By using this site, you agree to the Privacy Policy and Terms of Use.
Accept
नौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरेंनौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरेंनौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरें
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • राजनीति
  • लाइफ स्टाइल
  • प्रौद्योगिकी
Search
  • About
  • Contact
  • Privacy Policy
© 2025 naudunia.com
Reading: Japan China Conflict: शुरू हो गया ‘महायुद्ध’ का काउंटडाउन? जापान ने चीन के सीने पर उतारे ‘अदृश्य हत्यारे’ F-35 जेट, दुनिया में मचा हड़कंप!
Share
Sign In
Notification Show More
Aa
नौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरेंनौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरें
Aa
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • राजनीति
  • लाइफ स्टाइल
  • प्रौद्योगिकी
Search
  • विदेश
  • मनोरंजन
  • स्पोर्ट्स
  • राजनीति
  • लाइफ स्टाइल
  • प्रौद्योगिकी
Have an existing account? Sign In
Follow US
© 2022 Foxiz News Network. Ruby Design Company. All Rights Reserved.
नौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरें > News > ताज़ा खबरें > Japan China Conflict: शुरू हो गया ‘महायुद्ध’ का काउंटडाउन? जापान ने चीन के सीने पर उतारे ‘अदृश्य हत्यारे’ F-35 जेट, दुनिया में मचा हड़कंप!
ताज़ा खबरेंविदेश

Japan China Conflict: शुरू हो गया ‘महायुद्ध’ का काउंटडाउन? जापान ने चीन के सीने पर उतारे ‘अदृश्य हत्यारे’ F-35 जेट, दुनिया में मचा हड़कंप!

Sunil Kumar Verma
Last updated: 2025/06/02 at 5:40 अपराह्न
Sunil Kumar Verma
Share
9 Min Read
image 5
SHARE

Japan China Conflict: सागर की लहरें शांत हैं, लेकिन उनकी गहराई में एक तूफान पनप रहा है एक ऐसा तूफान जो कूटनीति की सतह को चीरते हुए सैन्य टकराव की आशंका को जन्म दे रहा है। (Japan China Conflict) जापान के कोमात्सु एयरबेस पर जब अमेरिकी मूल के अत्याधुनिक एफ-35 स्टील्थ फाइटर जेट्स की गर्जना सुनाई दी, तो वो सिर्फ एक सैन्य अभ्यास नहीं था वो था एक स्पष्ट संदेश, सीधा बीजिंग की दिशा में। (Japan China Conflict) दशकों से दबे चीन-जापान तनाव की धरती अब गर्म होती दिख रही है और विशेषज्ञ मानने लगे हैं कि एशिया एक नए प्रकार के “शीत युद्ध” की ओर बढ़ रहा है, जहां हथियारों की चमक, निगरानी विमानों की नजर और युद्धक रणनीति की चालें एक बार फिर वैश्विक चिंता का केंद्र बनने जा रही हैं। (Japan China Conflict) यह कोई साधारण सैन्य तैनाती नहीं है। यह एक सोची-समझी रणनीति है—एक ऐसा कदम जो जापान की बदलती विदेश नीति, उसके आत्मरक्षा के दायरे के विस्तार और चीन के आक्रामक भू-रणनीतिक कदमों के जवाब में सामने आया है।

Contents
Japan China Conflict: चीन को सीधी चुनौती: कोमात्सु पर ‘अदृश्य’ लड़ाकू विमानों की तैनातीसेनकाकू द्वीप: विवाद की जड़ या युद्ध की वजह?‘एशियाई शीत युद्ध’ की दस्तक?कूटनीति की जगह ले रही है सैन्य तैयारी?क्या यह टकराव टल सकता है?जापान की नई सैन्य नीति, चीन की बेचैनी और एशिया का भविष्य
image 5

Japan China Conflict: चीन को सीधी चुनौती: कोमात्सु पर ‘अदृश्य’ लड़ाकू विमानों की तैनाती

