Maryam Nawaz: पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की मुख्यमंत्री मरयम नवाज के नेतृत्व में राज्य सरकार ने तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान (TLP) पर प्रतिबंध लगाने की सिफारिश की है। इस कदम के बाद, मरयम के पति और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (PPP) के वरिष्ठ नेता, कैप्टन (सेवानिवृत्त) सफदर अवान का एक विवादित बयान सामने आया है, जिसके कारण उनकी कड़ी आलोचना हो रही है। हाल ही में, उन्होंने लाहौर से लगभग 170 किलोमीटर दूर चिओट जिले में आयोजित एक रैली में अहमदिया समुदाय के खिलाफ अपमानजनक और नफरत भरे शब्द कहे थे।
Maryam Nawaz: सफदर अवान का विवादास्पद बयान
सफदर अवान ने अपनी बातों में यह भी जोड़ा कि पाकिस्तान के हर घर में मुमताज कादरी जैसा व्यक्ति पैदा हो, जो ‘खत्म-ए-नबूवत’ की रक्षा करने में सक्षम हो। (Maryam Nawaz) यह बयान पाकिस्तान में एक गहरी धार्मिक और सामाजिक बहस का हिस्सा बन चुका है। कादरी, जो पाकिस्तान के पूर्व गवर्नर सलमान तासीर के हत्यारे थे, ने तासीर को इसलिए मारा था क्योंकि तासीर ने ईशनिंदा कानूनों की आलोचना की थी और एक ईसाई महिला आसिया बीबी को बचाने की कोशिश की थी। कादरी को 2016 में फांसी दे दी गई थी।
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कादरी का समर्थन
सफदर अवान का यह बयान, जिसमें उन्होंने कादरी के समर्थन में कहा कि पाकिस्तान के हर घर में कादरी जैसा व्यक्ति पैदा हो, कई लोगों के लिए चिंता का विषय बन गया है। उनका यह कथन विशेष रूप से अहमदिया समुदाय के खिलाफ था, जिसे उन्होंने सीधे तौर पर निशाना बनाया। (Maryam Nawaz) उन्होंने यह भी दावा किया कि अहमदिया समुदाय चिनाब नगर में जमीन खरीदकर इजरायल की तरह एक अलग देश बनाने की कोशिश कर रहा है। ‘खत्म-ए-नबूवत’ एक इस्लामी अवधारणा है, जो मानती है कि पैगंबर मुहम्मद (PBUH) अंतिम पैगंबर हैं और उनके बाद कोई नया पैगंबर नहीं आएगा।
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खतरनाक और कट्टर’ करार
सोशल मीडिया पर सफदर अवान के इस बयान को लेकर तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिली है। कई लोगों ने इसे “खतरनाक और कट्टर” करार दिया है और मरयम नवाज से अपील की है कि वह अपने पति के भड़काऊ भाषण के खिलाफ कार्रवाई करें। वहीं, पंजाब सरकार ने TLP पर प्रतिबंध लगाने का कदम उठाया है, क्योंकि हाल ही में पुलिस और TLP समर्थकों के बीच हिंसक झड़पों में 16 लोग मारे गए थे और 1,600 से ज्यादा लोग घायल हुए थे। (Maryam Nawaz) यह विवाद इस बात का गवाह है कि पाकिस्तान में धार्मिक असहिष्णुता और कट्टरपंथ की समस्या कितनी गंभीर हो गई है, खासकर जब इसके पीछे सत्ता के प्रभावशाली लोग हों। मरयम नवाज और उनके पति के बीच का यह विवाद अब राजनीतिक और धार्मिक रूप से एक जटिल स्थिति बन चुका है, जिससे पाकिस्तान की आंतरिक स्थिति और राजनीतिक वातावरण पर दूरगामी असर हो सकता है।
