Maharashtra BJP double-M formula: महाराष्ट्र की राजनीति में एक नया और ऐतिहासिक अध्याय शुरू होने जा रहा है। राज्य के 29 नगर निगमों में मेयर पद के लिए आरक्षण की लॉटरी जैसे ही निकली, पूरे प्रदेश के सियासी गलियारों में हलचल मच गई। इस बार का चुनावी गणित कुछ ऐसा बैठा है कि महाराष्ट्र की ‘आधी आबादी’ अब शहरों की सरकार चलाती नजर आएगी। शहरी विकास राज्य मंत्री माधुरी मिसल की मौजूदगी में हुए इस लॉटरी ड्रॉ ने साफ कर दिया है कि 29 में से 15 महत्वपूर्ण शहरों की कमान महिला मेयर के हाथों में होगी। (Maharashtra BJP double-M formula) लेकिन इस पूरी प्रक्रिया में सबसे ज्यादा चर्चा उस ‘डबल-एम’ दांव की हो रही है, जिसे बीजेपी ने अपने तरकश से निकाला है। यह दांव न केवल विपक्ष के लिए चुनौती है, बल्कि भविष्य की राजनीति के लिए एक बड़ा मील का पत्थर भी साबित हो सकता है।
Maharashtra BJP double-M formula: BMC में पहली बार बीजेपी का राज
देश के सबसे अमीर नगर निगम, मुंबई (BMC) में इस बार इतिहास रचा गया है। बीजेपी अपने पूरे राजनीतिक सफर में पहली बार यहां सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। लॉटरी ड्रॉ में मुंबई मेयर का पद ‘ओपन महिला’ कैटेगरी के लिए आरक्षित हुआ है, जिसका मतलब है कि मुंबई को लगातार दूसरी बार महिला महापौर मिलेगी। (Maharashtra BJP double-M formula) 227 सीटों वाली बीएमसी में इस बार 123 महिला पार्षद चुनकर आई हैं, जिनमें से अकेले बीजेपी के पास 49 महिला पार्षद हैं। बीजेपी ने पहले ही साफ कर दिया है कि मुंबई का मेयर ‘मराठी’ होगा। अब पार्टी एक ऐसे चेहरे की तलाश में है जो ‘महिला’ भी हो और ‘मराठी’ भी—यही बीजेपी का ‘डबल-एम’ कार्ड है।
क्या है बीजेपी का ‘डबल-एम’ फॉर्मूला?
बीजेपी इस बार सिर्फ सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि सामाजिक समीकरणों को साधने के लिए ‘डबल-एम’ यानी ‘महिला और मराठी’ (Mahila & Marathi) कार्ड खेल रही है। पार्टी की रणनीति है कि राज्य के 20 शहरों में जहां उसका मेयर बनना तय है, वहां 10 शहरों में महिलाओं को बिठाकर महिला वोट बैंक को मजबूती से साधा जाए। (Maharashtra BJP double-M formula) साथ ही, मुंबई, पुणे और नासिक जैसे शहरों में ‘मराठी’ चेहरे को मेयर बनाकर उन आरोपों को धोया जाए कि बीजेपी सिर्फ गैर-मराठी राजनीति करती है। इस दांव के जरिए बीजेपी उद्धव ठाकरे की शिवसेना (UBT) के पारंपरिक मराठी वोट बैंक में भी सेंध लगाने की तैयारी में है।
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इन शहरों में महिलाओं के हाथ होगी कमान
आरक्षण की लिस्ट के अनुसार, महाराष्ट्र के लगभग सभी बड़े और रसूखदार शहरों में महिला मेयर होंगी। मुंबई के अलावा पुणे, नागपुर, नासिक, नवी मुंबई, धुले, सोलापुर और मीरा-भायंदर जैसे शहरों में महिला महापौर चुनी जाएंगी। (Maharashtra BJP double-M formula) इनके अलावा लातूर और जालना में अनुसूचित जाति (SC) महिला, जबकि अहिल्यानगर और जलगांव में ओबीसी महिला मेयर के लिए सीटें आरक्षित की गई हैं। यह पहली बार है जब इतने बड़े पैमाने पर राज्य के पावर सेंटर्स की चाबी महिलाओं के पास होगी। उत्तरी महाराष्ट्र में तो बीजेपी ने नासिक, धुले और जलगांव में महिला मेयर के जरिए अपना गढ़ और मजबूत करने की रणनीति बनाई है।
शिंदे और राज ठाकरे की ‘जुगलबंदी’ का असर
मेयर की इस रेस में मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी अपनी गोटियां मजबूती से फिट की हैं। कल्याण-डोंबिवली में राज ठाकरे की एमएनएस (MNS) ने उद्धव गुट का साथ छोड़कर शिंदे की शिवसेना से हाथ मिला लिया है, जिससे वहां शिंदे का मेयर बनना तय हो गया है। (Maharashtra BJP double-M formula) शिंदे के अपने गृह क्षेत्र ठाणे में भी अनुसूचित जाति का मेयर होगा, जहां उन्हें बीजेपी के समर्थन की जरूरत पड़ेगी। इस गठबंधन ने महाविकास अघाड़ी के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं।
मुंबई की रेस में कौन है सबसे आगे?
अब सवाल उठता है कि मुंबई की अगली ‘प्रथम नागरिक’ कौन होगी? बीजेपी में इसके लिए लंबी फेहरिस्त है। राजश्री शिरवाडकर, शीतल गंभीर, अलका केरकर और रितु तावड़े जैसे अनुभवी नामों के साथ-साथ तेजस्वी घोसालकर का नाम सबसे ज्यादा चर्चा में है। (Maharashtra BJP double-M formula) तेजस्वी दिवंगत पार्षद अभिषेक घोसालकर की पत्नी हैं और उनकी छवि एक मेहनती नेता की है। हालांकि, महाराष्ट्र बीजेपी अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण का कहना है कि अंतिम फैसला देवेंद्र फडणवीस के दावोस से लौटने के बाद 24 जनवरी को होगा। बीजेपी के लिए मानदंड साफ है—छवि बेदाग हो, संगठन के प्रति वफादारी हो और मराठी पहचान मजबूत हो।
