Abhijeet Dipke Ink Attack: दिल्ली के जंतर-मंतर (Jantar Mantar) पर शनिवार को उस समय हंगामा मच गया, जब कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके (Abhijeet Dipke) पर एक महिला ने स्याही फेंक दी। घटना उस वक्त हुई, जब अभिजीत दिपके मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित कर रहे थे। अचानक हुई इस घटना से कुछ देर के लिए कार्यक्रम बाधित हो गया और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। छुट्टियांव मौसमी आयोजन
Abhijeet Dipke Ink Attack: महिला को किया पुलिस के हवाले किया
स्याही फेंके जाने के तुरंत बाद वहां मौजूद लोगों ने महिला को पकड़ लिया। इसके बाद उसे दिल्ली पुलिस (Delhi Police) के हवाले कर दिया गया। पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है।
हालांकि, महिला की पहचान अभी सामने नहीं आई है। उसने अभिजीत दिपके पर स्याही क्यों फेंकी, इसका भी फिलहाल खुलासा नहीं हो सका है। दिल्ली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
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अभिजीत दिपके ने शुरू की भूख हड़ताल
अभिजीत दिपके ने शनिवार सुबह ही अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल (Indefinite Hunger Strike) शुरू की थी। उन्होंने यह फैसला उस समय लिया, जब दिल्ली पुलिस ने जलवायु कार्यकर्ता सोनम वांगचुक (Sonam Wangchuk) को जंतर-मंतर से हटाकर सफदरजंग अस्पताल (Safdarjung Hospital) में भर्ती कराया।
अभिजीत दिपके ने आरोप लगाया कि पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर आंदोलन को दबाने की कोशिश की है। इसी के विरोध में उन्होंने खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करने का ऐलान किया था।
20 जुलाई को संसद मार्च निकालने का ऐलान
अभिजीत दिपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ऐलान किया कि वह तत्काल प्रभाव से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि 20 जुलाई को प्रस्तावित चलो संसद मार्च (Chalo Sansad March) अपने तय कार्यक्रम के अनुसार निकाला जाएगा।
उनके इस ऐलान के कुछ ही घंटे बाद जंतर-मंतर पर मंच से प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते समय एक महिला ने उन पर स्याही फेंक दी।
सोनम वांगचुक को क्यों पहुंचाया अस्पताल?
इससे पहले शनिवार सुबह दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर पर चल रहे प्रदर्शन को हटाने की कार्रवाई की थी। पुलिस के मुताबिक, सोनम वांगचुक की सेहत लगातार बिगड़ रही थी। दिल्ली हाईकोर्ट (Delhi High Court) के निर्देशों और विशेषज्ञ डॉक्टरों की सलाह के बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया।
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से भी अपील की थी कि वे शांतिपूर्वक प्रदर्शन स्थल खाली कर दें।
नीट पेपर लीक के विरोध में चल रहा था आंदोलन
गौरतलब है कि सोनम वांगचुक ने नीट (NEET) परीक्षा में कथित अनियमितताओं और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान (Dharmendra Pradhan) के इस्तीफे की मांग को लेकर भूख हड़ताल शुरू की थी। शनिवार को उनका अनशन 21वें दिन में प्रवेश कर गया था।
सोनम वांगचुक को अस्पताल ले जाए जाने के बाद अभिजीत दिपके ने आंदोलन की कमान संभालते हुए खुद अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी। लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन पर स्याही फेंके जाने की घटना ने जंतर-मंतर पर एक नया विवाद खड़ा कर दिया।
फिलहाल दिल्ली पुलिस महिला से पूछताछ कर रही है और पूरे मामले की जांच में जुटी है। महिला ने अभिजीत दिपके पर स्याही क्यों फेंकी और इस घटना के पीछे उसकी क्या वजह थी, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो सकेगा।
