indian army: जम्मू-कश्मीर के बडगाम जिले में एनकाउंटर के दौरान लश्कर-ए-तैयबा का एक आतंकी मारा गया है. अधिकारियों के मुताबिक, मारा गया आतंकी कई हमलों में वांटेड था. उसकी पहचान मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा के तौर पर हुई है. हालांकि, भारतीय सेना की चिनार कोर (15 Corps) ने भी इसकी आधिकारिक पुष्टि की है. ये मामला सेंट्रल कश्मीर के बडगाम जिले का है. यहां यूसमर्ग के कोराग इलाके में मंगलवार, 29 सितंबर की देर रात को सुरक्षाबलों ने ऑपरेशन शुरू किया. ये एक पहाड़ी इलाका है. यहां घने जंगल भी हैं इसलिए ऑपरेशंस काफी चुनौतीपूर्ण होते हैं. ये ऑपरेशन दूधपथरी के जंगल वाले इलाके में हुआ. इस ऑपरेशन में राष्ट्रीय राइफल्स और दूसरे सुरक्षाबल शामिल थे.
indian army: सेना ने क्या बताया?
इंडियन आर्मी की चिनार कोर ने एक्स पर पोस्ट कर इस एनकाउंर की जानकारी दी. चिनार कोर ने पोस्ट में लिखा कि खुफिया जानकारी के आधार पर कोराग और यूसमर्ग इलाके में सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF ने जॉइंट सर्च ऑपरेशन शुरू किया. इस दौरान जवानों को संदिग्ध गतिविधि दिखी. चुनौती दिए जाने पर आतंकियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में एक आतंकी मारा गया. हालांकि सेना को शक है कि और भी आतंकी साथ हो सकते हैं, इसलिए ऑपरेशन अभी भी जारी है.
दरअसल, सुरक्षाबलों को इलाके में कुछ संदिग्ध हलचल दिखाई दी थी. जवानों ने वहां मौजूद लोगों को रुकने के लिए कहा. लेकिन जवाब में आतंकियों ने गोली चला दी. इसके बाद सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच फायरिंग शुरू हो गई.
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मारा गया लश्कर का वांटेड आतंकी मूसा
15 कोर के मुताबिक, मारा गए आतंकी का नाम मोहम्मद आसिफ उर्फ हाशिम मूसा था. मूसा लश्कर-ए-तैयबा का एक बड़ा आतंकी था. उस पर जम्मू-कश्मीर में कई हमलों में शामिल होने का आरोप था. इतना ही नहीं, अधिकारियों के मुताबिक, वह पीर पंजाल की पहाड़ियों के दोनों तरफ हुए कई हमलों के मामलों में भी वांटेड था. पीर पंजाल एक बड़ी पहाड़ी रेंज है. ये जम्मू-कश्मीर के कई इलाकों को अलग करती है. इसी इलाके के पहाड़ों और जंगलों में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच कई बार मुठभेड़ हो चुकी है.
रिपोर्ट के मुताबिक, मूसा का नाम इससे पहले भी सुरक्षाबलों के ऑपरेशन में सामने आया था. 5 सितंबर, 2026 को यूसमर्ग की पहाड़ियों में सुरक्षाबलों और आतंकियों के बीच एक मुठभेड़ हुई थी. उस दौरान मूसा बचकर निकल गया था. लेकिन तब उसका करीबी साथी यासिर मारा गया था.
एजेंसियों के रडार पर था मूसा का ग्रुप
जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के चार आतंकियों का एक ग्रुप पहले से ही सुरक्षा एजेंसियों के रडार पर था. एजेंसियों के मुताबिक, ये ग्रुप 2022 से एक्टिव था. इसमें जुनैद रमजान, तल्हा, यासिर और हाशिम मूसा शामिल थे. इस ग्रुप तक पहुंचने में दिसंबर 2024 की एक कार्रवाई अहम साबित हुई. उस दौरान जुनैद रमजान मारा गया. उसके मोबाइल से सुरक्षाबलों को चारों आतंकियों की एक तस्वीर मिली. इसी तस्वीर से एजेंसियों को ग्रुप और उसके नेटवर्क को समझने में मदद मिली.
इसके बाद अप्रैल 2025 में तल्हा मारा गया. सितंबर 2026 में यासिर और हाशिम मूसा भी मारे गए. सुरक्षाबलों के लिए मूसा का मारा जाना, इसलिए अहम माना जा रहा है क्योंकि वो कई हमलों के मामलों में वांटेड था. अधिकारियों के मुताबिक, उसकी मौत से जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा की गतिविधियों को बड़ा झटका लगा है. फिलहाल सुरक्षाबल पूरे इलाके में सर्च ऑपरेशन चला रहे हैं. ये पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि वहां और कोई आतंकी मौजूद है या नहीं. साथ ही ऑपरेशन से जुड़ी दूसरी जानकारी भी जुटाई जा रही है.
