंने चुनावी वफादारी का जिक्र करते हुए एक बेहद आपत्तिजनक बयान दे डाला। एमएलसी ने कहा कि यदि अखिलेश यादव किसी कुत्ते के गले में भी पार्टी का चुनाव चिन्ह या घंटी बांधकर मैदान में उतार दें, तो जनता को उसी प्रत्याशी के पक्ष में मतदान करना है। इस बयान के सार्वजनिक होते ही राजनीतिक विश्लेषकों और आम नागरिकों में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है।
SP MLC Dog Remark Controversy: समाजवादी पार्टी ने किया किनारा
बयान पर शुरू हुए प्रचंड विवाद को देखते हुए समाजवादी पार्टी तुरंत रक्षात्मक मुद्रा में आ गई है और आधिकारिक स्तर पर इस टिप्पणी से दूरी बनाती दिख रही है। सपा के वरिष्ठ प्रवक्ता दीपक रंजन ने मामले को शांत करने का प्रयास करते हुए स्पष्ट किया कि लोकतंत्र में असली ताकत जनता के पास होती है।
उन्होंने कहा कि किसने क्या टिप्पणी की, इस पर ध्यान केंद्रित करने के बजाय नीतिगत मुद्दों पर बात होनी चाहिए। प्रवक्ता ने जोर देकर कहा कि यह एमएलसी की व्यक्तिगत सोच या निजी बयान हो सकता है, जिसका पार्टी की आधिकारिक विचारधारा से कोई संबंध नहीं है।
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भारतीय जनता पार्टी का तीखा पलटवार
दूसरी ओर, सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी ने इस मुद्दे को हाथों-हाथ लेते हुए सपा के शीर्ष नेतृत्व और पूरी पार्टी को कटघरे में खड़ा कर दिया है। भाजपा नेता आलोक अवस्थी ने बेहद कड़े शब्दों में हमले करते हुए कहा कि लोकतंत्र और मतदाताओं का इससे बड़ा अपमान नहीं हो सकता।
उन्होंने कटाक्ष किया कि जल्द ही समाजवादी पार्टी के कार्यालय के बाहर तमाम भावी उम्मीदवार पट्टा बांधकर अपनी दावेदारी पेश करते नजर आएंगे। भाजपा ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की स्वाभिमानी जनता इस प्रकार की भाषा शैली का माकूल जवाब आगामी चुनाव में वोट की चोट से देगी।
कांग्रेस ने किया सपा का बचाव
इस पूरे सियासी घमासान के बीच कांग्रेस पार्टी सपा नेता के बचाव में सामने आई है। कांग्रेस प्रवक्ता सुरेंद्र राजपूत ने कहा कि भाजपा को दूसरों के बयानों पर बेवजह हाय-तौबा मचाने की आदत है, जबकि उनके अपने नेता आपस में गुटबाजी में उलझे हुए हैं।
इस बयानबाजी के बीच सपा प्रमुख अखिलेश यादव के निर्देश पर पार्टी ने राज्य भर में बूथ स्तर पर अपना व्यापक जनसंपर्क अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी कार्यकर्ता अब घर-घर जाकर संगठन को मजबूत करने और मतदाताओं से सीधा संवाद स्थापित करने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
