US Midterm Elections 2026: अमेरिका में 2026 के मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को कई जगहों पर नुकसान उठाना पड़ा है। इस हार के बाद उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने ईरान युद्ध को इसकी बड़ी वजह बताया है। वेंस का कहना है कि 2024 के राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन करने वाले कई मतदाता इस बार रिपब्लिकन पार्टी से दूर हो गए। उनके मुताबिक, ईरान के साथ जारी संघर्ष को लेकर लोगों में नाराजगी थी और इसका असर चुनाव में देखने को मिला।
जेडी वेंस ने सोशल मीडिया पर क्या कहा?
जेडी वेंस ने बुधवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, “हमारी हार की वजह युद्ध है। राष्ट्रपति ने भी कल रात खुद यही कहा था।” वेंस ने अपने दावे के समर्थन में चुनावी आंकड़ों और पोलिंग का हवाला दिया। उनका कहना है कि रिपब्लिकन पार्टी के समर्थक मतदान केंद्रों तक पहुंचे, लेकिन कई जगहों पर उन्होंने अपनी पार्टी के बजाय विपक्ष के उम्मीदवारों को वोट दिया।
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वेंस के मुताबिक, चुनाव से पहले कई सर्वेक्षणों में डेमोक्रेटिक पार्टी की बड़ी जीत के संकेत मिल रहे थे। इसके बावजूद रिपब्लिकन खेमे को उम्मीद थी कि उसके समर्थक बड़ी संख्या में मतदान करेंगे। उन्होंने लिखा कि कुछ राज्यों में मतदान सामान्य रहा, जबकि कुछ जगहों पर काफी अच्छा रहा। किसी भी राज्य में मतदान का स्तर बेहद खराब नहीं था। यानी रिपब्लिकन समर्थक वोट डालने पहुंचे, लेकिन पार्टी को इसका फायदा नहीं मिला।
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2024 में ट्रंप का साथ देने वाले वोटर क्यों हुए दूर?
वेंस ने दावा किया कि 2024 में ट्रंप को वोट देने वाले कई मतदाताओं ने इस बार रिपब्लिकन उम्मीदवारों का समर्थन नहीं किया। उनके अनुसार, इसकी एक प्रमुख वजह ईरान युद्ध को लेकर लोगों की नाराजगी थी। इस बयान के जरिए वेंस ने चुनावी नुकसान को केवल वोटरों की कम भागीदारी से जोड़ने के बजाय उनके बदले हुए राजनीतिक रुख से जोड़ा है।
ईरान युद्ध के अलावा महंगाई भी बनी हार की वजह
वेंस ने अपनी पोस्ट में यह भी संकेत दिया कि रिपब्लिकन पार्टी को नुकसान पहुंचाने वाली वजहें सिर्फ ईरान युद्ध तक सीमित नहीं थीं। उनके मुताबिक, महंगाई और रोजमर्रा की चीजों की बढ़ती कीमतों को लेकर भी मतदाताओं में नाराजगी थी। इसके अलावा अमेरिका की विदेश नीति और इजरायल के साथ उसके रिश्तों को लेकर भी कुछ मतदाताओं ने असंतोष जताया। वेंस का कहना है कि चुनावी नतीजों को समझने के लिए इन सभी मुद्दों पर गंभीरता से विचार करना होगा।
डेमोक्रेट्स ने दोनों सदनों में बनाई बढ़त
2026 के अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के शुरुआती नतीजों में डेमोक्रेटिक पार्टी ने बड़ी बढ़त हासिल करते हुए प्रतिनिधि सभा और सीनेट, दोनों पर नियंत्रण कर लिया है। 4 नवंबर को उपलब्ध नतीजों के मुताबिक, सीनेट में डेमोक्रेट्स और उनके साथ जुड़े निर्दलीय सदस्यों की संख्या 54 पहुंच गई, जबकि रिपब्लिकन 44 सीटों पर थे। प्रतिनिधि सभा में 435 में से 367 सीटों के नतीजे सामने आए थे, जिनमें डेमोक्रेट्स 228 और रिपब्लिकन 139 सीटों पर आगे थे या जीत चुके थे। इसके अलावा गवर्नर चुनावों में भी डेमोक्रेट्स ने बढ़त बनाई। कई पारंपरिक रिपब्लिकन इलाकों में भी डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों की जीत ने चुनावी नतीजों को खास बना दिया। हालांकि, उस समय कुछ सीटों पर मतगणना जारी थी, इसलिए ये आंकड़े शुरुआती नतीजों पर आधारित थे।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी माना कि ईरान युद्ध का रिपब्लिकन पार्टी की हार में कुछ योगदान रहा। हालांकि, उन्होंने ईरान पर हमले के अपने फैसले का बचाव करते हुए कहा कि वह दोबारा भी यही कदम उठाते। चुनाव में महंगाई, ईंधन की बढ़ती कीमतें और युद्ध को लेकर मतदाताओं की नाराजगी अहम मुद्दे रहे।
