Kashmir Encounter: जम्मू-कश्मीर में भारतीय सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। मंगलवार रात सेंट्रल कश्मीर के बडगाम जिले में सुरक्षा बलों ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा (Lashkar-e-Taiba) के एक मोस्ट वांटेड आतंकी को मार गिराया। मारे गए आतंकी की पहचान सुलेमान शाह उर्फ मूसा के रूप में हुई है। अधिकारियों के मुताबिक, राष्ट्रीय राइफल्स (Rashtriya Rifles) के जवानों के साथ हुई मुठभेड़ (Encounter) में आतंकी ढेर हो गया। सेना ने अन्य सुरक्षा बलों के साथ मिलकर इलाके में अभियान शुरू किया था, इसी दौरान आतंकियों के साथ मुठभेड़ शुरू हो गई।
Kashmir Encounter: गोलीबारी में मारा गया आतंकी
भारतीय सेना की चिनार कोर (Chinar Corps) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर जानकारी दी कि सुरक्षा बलों ने कोराग, यूसमर्ग क्षेत्र में संयुक्त अभियान (Joint Operation) शुरू किया था। अभियान के दौरान जवानों को इलाके में संदिग्ध गतिविधि नजर आई। इसके बाद सुरक्षा बलों ने संदिग्धों को चुनौती दी, जिस पर आतंकियों ने गोलीबारी शुरू कर दी।
सेना के मुताबिक, जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से भीषण गोलीबारी हुई। इस मुठभेड़ में एक आतंकवादी मारा गया। हालांकि, चिनार कोर ने शुरुआत में मारे गए आतंकी की पहचान सार्वजनिक नहीं की थी, लेकिन बाद में अधिकारियों ने उसकी पहचान सुलेमान शाह उर्फ मूसा के रूप में की।
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दूधपथरी के वन क्षेत्र में हुई मुठभेड़, अभियान अभी जारी
अधिकारियों के अनुसार, सुरक्षा बलों का अभियान (Operation) अभी जारी है। इसी दौरान वन क्षेत्र दूधपथरी में मुठभेड़ हुई, जिसमें लश्कर-ए-तैयबा का आतंकी मूसा मारा गया। सुरक्षा बल इलाके में अभियान चला रहे थे, इसी बीच संदिग्ध गतिविधियों के आधार पर आतंकियों से उनका सामना हुआ।
सेना ने अपने बयान में बताया कि जवानों ने सतर्कता दिखाते हुए संदिग्ध गतिविधियों को देखा और उन्हें चुनौती दी। इसके बाद आतंकियों की ओर से गोलीबारी शुरू की गई। जवाबी कार्रवाई के दौरान एक आतंकी को मार गिराया गया। सुरक्षा बलों की ओर से इलाके में अभियान जारी रहने की जानकारी दी गई है।
कई सालों से आतंकी हमलों में शामिल था मूसा
सुलेमान शाह उर्फ मूसा को सुरक्षा बल लंबे समय से तलाश रहे थे। सेना के मुताबिक, वह कई वर्षों से पीर पंजाल पर्वतमाला के दोनों ओर हुए कई आतंकी हमलों में शामिल रहा था। इसी वजह से वह सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड आतंकियों की सूची में शामिल था।
मूसा की गतिविधियों के कारण सुरक्षा बलों के लिए उसे पकड़ना या निष्क्रिय करना अहम माना जा रहा था। अब बडगाम में हुई मुठभेड़ के दौरान उसके मारे जाने से सुरक्षा बलों को बड़ी कामयाबी मिली है। अधिकारियों के मुताबिक, वह पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ा हुआ था।
सितंबर में भी हुई थी मुठभेड़, बच निकला था मूसा
इस महीने की शुरुआत में भी यूसमर्ग की पहाड़ियों में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई थी। हालांकि, उस दौरान मूसा सुरक्षा बलों को चकमा देकर बच निकलने में कामयाब रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, उस मुठभेड़ में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था। यह घटना पांच सितंबर को हुई थी।
उस मुठभेड़ के बाद से ही सुरक्षा बल आतंकियों की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। अब बडगाम जिले में हुई नई कार्रवाई के दौरान मूसा मारा गया है। इस घटनाक्रम को जम्मू-कश्मीर में लश्कर-ए-तैयबा के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है।
लश्कर-ए-तैयबा के लिए बड़ा झटका
सुलेमान शाह उर्फ मूसा का मारा जाना जम्मू-कश्मीर में सक्रिय लश्कर-ए-तैयबा के लिए अहम नुकसान माना जा रहा है। वह लंबे समय से सुरक्षा बलों के निशाने पर था और कई हमलों में उसकी संलिप्तता बताई गई थी। इससे पहले पांच सितंबर को हुई मुठभेड़ में उसका करीबी सहयोगी यासिर मारा गया था, जबकि मूसा वहां से बच निकला था।
इस बार बडगाम के कोराग, यूसमर्ग क्षेत्र में शुरू हुए अभियान के दौरान सुरक्षा बलों ने उसे मार गिराया। फिलहाल सुरक्षा बलों का अभियान जारी है और अधिकारियों की ओर से आगे की जानकारी का इंतजार है।
