Neha Singh Rathore: भोजपुरी की लोकप्रिय लोक गायिका और सोशल मीडिया एक्टिविस्ट नेहा सिंह राठौर ने बुधवार को एक विवादित ट्वीट के माध्यम से केंद्र सरकार और विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा तंज कस दिया है।
Neha Singh Rathore: नेहा सिंह राठौर का विवादित पोस्ट
राठौर ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पर “अमेरिका के किसानों की आय दोगुनी करने वाले पहले प्रधानमंत्री बने चौकीदार जी”…, जिसके बाद राजनीतिक गलियारे और सोशल मीडिया पर एक बार फिर बहस तेज हो गई है।
उन्होंने अपने पोस्ट में यह भी सवाल खड़ा किया कि क्या वास्तव में भारत के किसानों की हितों और कृषि सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, या फिर सरकार विदेशियों के लिए नीतियाँ बना कर भारतीय किसान को पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर रही है। (Neha Singh Rathore) उनके इस ट्वीट ने प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व के खिलाफ कटाक्ष के रूप में जोर पकड़ा है और विपक्षी दलों तथा समर्थकों के बीच तीखी प्रतिक्रिया को जन्म दिया है।
ट्रेड डील का राजनीतिक योजना
यह ट्वीट उस वक़्त सामने आया है जब भारत और अमेरिका के बीच एक महत्वपूर्ण ट्रेड डील पर पूरे देश में चर्चा ज़ोरों पर है। ऐसा माना जा रहा है कि दोनों देशों के बीच कृषि और व्यापार समझौतों की रूपरेखा तैयार की जा रही है, जिसमें कृषि वस्तुओं के व्यापार और टैरिफ दरों को लेकर बातचीत चल रही है। (Neha Singh Rathore) इस बीच अमेरिका के किसानों के हितों पर केंद्रित शब्दों का प्रयोग राठौर ने अपने ट्वीटर पोस्ट में इसलिए किया जिससे यह साफ़ हो जाए कि वे इस मुद्दे पर सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल खड़े कर रही हैं।
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राजनीतिक विश्लेषकों की क्या राय है ?
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि राठौर का यह पोस्ट सरकार की विदेश नीतियों और घरेलू कृषि नीतियों के बीच अंतर को उजागर करने का प्रयास है। (Neha Singh Rathore) उन्होंने अपने शब्दों में ‘चौकीदार जी’ का उल्लेख कर वर्तमान प्रधानमंत्री की नीतियों पर तंज कसा है, जो कि आमतौर पर बीजेपी समर्थकों के बीच सम्मानजनक रूप से प्रयोग होने वाला संबोधन है।
विरोध और समर्थन दोनों में बढ़ी चर्चा
नेहा के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया पर समर्थकों और आलोचकों के बीच बहस तेज हो गई है। (Neha Singh Rathore) कुछ उपयोगकर्ताओं ने राठौर की बात का समर्थन करते हुए कृषि नीतियों और अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक निर्णयों पर गंभीर सवाल खड़े किये हैं। वहीं दूसरी तरफ, सरकार समर्थक लोग इसे राजनीतिक प्रोपेगैंडा और भ्रम फैलाने वाला बताया रहे हैं।
खासतौर से विपक्षी दलों ने भी इस मुद्दे का प्रयोग सरकार पर हमला करने के लिए किया है, जिसका कहना है कि किसानों की वास्तविक समस्याओं पर केंद्र सरकार ध्यान नहीं दे रही है और उसकी प्राथमिकता ऐसे व्यापार समझौतों में है जो बड़े व्यापारिक हितों को फायदा पहुंचा सकते हैं।
क्या यह मुद्दा और गहरा जाएगा?
विश्लेषकों के अनुसार यह मुद्दा आगामी दिनों में और गरमा सकता है, विशेषकर जब अमेरिका और भारत के बीच कृषि व्यापार और टैरिफ दरों पर आखिरी फैसला सामने आएगा। ऐसे में नेहा सिंह राठौर का ट्वीट न सिर्फ एक व्यक्तित्व की राय के रूप में है, बल्कि यह राजनीतिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बनता साफ़ नज़र आ रहा है।
