Modi Netanyahu phone call: वेनेजुएला पर अमेरिकी हमले के बाद वैश्विक राजनीति में भूचाल सा आ गया है। अब दुनिया भर में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या अमेरिका का अगला निशाना ईरान हो सकता है। मिडिल ईस्ट से लेकर एशिया तक हर देश हालात पर पैनी नजर रखे हुए है। ऐसे संवेदनशील माहौल में भारत और इजरायल के बीच हुई एक फोन कॉल ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति को नई दिशा दे दी है। (Modi Netanyahu phone call) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के बीच हुई बातचीत ने साफ कर दिया है कि बदलते वैश्विक समीकरणों में भारत अपनी भूमिका को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
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Modi Netanyahu phone call: पीएम मोदी-नेतन्याहू की अहम बातचीत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बातचीत की जानकारी खुद सोशल मीडिया के जरिए साझा की। उन्होंने लिखा कि अपने दोस्त प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से बात करके उन्हें बेहद खुशी हुई। (Modi Netanyahu phone call) पीएम मोदी ने नेतन्याहू और इजरायल की जनता को नए साल की शुभकामनाएं भी दीं। इस सौहार्दपूर्ण शुरुआत के साथ ही बातचीत का दायरा रणनीतिक मुद्दों तक पहुंच गया।
रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर जोर
पीएम मोदी ने बताया कि दोनों नेताओं ने आने वाले साल में भारत-इजरायल रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के तरीकों पर चर्चा की। (Modi Netanyahu phone call) रक्षा, तकनीक और सुरक्षा के क्षेत्र में भारत और इजरायल पहले से ही करीबी साझेदार हैं। मौजूदा वैश्विक हालात को देखते हुए यह बातचीत इस ओर इशारा करती है कि दोनों देश आपसी सहयोग को और गहराई देना चाहते हैं।
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क्षेत्रीय हालात और आतंकवाद पर साझा चिंता
इस फोन कॉल में क्षेत्रीय स्थिति पर भी गंभीरता से विचार किया गया। पीएम मोदी ने कहा कि दोनों नेताओं ने बदलते हालात पर विचारों का आदान-प्रदान किया और आतंकवाद के खिलाफ और मजबूती से लड़ने के अपने साझा संकल्प को दोहराया। ऐसे समय में जब पश्चिम एशिया में तनाव बढ़ रहा है, यह संदेश बेहद अहम माना जा रहा है।
वेनेजुएला के बाद ईरान पर नजर?
अमेरिकी कार्रवाई के बाद यह सवाल लगातार उठ रहा है कि क्या ईरान अगला निशाना हो सकता है। इस आशंका के बीच भारत और इजरायल के शीर्ष नेताओं की बातचीत को महज औपचारिक नहीं माना जा रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि यह कॉल भारत की सक्रिय कूटनीति का संकेत है, जहां वह अपने रणनीतिक साझेदारों के साथ लगातार संवाद बनाए हुए है।
दुनिया के लिए साफ संदेश
पीएम मोदी और नेतन्याहू की बातचीत ने यह साफ कर दिया है कि भारत वैश्विक संकटों पर चुप बैठने वाला देश नहीं है। दोस्ती, रणनीति और आतंकवाद के खिलाफ साझा लड़ाई का यह संदेश दुनिया को यह बताने के लिए काफी है कि आने वाले समय में भारत-इजरायल संबंध और मजबूत होने वाले हैं, और इसका असर वैश्विक राजनीति पर भी दिखेगा।
