Goa nightclub owners arrest update: गोवा के नाइट क्लब ‘रोमियो लेन’ में लगी भीषण आग, जिसने 25 लोगों की जिंदगी छीन ली, के बाद अब क्लब मालिकों का डर सामने आया है। बैंकॉक भागने वाले क्लब के मालिक भाइयों गौरव लूथरा (44) और सौरभ लूथरा ने अदालत में दायर अग्रिम जमानत याचिका में ‘गोवा में लिंचिंग’ (पीट-पीटकर मार डाले जाने) का डर जताया है। पासपोर्ट रद्द होने के बाद दोनों भाइयों को थाईलैंड में हिरासत में ले लिया गया है और भारत लाए जाने की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।हालांकि, लूथरा ब्रदर्स की ओर से दिल्ली के रोहिणी कोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका को अडिशनल सेशंस जज वंदना ने गुरुवार को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि “प्राथमिक दृष्टया अपराध की प्रकृति गंभीर है।”
Goa nightclub owners arrest update: ‘मेरी लिंचिंग हो जाएगी’, वकीलों ने कोर्ट में कहा
लूथरा भाइयों की ओर से वरिष्ठ वकील सिद्धार्थ लूथरा और तनवीर अहमद मीर ने चार सप्ताह की ट्रांजिट अग्रिम जमानत मांगी थी। उन्होंने अदालत में जोरदार दलील दी कि भारत आने पर दोनों भाइयों की सुरक्षा को सीधा खतरा है, खासकर गोवा में। (Goa nightclub owners arrest update) उन्होंने यह भी कहा कि लूथरा बंधु गोवा की अदालत में राहत की अपील करने के लिए जमानत चाहते हैं।
वकीलों ने दोनों भाइयों की प्रॉपर्टी पर हुए बुलडोजर एक्शन का भी जिक्र किया और यह जताने की कोशिश की कि अथॉरिटीज उनके साथ गलत ढंग से पेश आ सकती हैं। (Goa nightclub owners arrest update) वकीलों ने अपने मुवक्किल की ओर से कहा “मेरी सुरक्षा को सीधा खतरा है। गोवा में मेरी लिंचिंग हो जाएगी। मेरे दूसरे रेस्तरां पर सीधा बुलडोजर चला दिया गया। हम जांच में शामिल होंगे… मुझ पर मुकदमा चलाया जाए, लेकिन सताया ना जाए।”
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आग लगने के बाद भागे थे मालिक
कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए कई अहम बिंदुओं को रेखांकित किया। जज ने उन दस्तावेजों को भी संज्ञान में लिया, जिनके मुताबिक लूथरा भाइयों ने 7 दिसंबर की रात 7.17 बजे टिकट बुक की और सुबह 5.20 की फ्लाइट से देश से बाहर निकल गए। (Goa nightclub owners arrest update) जज ने साफ कहा कि वकीलों ने तथ्य को छिपाया और यह कहा कि वे भीषण आग लगने से पहले ही थाईलैंड गए थे। अदालत ने निष्कर्ष निकाला कि आग आधी रात के पहले लगी थी, इसका मतलब है कि दोनों भाइयों ने घटना की जानकारी मिलने के बाद ट्रिप को लेकर प्लान बनाया और देश से निकले। अदालत ने यह भी रेखांकित किया कि आवेदन के साथ दायर दस्तावेजों से पता चलता है कि क्लब के लाइसेंस एग्रीमेंट, ट्रेड लाइसेंस और लीज डीड पहले ही एक्सपायर हो चुकी थी, जो दर्शाता है कि क्लब अवैध रूप से चलाया जा रहा था।