जापान ने हाल ही में अपने प्रमुख होन्शू द्वीप पर स्थित कोमात्सु एयरबेस पर अमेरिकी तकनीक से लैस F-35A स्टील्थ फाइटर जेट्स की तैनाती कर दी है। यह वही एयरबेस है जो अब तक जापान की परंपरागत वायु रक्षा का हिस्सा था, लेकिन अब इसे एक “रणनीतिक हमलावर बेस” में तब्दील किया जा रहा है। इस तैनाती के साथ जापान ने साफ कर दिया है कि वह अब केवल ‘डिफेंस’ के दायरे में नहीं रहेगा, बल्कि चीन की किसी भी आक्रामकता का सामना करने के लिए ‘ऑफेंसिव स्ट्रैटेजी’ अपनाने को भी तैयार है। (Japan China Conflict) कोमात्सु एयरबेस पर पहुंचने वाले तीन एफ-35ए विमान टेक्नोलॉजी रिफ्रेश-3 (TR-3) कॉन्फ़िगरेशन में हैं, जो उन्हें ‘अदृश्य हत्यारा’ बनाता है। ये फाइटर जेट्स चीन की रडार प्रणाली को भेदने और उसकी सामरिक गतिविधियों पर सटीक निशाना साधने में सक्षम हैं। अमेरिका के एफ-35 जॉइंट प्रोग्राम ऑफिस (JPO) के अनुसार, कोमात्सु अब जापान के उस समुद्री तट पर एकमात्र एयरबेस है, जो सीधे पूर्वी चीन सागर की ओर देखता है जहां सेनकाकू द्वीपों को लेकर जापान और चीन के बीच गहराता तनाव पहले से मौजूद है।

सेनकाकू द्वीप: विवाद की जड़ या युद्ध की वजह?

पूर्वी सागर में स्थित सेनकाकू द्वीप समूह या जैसा कि चीन उन्हें “दियाओयू” कहता है—इस पूरे विवाद का केंद्रीय बिंदु हैं। इन निर्जन द्वीपों में न तो कोई आबादी है और न ही कोई स्थायी निर्माण, लेकिन इनके आस-पास का समुद्री क्षेत्र प्राकृतिक गैस, तेल और मछली से भरपूर है। (Japan China Conflict) यही कारण है कि दोनों देश यहां अपनी-अपनी संप्रभुता का दावा करते हैं। जापान का कहना है कि 1895 से यह द्वीप उसके अधिकार में हैं, जबकि चीन का आरोप है कि जापान ने इन्हें जबरन कब्जा किया। 1970 के दशक में जब इस क्षेत्र में तेल और गैस संसाधनों की मौजूदगी का खुलासा हुआ, तभी से इस पर अधिकार को लेकर दोनों देशों के बीच कूटनीतिक टकराव शुरू हुआ, जो अब सैन्य तैयारी में बदल चुका है। Japan China Conflict) बीते कुछ वर्षों में चीन ने इस क्षेत्र में कोस्ट गार्ड और लड़ाकू विमानों की गश्त बढ़ा दी है और यहां तक कि इसे एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) घोषित कर दिया है। जवाब में जापान ने अमेरिकी मदद से अपने नौसैनिक और वायुसेना संसाधनों को पूर्वी तट पर तैनात करना शुरू कर दिया।

‘एशियाई शीत युद्ध’ की दस्तक?

