US Iran War 2026: दुनिया की सबसे ताकतवर सेना कही जाने वाली अमेरिकी फौज इस वक्त एक बड़े संकट से गुजर रही है। ईरान के साथ जारी भीषण युद्ध ने अमेरिका के आधुनिक हथियारों के भंडार को खाली करना शुरू कर दिया है। एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के अनुसार, पिछले सात हफ्तों की लड़ाई में अमेरिका ने अपनी आधी ताकत झोंक दी है। (US Iran War 2026) हालात इतने गंभीर हैं कि अब पेंटागन ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से साल 2027 के लिए एक ऐसा रक्षा बजट मांगा है, जिसने पूरी दुनिया को हैरान कर दिया है। यह बजट न केवल हथियारों की भरपाई के लिए है, बल्कि अमेरिका की उस गिरती सैन्य साख को बचाने के लिए भी है जो ईरान के सस्ते ड्रोनों के सामने लड़खड़ाती दिख रही है।
US Iran War 2026: आधी रह गई मिसाइलों की ताकत और ‘THAAD’ का दम
ईरान की प्रेस टीवी और सीएनएन की रिपोर्ट बताती है कि ईरान के खिलाफ युद्ध में अमेरिका ने अपनी प्रिसीजन स्ट्राइक मिसाइलों का 45 फीसदी हिस्सा खर्च कर दिया है। इतना ही नहीं, अमेरिका का सबसे भरोसेमंद एयर डिफेंस सिस्टम ‘THAAD’ और पैट्रियट मिसाइलों का स्टॉक भी 50 फीसदी तक गिर चुका है। (US Iran War 2026) सबसे ज्यादा चिंता की बात यह है कि ईरान के सस्ते और साधारण ड्रोनों को गिराने के लिए अमेरिका ने अपनी करोड़ों डॉलर की कीमती मिसाइलें पानी की तरह बहा दीं। अब पेंटागन ने माना है कि उनका गोला-बारूद भंडार चिंताजनक रूप से कम हो गया है और अगर जल्द ही इसकी भरपाई नहीं की गई, तो स्थिति हाथ से निकल सकती है।
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पेंटागन की ट्रम्प से ‘1.5 ट्रिलियन डॉलर’ की भारी मांग
इस कमी को पूरा करने के लिए अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने साल 2027 के बजट में करीब 1.5 ट्रिलियन डॉलर की मांग की है। इसमें सबसे ज्यादा जोर ड्रोन और काउंटर-ड्रोन तकनीक पर है, जिसके लिए 74 अरब डॉलर मांगे गए हैं। पेंटागन के अधिकारियों का कहना है कि ड्रोन युद्ध ने आधुनिक युद्धक्षेत्र को पूरी तरह बदल दिया है। (US Iran War 2026) अमेरिका अब न केवल नए ड्रोन बनाना चाहता है, बल्कि दुश्मन के ड्रोनों को मार गिराने वाले सिस्टम पर भी 21 अरब डॉलर खर्च करने की तैयारी में है। इसके अलावा, नौसेना के लिए टोमहॉक क्रूज मिसाइलों की खरीद में भी भारी बढ़ोतरी का प्रस्ताव रखा गया है, ताकि ईरान के खिलाफ हमले तेज किए जा सकें।
सैनिकों की भर्ती और भविष्य की तैयारी
युद्ध की जरूरतों को देखते हुए अमेरिका ने करीब 45,000 अतिरिक्त सैनिकों की भर्ती का भी प्रस्ताव रखा है। यह पिछले कई दशकों में सेना का सबसे बड़ा विस्तार होने वाला है। अधिकारियों का कहना है कि यह बजट युद्ध शुरू होने से पहले तैयार किया गया था, लेकिन मौजूदा संघर्ष ने इसे और भी जरूरी बना दिया है। (US Iran War 2026) जिस रफ्तार से टोमहॉक मिसाइलें ईरान पर दागी जा रही हैं, उतनी तेजी से फैक्ट्रियों में उनका उत्पादन नहीं हो पा रहा है। अब देखना यह है कि डोनाल्ड ट्रम्प का नया प्रशासन इस विशालकाय बजट को मंजूरी देकर अमेरिका की ‘सूखती’ मैगजीन को फिर से भर पाता है या नहीं।
