India-Pakistan UN: संयुक्त राष्ट्र में भारत और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर जम्मू-कश्मीर को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। भारत ने पाकिस्तान के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि इस अंतरराष्ट्रीय मंच का इस्तेमाल भारत के खिलाफ झूठी बातें फैलाने के लिए करना अफसोस की बात है। संयुक्त राष्ट्र में भारत की ओर से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने जवाब दिया।
महिमा कुमारी ने साफ शब्दों में कहा कि पाकिस्तान का इतिहास सैन्य शासन, चुनावों में गड़बड़ी, जनता के चुने हुए नेताओं को जेल में डालने, धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद को बढ़ावा देने जैसे आरोपों से जुड़ा रहा है। (India-Pakistan UN) जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा। उन्होंने पाकिस्तान के बयान पर आपत्ति जताते हुए कहा कि पाकिस्तान को दूसरे देशों को सीख देने के बजाय अपने रिकॉर्ड पर ध्यान देना चाहिए।
India-Pakistan UN: संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के बयान पर भारत ने जताई नाराजगी
यह मामला संयुक्त राष्ट्र महासभा की चौथी समिति में उठा। शुक्रवार को इस समिति में उपनिवेशवाद से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हो रही थी। इसी दौरान पाकिस्तान ने जम्मू-कश्मीर को लेकर बयान दिया। इसके जवाब में भारत ने अपने पक्ष को सामने रखा और पाकिस्तान की बातों को गलत बताया।
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भारत की ओर से सांसद महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि पाकिस्तान लगातार संयुक्त राष्ट्र जैसे महत्वपूर्ण मंच का इस्तेमाल जम्मू-कश्मीर को लेकर झूठे दावे करने के लिए कर रहा है। भारत ने इसे गलत बताते हुए अपनी स्थिति दोहराई कि जम्मू-कश्मीर देश का अभिन्न और अटूट हिस्सा है।
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महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर उठाए सवाल
भारत की ओर से जवाब देते हुए महिमा कुमारी मेवाड़ ने पाकिस्तान के राजनीतिक और प्रशासनिक इतिहास पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जिस देश का रिकॉर्ड सैन्य शासन, विवादित चुनावों, लोकप्रिय नेताओं को जेल में रखने, धार्मिक कट्टरता और आतंकवाद को बढ़ावा देने से जुड़ा रहा है, उसे दूसरे देशों को उपदेश देने से बचना चाहिए।
मेवाड़ ने अपने बयान में पाकिस्तान को सलाह दी कि वह संयुक्त राष्ट्र के मंच पर भारत के खिलाफ आरोप लगाने के बजाय अपनी समस्याओं पर ध्यान दे। भारत की प्रतिक्रिया का मुख्य संदेश यही था कि जम्मू-कश्मीर को लेकर पाकिस्तान के दावों को स्वीकार नहीं किया जा सकता और भारत इस मुद्दे पर अपना पक्ष मजबूती से रखता रहेगा।
पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकारों का मुद्दा भी उठाया
भारत ने अपने जवाब में पाकिस्तान के कब्जे वाले इलाकों में मानवाधिकारों की स्थिति का मुद्दा भी उठाया। भारत ने पाकिस्तान से वहां कथित मानवाधिकार उल्लंघन रोकने की मांग की। महिमा कुमारी मेवाड़ ने कहा कि इन इलाकों में रहने वाले लोग सैन्य नियंत्रण, दमन, हिंसा और संसाधनों के कथित गैरकानूनी इस्तेमाल के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।
भारत की ओर से यह भी आरोप लगाया गया कि पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों और उनसे जुड़े समूहों ने अपने बुनियादी अधिकारों, आजादी और जरूरी सुविधाओं की मांग कर रहे कई निर्दोष नागरिकों की जान ली है। मेवाड़ ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि लोगों की मांगों और अधिकारों को दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए।
ये आरोप भारत ने संयुक्त राष्ट्र में अपने जवाब के दौरान लगाए। पाकिस्तान की ओर से इन विशेष आरोपों पर क्या प्रतिक्रिया दी गई, इसकी जानकारी उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है।
15 सांसदों का प्रतिनिधिमंडल पहुंचा है न्यूयॉर्क
महिमा कुमारी मेवाड़ उन 15 भारतीय सांसदों के प्रतिनिधिमंडल का हिस्सा हैं, जो संयुक्त राष्ट्र की कार्यप्रणाली को समझने के लिए न्यूयॉर्क पहुंचे हैं। यह प्रतिनिधिमंडल इसी सप्ताह वहां पहुंचा था। दौरे के दौरान सांसदों ने संयुक्त राष्ट्र में कई कार्यक्रमों और बैठकों में हिस्सा लिया।
इसके अलावा, न्यूयॉर्क स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास में भारतीय समुदाय के लोगों के लिए एक विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल के सदस्यों ने भारतीय मूल के लोगों से मुलाकात की।
जम्मू-कश्मीर पर भारत ने फिर दोहराया अपना रुख
संयुक्त राष्ट्र में भारत का यह जवाब ऐसे समय आया, जब पाकिस्तान ने एक बार फिर जम्मू-कश्मीर का मुद्दा उठाया। भारत ने अपने बयान में साफ किया कि वह इस मुद्दे पर पाकिस्तान के दावों को स्वीकार नहीं करता। साथ ही, भारत ने पाकिस्तान के कब्जे वाले क्षेत्रों में मानवाधिकारों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठाए।
भारत की ओर से दिया गया संदेश साफ था कि जम्मू-कश्मीर को लेकर देश का रुख नहीं बदला है। भारत ने संयुक्त राष्ट्र के मंच पर पाकिस्तान के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और हमेशा रहेगा।
