Ram Mandir Donation Theft Case: अयोध्या (Ayodhya) के राम मंदिर (Ram Mandir) चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने आज बुधवार (23 September 2026) की सुबह सभी 8 आरोपियों के खिलाफ अदालत में तकरीबन 40,000 पेज की चार्जशीट (Chargesheet) दाखिल कर दी है। पुलिस की तरफ से चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद आरोपियों के डिफॉल्ट बेल (Default Bail) पाने की उम्मीद अब पूरी तरह से खत्म हो गई है। इस कार्रवाई से बीते लगभग 3 महीने से जेल में बंद आरोपियों के जेल से बाहर आने की उम्मीदों पर भी फिलहाल विराम लग चुका है।
Ram Mandir Donation Theft Case: जमानत याचिकाएं पहले ही खारिज
इस मामले में अयोध्या की विशेष अदालत (Special Court) पहले ही कई आरोपियों की जमानत याचिकाएं (Bail Applications) खारिज कर चुकी है। अदालत ने अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत अर्जी खारिज कर दी थी। इसके बाद सोमवार को अविनाश शुक्ल, रमाशंकर मिश्र और मनीष यादव की जमानत याचिकाएं भी निरस्त कर दी गईं।
अब मामले में बचे दो अन्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू और सुभाषचंद्र श्रीवास्तव की जमानत अर्जी पर आज बुधवार को इसी विशेष अदालत में सुनवाई होनी है। चार्जशीट दाखिल होने के बाद इस सुनवाई पर भी सभी की निगाहें टिकी हैं।
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जून में दर्ज हुई थी FIR
राम मंदिर चढ़ावा चोरी (Ram Mandir Donation Theft) का मामला बीते कुछ वक़्त से बहुत ज्यादा चर्चा में रहा है। आरोप है कि भीड़ का बड़ा लाभ उठाकर बैंक कर्मचारियों और मंदिर के कुछ स्टाफ की कथित मिलीभगत से दानपात्रों से पैसे चोरी किए जाते थे। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट (Shri Ram Janmabhoomi Teerth Kshetra Trust) के अनुरोध पर उत्तर प्रदेश सरकार ने जून में SIT का गठन किया था। इसके बाद मामले में 8 नामजद आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी।
CCTV में 105 बार चोरी की घटना सामने आई
SIT ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) को दी गई अपनी स्टेटस रिपोर्ट (Status Report) में बताया था कि काउंटिंग रूम के CCTV फुटेज की जांच में चोरी की 105 घटनाएं सामने आईं। इन घटनाओं में कथित तौर पर बिना अनुमति कैश को हटाने या छिपाने की बात सामने आई है। शुरुआत में ऐसी 70 घटनाओं का अंदेशा था, लेकिन फुटेज की जांच के बाद यह संख्या बढ़कर 105 हो गई।
CCTV फुटेज में आरोपी नोटों की गड्डियों को अपनी जेब और जूतों में छिपाते हुए दिखाई दिए। जांच एजेंसियों ने आरोपियों के पास से अब तक लगभग 79 लाख 85 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। बताया गया कि यह रकम घरों, शौचालयों और भूसे के ढेरों में छिपाकर रखी गई थी।
6 आरोपियों की जमानत हो चुकी है खारिज
मामले की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अयोध्या की विशेष अदालत ने अविनाश शुक्ल, मनीष यादव, रमाशंकर मिश्र, अनुकल्प मिश्र, करुणेश पांडेय और लवकुश मिश्र की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। आरोपियों में कैश काउंटिंग (Cash Counting) के लिए तैनात बैंक कर्मचारी, सुपरवाइजर सुभाष श्रीवास्तव और ट्रस्ट के महासचिव के पूर्व ड्राइवर रामशंकर उर्फ टिन्नू यादव शामिल हैं। अब चार्जशीट दाखिल होने के बाद मामले की आगे की कानूनी प्रक्रिया पर निगाह रहेगी।
