Sonam Wangchuk Fast End: 26 दिनों से जारी आमरण अनशन के बाद आखिरकार जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने शुक्रवार को गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में अपना उपवास समाप्त कर दिया। केंद्र सरकार के साथ कई दौर की बातचीत और लगातार चली राजनीतिक एवं प्रशासनिक पहल के बाद उन्होंने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह की मौजूदगी में सूप पीकर अनशन तोड़ा। (Sonam Wangchuk Fast End) इस घटनाक्रम के साथ पिछले कई सप्ताह से जारी राजनीतिक और छात्र आंदोलन के बीच एक बड़ा मोड़ आ गया है।
अनशन समाप्त करने के तुरंत बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर कहा कि यह फैसला सरकार के साथ लंबी वार्ता, कुछ महत्वपूर्ण शर्तों और देश में संभावित हिंसा की आशंका को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक वीडियो संदेश जारी कर सरकार के साथ हुई बातचीत और अपनी शर्तों का पूरा विवरण सार्वजनिक करेंगे।
Sonam Wangchuk Fast End: देर रात चली बातचीत, फिर टूटा 26 दिन का अनशन
पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह मेदांता अस्पताल पहुंचे, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक से बात की और सूप पिलाकर अनशन खत्म कराया।
- Advertisement -
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसकी जानकारी साझा करते हुए कहा कि यह फैसला लंबी बातचीत, कुछ शर्तों पर बनी सहमति और देश में संभावित हिंसा की आशंका को देखते हुए लिया गया है। उन्होंने कहा कि वे जल्द ही एक वीडियो संदेश जारी कर उन शर्तों की पूरी जानकारी देंगे।
65 सांसदों ने की थी अनशन खत्म करने की अपील
सोनम वांगचुक ने अपनी पोस्ट में बताया कि पिछले कुछ दिनों के दौरान विभिन्न राजनीतिक दलों के 65 सांसदों ने उनसे मुलाकात की या पत्र लिखकर अनशन समाप्त करने का आग्रह किया था। उन्होंने कहा कि सभी पक्षों के साथ हुई विस्तृत चर्चा के बाद ही यह निर्णय लिया गया।
उन्होंने लिखा, “केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा, डॉ. जितेंद्र सिंह और लेह-लद्दाख की एपेक्स बॉडी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी में मैंने 26 दिनों बाद अपना अनशन समाप्त किया। जल्द ही मैं एक अलग वीडियो के माध्यम से इस निर्णय से जुड़ी सभी शर्तों की जानकारी साझा करूंगा।”
पेपर लीक विरोध प्रदर्शन के बीच हुई अहम मुलाकात
पेपर लीक मामले को लेकर जंतर-मंतर पर चल रहे विरोध प्रदर्शन के बीच गुरुवार देर रात केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और डॉ. जितेंद्र सिंह ने मेदांता अस्पताल पहुंचकर सोनम वांगचुक से मुलाकात की थी। दोनों पक्षों के बीच लंबी बातचीत के बाद वांगचुक ने अपना अनशन समाप्त करने पर सहमति जताई। इससे पहले बुधवार को विपक्षी दलों के प्रतिनिधिमंडल ने भी उनसे मुलाकात कर स्वास्थ्य का हवाला देते हुए उपवास समाप्त करने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जारी किया वीडियो संदेश
सोनम वांगचुक के अनशन समाप्त करने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी वीडियो संदेश और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए प्रतिक्रिया दी। प्रधानमंत्री ने उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना करते हुए कहा कि वे डॉक्टरों की सलाह का पूरी तरह पालन करें और शीघ्र ही अपना सामान्य स्वास्थ्य एवं वजन वापस प्राप्त करें।
प्रधानमंत्री ने कहा कि वे ईश्वर से सोनम वांगचुक के उत्तम स्वास्थ्य की प्रार्थना करते हैं।
शांति बनाए रखने की अपील
अनशन समाप्त करने के बाद सोनम वांगचुक ने अपने समर्थकों और देशवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि आंदोलन के दौरान किसी भी असामाजिक तत्व को हिंसा फैलाने का अवसर नहीं मिलना चाहिए।
उन्होंने कहा, “मैं सभी से आग्रह करता हूं कि कहीं भी किसी भी प्रकार की हिंसा न होने दें। सभी लोग सतर्क रहें। आंदोलन लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आगे बढ़ना चाहिए।”
सोनम वांगचुक ने यह भी स्पष्ट किया कि अनशन समाप्त करने से जुड़े सभी बिंदुओं और सरकार के साथ हुई बातचीत का पूरा विवरण वे जल्द ही एक अलग वीडियो संदेश के माध्यम से सार्वजनिक करेंगे।
