India US Trade Deal: भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। हाल ही में ट्रंप प्रशासन द्वारा संशोधित फैक्टशीट जारी किए जाने और कुछ शर्तें वापस लेने के बाद संकेत मिल रहे हैं कि भारत को अतिरिक्त रियायतें मिल सकती हैं। केंद्रीय वाणिज्य मंत्री Piyush Goyal ने कहा है कि भारत को भी बांग्लादेश की तरह टेक्सटाइल सेक्टर में विशेष व्यापारिक लाभ मिलने की उम्मीद है।
India US Trade Deal: बांग्लादेश डील से बढ़ी चिंता
दरअसल, अमेरिका और Bangladesh के बीच हुए ट्रेड समझौते में एक अहम प्रावधान जोड़ा गया है। इसके तहत अमेरिकी कपास से बने बांग्लादेशी परिधानों पर जीरो टैरिफ लागू होगा। इस कदम ने भारतीय टेक्सटाइल उद्योग की चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि अमेरिका भारत के टेक्सटाइल निर्यात का सबसे बड़ा बाजार है। (India US Trade Deal) लगभग 30 प्रतिशत भारतीय टेक्सटाइल एक्सपोर्ट अमेरिका को जाता है। हाल ही में भारत और United States के बीच हुए अंतरिम समझौते में अमेरिका ने भारत पर टैरिफ को 50 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया था। इससे भारत को बांग्लादेश (19%), पाकिस्तान (19%), वियतनाम (20%) और चीन (30%) की तुलना में प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त मिली थी। लेकिन बांग्लादेश को अमेरिकी कपास से बने गारमेंट्स पर शून्य ड्यूटी मिलने से यह बढ़त कमजोर पड़ सकती है।
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विपक्ष पर पलटवार और संभावित राहत
पीयूष गोयल ने विपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि भारत को भी वही सुविधा मिलेगी जो बांग्लादेश को दी गई है। उनके मुताबिक, यदि भारत अमेरिकी कच्चा माल आयात कर यहां प्रोसेसिंग के बाद तैयार परिधान अमेरिका निर्यात करता है, तो उन पर भी जीरो रेसिप्रोकल टैरिफ लागू हो सकता है। (India US Trade Deal) हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि यह प्रावधान अभी अंतरिम ढांचे में शामिल नहीं दिखता, लेकिन अंतिम समझौते में इसे जोड़ा जा सकता है। यदि ऐसा होता है, तो यह भारत के श्रम-प्रधान टेक्सटाइल सेक्टर के लिए बड़ी राहत साबित होगा। इससे निर्यात बढ़ने के साथ लाखों रोजगारों को मजबूती मिल सकती है। हालांकि, अमेरिकी कपास के अधिक आयात की शर्त भारतीय कपास निर्यातकों के लिए चुनौती भी बन सकती है।
