Gujarat Ambaji Temple Theft: गुजरात के प्रसिद्ध शक्तिपीठ अंबाजी मंदिर में दानपात्र से चोरी के मामले ने नया और सनसनीखेज मोड़ ले लिया है। सामने आए कथित CCTV फुटेज में मुख्य आरोपी चिराग ठाकोर दान के नोटों का बंडल पहले अपने पैर के नीचे छिपाता और फिर उसे पायजामे में रखते हुए दिखाई देता है। इस वीडियो के सामने आने के बाद मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था, निगरानी प्रणाली और दान की गिनती की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
Gujarat Ambaji Temple Theft: अप्रैल के CCTV फुटेज ने बढ़ाई जांच की दिशा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह CCTV फुटेज 21 अप्रैल 2026 का बताया जा रहा है, जबकि चोरी का मामला 7 मई 2026 को दान की गिनती के दौरान सामने आया था। (Gujarat Ambaji Temple Theft) फुटेज से यह आशंका जताई जा रही है कि दानपात्र से कथित चोरी कोई एक दिन की घटना नहीं थी, बल्कि लंबे समय से सुनियोजित तरीके से अंजाम दी जा रही थी। हालांकि, इस दावे की आधिकारिक पुष्टि जांच एजेंसियों ने अभी नहीं की है।
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1.04 लाख रुपये की चोरी का हुआ था खुलासा
जानकारी के मुताबिक, 7 मई को दान की गिनती के दौरान करीब 1.04 लाख रुपये कम पाए गए। आरोप है कि गिनती विभाग में कार्यरत कर्मचारी चिराग ठाकोर नोटों को अपने कपड़ों में छिपाकर बाहर ले जाने की कोशिश कर रहा था। (Gujarat Ambaji Temple Theft) इसी दौरान उसके कपड़ों से कुछ नोट नीचे गिर गए, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ और जांच शुरू हुई।
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तीन कर्मचारियों पर कार्रवाई, फिलहाल जमानत पर बाहर
पुलिस जांच में चिराग ठाकोर के अलावा मंदिर के दो अन्य कर्मचारी विवेक शर्मा और निकुंज पटेल के नाम भी सामने आए। जांच एजेंसियों का आरोप है कि दोनों तकनीकी विभाग से जुड़े होने के कारण CCTV सिस्टम में कथित छेड़छाड़ में शामिल थे। (Gujarat Ambaji Temple Theft) तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया था, लेकिन बाद में अदालत से उन्हें जमानत मिल गई। फिलहाल तीनों जमानत पर बाहर हैं।
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चोरी के समय बंद मिले थे CCTV कैमरे
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि जिस समय कथित चोरी हुई, उस दौरान भंडार गृह में लगे CCTV कैमरे बंद थे। (Gujarat Ambaji Temple Theft) अब अप्रैल का यह फुटेज सामने आने के बाद जांच एजेंसियां इस बात की भी पड़ताल कर रही हैं कि कहीं यह चोरी लंबे समय से तो नहीं हो रही थी। हालांकि, अभी तक किसी भी एजेंसी ने इस संबंध में आधिकारिक रूप से पुष्टि नहीं की है।
मंदिर ट्रस्ट ने बदली पूरी सुरक्षा व्यवस्था
मामला सामने आने के बाद बनासकांठा जिला प्रशासन और अंबाजी मंदिर ट्रस्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। कलेक्टर मिहिर पटेल के अनुसार:
दान की गिनती अब 20 से अधिक CCTV कैमरों की निगरानी में होगी।
CCTV फुटेज का बैकअप 30 दिन की जगह 6 महीने तक सुरक्षित रखा जाएगा।
दान गिनती प्रक्रिया का लाइव प्रसारण मंदिर परिसर की LED स्क्रीन पर किया जाएगा।
गिनती में शामिल कर्मचारियों की पुलिस की मौजूदगी में मेटल डिटेक्टर से जांच होगी।
बड़े जेब वाले कपड़े पहनने पर प्रतिबंध लगाया गया है।
तीनों कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर नई SOP लागू कर दी गई है।
मंदिर प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था का उद्देश्य दान प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ाना और भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोकना है।