एफ-35 की तैनाती सिर्फ जापान की आत्मरक्षा नीति में बदलाव का संकेत नहीं है, बल्कि यह उस बड़े रणनीतिक खेल का हिस्सा है जो अब अमेरिका, जापान और चीन के बीच त्रिकोणीय शक्ति संघर्ष के रूप में सामने आ रहा है। अमेरिका लंबे समय से जापान का सामरिक भागीदार रहा है और उसने साफ कर दिया है कि सेनकाकू द्वीपों पर किसी भी हमले की स्थिति में वह जापान की रक्षा करेगा। (Japan China Conflict) यही वजह है कि अब चीन इस तैनाती को सिर्फ जापान की चाल नहीं, बल्कि अमेरिका-जापान गठजोड़ द्वारा अपनी घेरेबंदी के रूप में देख रहा है। चीन की सरकारी मीडिया ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है और इसे “उकसावे वाला कदम” बताया है। विश्लेषकों का मानना है कि यह तैनाती भविष्य में दक्षिण चीन सागर और ताइवान जलडमरूमध्य में तनाव को और अधिक भड़का सकती है। इस बीच, जापान भी अब अपने रक्षा बजट में बढ़ोतरी कर रहा है, और यह अनुमान लगाया जा रहा है कि 2027 तक जापान का रक्षा खर्च अपने सकल घरेलू उत्पाद का 2% पार कर जाएगा—जो युद्धोत्तर जापान की सबसे बड़ी रक्षा उन्नति होगी।

- Advertisement -

कूटनीति की जगह ले रही है सैन्य तैयारी?

जहां एक ओर संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय मंचों पर शांति की बातें हो रही हैं, वहीं जापान और चीन के बीच सीमा रेखाओं पर अब टैंकों और फाइटर जेट्स की आवाजाही आम होती जा रही है। (Japan China Conflict) यह संकेत है उस बदलती एशिया की, जहां कूटनीति अब बैकफुट पर है और सैन्य सशक्तिकरण फ्रंटफुट पर।एफ-35 जैसे फाइटर विमानों की तैनाती से न केवल जापान की वायु क्षमता बढ़ी है, बल्कि इससे यह भी साफ हो गया है कि जापान अब ‘शांति के लिए तैयार सेना’ से एक ‘रणनीतिक हमलावर’ राष्ट्र में तब्दील हो रहा है। और यह बदलाव चीन को सीधे चुनौती देने जैसा है।

क्या यह टकराव टल सकता है?

फिलहाल युद्ध की घोषणा तो नहीं हुई है, लेकिन सैन्य तैयारियों की इस दौड़ ने यह साफ कर दिया है कि एशिया अब शीत युद्ध के एक नए युग में प्रवेश कर चुका है, जहां हर देश अपनी सैन्य स्थिति को मजबूत करने में जुटा है। जापान की एफ-35 तैनाती इस युग की शुरुआत का प्रतीक बनती जा रही है। (Japan China Conflict) विशेषज्ञ मानते हैं कि अगर आने वाले समय में कूटनीतिक चैनल सक्रिय नहीं किए गए, तो सेनकाकू की चट्टानों के इर्द-गिर्द मंडराते फाइटर जेट्स कभी भी एक बड़ी चिंगारी का कारण बन सकते हैं—और वो चिंगारी पूरे एशिया को जला सकती है।

जापान की नई सैन्य नीति, चीन की बेचैनी और एशिया का भविष्य

कोमात्सु एयरबेस पर एफ-35 की तैनाती कोई सामान्य निर्णय नहीं था। यह जापान की उस नई सुरक्षा नीति का हिस्सा है जिसमें अब खतरे को टालने की बजाय उसका सामना करने की तैयारी है। जापान ने चीन को एक अप्रत्यक्ष परंतु स्पष्ट चेतावनी दी है—”अगर तुम आगे बढ़े, तो हम पीछे नहीं हटेंगे। (Japan China Conflict) ” अब यह देखना होगा कि बीजिंग इस सैन्य चेतावनी का क्या जवाब देता है—क्या वह पीछे हटेगा, कूटनीति की राह चुनेगा या पूर्वी सागर में अपने लड़ाकू जहाजों की संख्या और बढ़ाकर इस ‘शीत युद्ध’ को और गहरा करेगा। एक बात तो तय है एशिया अब स्थिर नहीं है, वह उबाल पर है और जब शांति की चादर इतनी पतली हो जाए कि उसके नीचे मिसाइलें साफ नजर आने लगें तो इतिहास सिखाता है कि कुछ बड़ा घट सकता है।

You Might Also Like

Taique Rehman: PM बनते ही पलट गए तारिक रहमान! ‘जुलाई चार्टर’ पर लिया बड़ा यू-टर्न… सियासत में भूचाल, बदलेगा सत्ता का खेल?

