PM Meloni meets crown prince MBS: पश्चिम एशिया में जारी भीषण बारूद और मिसाइलों की जंग के बीच इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने एक ऐसा साहसी कदम उठाया है, जिसने पूरी दुनिया का ध्यान खींच लिया है। शुक्रवार को मेलोनी अचानक सऊदी अरब के जेद्दा पहुंचीं, जहाँ उन्होंने सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान (MBS) के साथ एक बेहद महत्वपूर्ण और रणनीतिक मुलाकात की। (PM Meloni meets crown prince MBS) यह दौरा सिर्फ एक औपचारिक मुलाकात नहीं है, बल्कि युद्ध की आग में झुलस रहे यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा को बचाने की एक बड़ी कोशिश है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा शुरू किए गए संघर्ष के बाद, मेलोनी सऊदी अरब का दौरा करने वाली यूरोपीय संघ की पहली शीर्ष नेता बन गई हैं।
PM Meloni meets crown prince MBS: ईरानी हमलों के बीच समर्थन और एकजुटता का संदेश
प्रधानमंत्री मेलोनी का यह दो-दिवसीय दौरा सऊदी अरब, कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) जैसे उन देशों के प्रति समर्थन जताने के लिए है, जो इस वक्त ईरानी हमलों के सीधे निशाने पर हैं। जेद्दा के किंग अब्दुलअजीज इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर मक्का के गवर्नर प्रिंस सऊद बिन मिशाल ने मेलोनी का जोरदार स्वागत किया। PM Meloni meets crown prince MBS) इसके तुरंत बाद मेलोनी और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच बंद कमरे में बातचीत हुई। इटली इस वक्त उन खाड़ी देशों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा दिखना चाहता है, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति की रीढ़ हैं।
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होर्मुज की नाकेबंदी और इटली में गहराता ऊर्जा संकट
मेलोनी की इस भागदौड़ के पीछे इटली की अपनी मजबूरी भी छिपी है। युद्ध से पहले इटली अपनी कुल गैस जरूरत का 10 प्रतिशत हिस्सा कतर से आने वाली एलएनजी (LNG) से पूरा करता था। इसके अलावा, मिडिल ईस्ट से आने वाले तेल पर इटली की 12 प्रतिशत निर्भरता थी। लेकिन ‘स्ट्रेट ऑफ होर्मुज’ के बंद होने से इटली की सांसें अटक गई हैं। अप्रैल से जून के बीच आने वाले 10 बड़े गैस कार्गो (जहाज) रास्ते में ही फंसे हुए हैं। कतर की निर्यात क्षमता का 17 प्रतिशत हिस्सा ईरानी हमलों में तबाह हो चुका है, जिससे इटली में गैस की किल्लत पैदा हो गई है।
अमेरिका से ‘गोल्डन पास’ की उम्मीद और भविष्य की रणनीति
इटली सरकार अब इस कमी को पूरा करने के लिए छटपटा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक, जून के महीने से इटली को अमेरिका के ‘गोल्डन पास एलएनजी’ प्लांट से गैस मिलना शुरू हो सकती है, जो एक बड़ी राहत होगी। मेलोनी का यह दौरा खाड़ी देशों के साथ नए और मजबूत रणनीतिक रिश्ते बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। (PM Meloni meets crown prince MBS) रोम को डर है कि अगर यह युद्ध लंबा चला, तो इटली की अर्थव्यवस्था और घरों के चूल्हे ठंडे पड़ सकते हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि मेलोनी और क्राउन प्रिंस की यह जुगलबंदी मिडिल ईस्ट के तनाव को कम करने और यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा को बहाल करने में कितनी मददगार साबित होती है।
