Swara Bhasker Padmaavat: दिल्ली में इंडिया इंटरनेशनल सेंटर (IIC) के एक कार्यक्रम में बोलते हुए, स्वरा ने फिल्म के क्लाइमेक्स पर अपनी प्रतिक्रिया के बारे में बताया। दीपिका पादुकोण, शाहिद कपूर और रणवीर सिंह स्टारर ‘पद्मावत’ कई महीनों के विवाद के बाद जनवरी 2018 में रिलीज़ हुई थी। मलिक मुहम्मद जायसी की 16वीं सदी की महाकाव्य कविता ‘पद्मावत’ से प्रेरित यह फिल्म रानी पद्मावती और राजपूत शासक रतन सिंह व अलाउद्दीन खिलजी के बीच संघर्ष पर आधारित है। उनका बयान काफी ज्यादा सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसपर वो ट्रोल हुई। अब जाकर स्वरा भास्कर ने सफाई दी है।
Swara Bhasker Padmaavat: स्वरा भास्कर ने पद्मावत विवाद पर दी प्रतिक्रिया
स्वरा ने कहा कि जौहर के चित्रण ने – जिसमें सैकड़ों महिलाएं सामूहिक रूप से आत्मदाह करती हैं – उन्हें यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि यौन हिंसा से बची महिलाओं को क्या संदेश दिया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैं यह देख रही थी, वे 800 महिलाएं जौहर कर रही थीं, और मैंने सोचा, यार, अगर मैं… भगवान न करे, अगर मैं रेप सर्वाइवर होती, तो यह फिल्म मुझे क्या बता रही है? मुझे कायर जैसा महसूस होता कि मैंने अपनी इज़्ज़त बचाने के लिए खुद को नहीं मारा। क्या आप हमारे जैसे समाज में यही बताना चाहते हैं, जहां मुझे लगता है कि रेप की महामारी फैली हुई है?”
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उन्होंने आगे एक महिला की ज़िंदगी और यौन पवित्रता के विचार के बीच संबंध पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “क्या हम सर्वाइवर्स (पीड़ित महिलाओं) से यही कहना चाहते हैं कि आप जीने के लायक नहीं थीं? कि अगर आप सच में सम्मानजनक और बहादुर महिलाएँ होतीं, तो आप खुदकुशी कर लेतीं? क्या हम यह कह रहे हैं कि रेप किसी महिला की ज़िंदगी का अंत है?”
स्वरा ने ‘जौहर’ वाले सीन के दौरान एक गर्भवती महिला के क्लोज़-अप शॉट से हुई अपनी परेशानी का भी ज़िक्र किया। उन्होंने कहा, “और फिर एक शॉट था, जिसने मुझे बहुत गुस्सा दिलाया, मैंने दर्शकों के बीच ज़ोर से ‘छी’ कहा। उसमें एक गर्भवती महिला के पेट का क्लोज़-अप दिखाया गया था। और वह (सीन) ऐसा था कि आप कह रहे हैं कि एक भ्रूण, जो शायद लड़की हो, वह पैदा होने के लायक नहीं है, क्योंकि हो सकता है कि किसी मुस्लिम शासक द्वारा उसका रेप कर दिया जाए?”
स्वरा ने साफ़ किया कि उन्होंने फ़िल्म देखने के तुरंत बाद अपना ओपन लेटर नहीं लिखा था। इसके बजाय, उन्होंने अपनी प्रतिक्रिया पर सोचने के लिए पाँच दिन इंतज़ार किया। उन्होंने याद करते हुए कहा, “और फिर मैंने सोचा कि यह बहुत बुरा है। आम तौर पर लोग सोचते हैं कि मैं ये सब गुस्से में करती हूँ। लेकिन मैंने पाँच दिन इंतज़ार किया। और मैंने सोचा, देखती हूँ कि क्या मुझे अभी भी ऐसा ही लगता है। और फिर पाँच दिन बाद, मैंने यह लेटर लिखा।”
जनवरी 2018 में ‘द वायर’ में छपे इस पत्र में जौहर के महिमामंडन और महिलाओं की कीमत को उनकी यौन पवित्रता से आंकने पर सवाल उठाए गए थे। स्वरा ने कहा कि इसके बाद हुई चर्चा मुख्य रूप से पत्र के एक वाक्यांश पर केंद्रित रही। उन्होंने कहा, “मैं बस इतना कहना चाहती हूं कि जब यह पत्र प्रकाशित हुआ, तो उसमें एक पंक्ति थी जिसमें मैं यह कहने की कोशिश कर रही थी कि महिलाएं अपने निजी अंगों से कहीं बढ़कर हैं। और इस फिल्म को देखने के बाद मुझे ऐसा लगा कि मुझे केवल एक योनि तक ही सीमित कर दिया गया है।”
जब स्वरा भास्कर के इस बयान के बाद उनको ट्रोल किया जाने लगा, उसके बाद स्वरा भास्कर ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर सफाई दी है।
वीडियो में स्वरा भास्कर ने बताया कि सोशल मीडिया पर उनका एक क्लिप वायरल हो गया है और उसका गलत और झूठा अनुवाद किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “मैंने बिल्कुल भी ऐसा नहीं कहा कि रानी पद्मावती या कोई भी सती कायर थीं।”
एक्ट्रेस ने ट्रोल करने वालों से कहा कि अगर वे गाली-गलौज करना चाहते हैं, तो करें, लेकिन उनके असल बयान के आधार पर। कैप्शन में स्वरा ने लिखा, “रेप के बाद भी महिलाओं को जीने का अधिकार है।”
वीडियो पर वापस आते हुए स्वरा ने कहा, “मैंने कहा था कि ‘पद्मावत’ का क्लाइमेक्स देखते समय मुझे लगा कि ‘भगवान न करे अगर मैं रेप विक्टिम होती, तो मुझे कायर महसूस होता कि मैंने खुदकुशी क्यों नहीं की।’ मैंने ऐसा इसलिए कहा क्योंकि हमारे देश और समाज में रेप एक महामारी बन गया है। हम एक ऐसे माहौल में जी रहे हैं जहाँ रेप कल्चर फल-फूल रहा है।”
उन्होंने हाल ही में दिल्ली में हुए सामूहिक बलात्कार मामले का उदाहरण भी दिया जहां एक लड़की के साथ बस में बलात्कार किया गया था और इसे देश की वास्तविकता बताया। स्वरा ने लोगों से ऐसी फिल्में बनाने पर सवाल उठाया जहां महिलाएं अपने जीवन से ज्यादा अपने शरीर की पवित्रता को महत्व देती नजर आती हैं। “क्या हमें रेप सर्वाइवर्स को ये संदेश देना चाहिए कि अगर उनकी जान ही चली जाती तो बेहतर होता? या तुम जिंदा बच गई ये बुरी बात है? क्या एक महिला की जिंदगी में रेप के साथ ख़तम हो जाती है?”