Saudi Arabia Cancels JF 17 Deal: इस ताकतवर मुस्लिम देश का बड़ा यू-टर्न! अमेरिका के आगे टेके घुटने, रद्द की पाकिस्तान से डील

Trump Denies Epstein Links: ‘…नहीं चाहता था मैं राष्ट्रपति बनूं’, एपस्टीन के साथ ‘रिश्तों’ पर डोनाल्ड ट्रंप ने तोड़ी चुप्पी

Iran US nuclear talks Geneva: जिनेवा पहुंचे ईरानी विदेश मंत्री अराघची, बोले- धमकियों के आगे झुकना डील का हिस्सा नहीं

US Iran Tensions: मिडिल ईस्ट में ‘आर्माडा’ की एंट्री…. ट्रंप ने भेजा दुनिया का सबसे बड़ा जहाज, ईरान के परमाणु ठिकानों पर मंडराया संकट

TAGGED: Japan China Conflict

Sign Up For Daily Newsletter

Be keep up! Get the latest breaking news delivered straight to your inbox.

By signing up, you agree to our Terms of Use and acknowledge the data practices in our Privacy Policy. You may unsubscribe at any time.
Share This Article
Facebook Twitter Copy Link Print
Share
Previous Article image 3 Bangladesh Government: तय हो गई बांग्लादेश की सरकार! मो यूनुस और शेख हसीना की राजनीति का होगा अंत
Next Article image 6 Turkiye Betrays Russia: वाह रे Turkiye! India के बाद Russia से भी की गद्दारी, पुतिन को दिया धोखा, कर दिया डबल गेम
Leave a comment Leave a comment

प्रातिक्रिया दे जवाब रद्द करें

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

Latest News

WhatsApp Image 2026 02 11 at 8.02.54 PM 3
Varanasi Movie Cast: वाराणसी मूवी में प्रकाश राज निभाएंगे कौन सा किरदार, जानें यहां
मनोरंजन 4 घंटे ago
WhatsApp Image 2026 02 11 at 8.02.54 PM 2
Taique Rehman: PM बनते ही पलट गए तारिक रहमान! ‘जुलाई चार्टर’ पर लिया बड़ा यू-टर्न… सियासत में भूचाल, बदलेगा सत्ता का खेल?
विदेश 5 घंटे ago
WhatsApp Image 2026 02 11 at 8.02.54 PM
Saudi Arabia Cancels JF 17 Deal: इस ताकतवर मुस्लिम देश का बड़ा यू-टर्न! अमेरिका के आगे टेके घुटने, रद्द की पाकिस्तान से डील
विदेश 5 घंटे ago
WhatsApp Image 2026 02 11 at 8.02.54 PM
Galgotia University Controversy: चीनी ‘रोबोट डॉग’ ने डुबोई लुटिया, Galgotia University को पड़ी भारी फटकार, AI समिट खाली करने का फरमान
राष्ट्रीय समाचार 6 घंटे ago
WhatsApp Image 2026 02 17 at 11.00.14 AM 4
Sunny Deol Gabru Movie Poster: सनी देओल की फिल्म गबरू का धमाकेदार पोस्टर हुआ जारी, जाने कब रिलीज होगी फिल्म
मनोरंजन 1 दिन ago
WhatsApp Image 2026 02 17 at 11.00.14 AM 2
Assam assembly elections 2026: असम में चुनावी शंखनाद! एक झटके में BJP से 30 विधायक आउट? इन 3 ब्रह्मास्त्र से ढह जाएगा विपक्ष
Blog 1 दिन ago
नौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरेंनौ दुनिया : देश विदेश की बड़ी खबरें
Follow US
© 2025 All Rights Reserved.
  • Home
  • Privacy Policy
  • Contact
  • About
adbanner
AdBlock Detected
Our site is an advertising supported site. Please whitelist to support our site.
Okay, I'll Whitelist
Welcome Back!

Sign in to your account

Lost your password?