Trump UN Speech 2026: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा के मंच से ईरान को लेकर बेहद सख्त बयान दिया। उन्होंने कहा कि उनके सामने एक “बड़ा फैसला” है, “ईरान के साथ ऐसा समझौता किया जाए, जिससे वह दोबारा मजबूत होकर आगे बढ़े या फिर उसके खिलाफ सैन्य कार्रवाई को और तेज किया जाए।” ट्रंप के इस बयान के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल के सदस्य सभागार से बाहर चले गए।
ट्रंप ने कहा कि सवाल यह है कि क्या ईरान के साथ ऐसा समझौता हो सकता है, जिससे वह दोबारा निर्माण कर सके और मध्य पूर्व या दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण देशों में शामिल हो सके। इसके साथ ही उन्होंने दूसरा विकल्प भी सामने रखा और ईरानी शासन को पूरी तरह तबाह करने की अपनी पहले की धमकी दोहराई।
Trump UN Speech 2026: चुनाव के बाद ईरान से डील की उम्मीद
हालांकि, ट्रंप ने अपने भाषण में यह भी कहा कि उन्हें लगता है कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता हो सकता है। उन्होंने इसके लिए अमेरिकी मिडटर्म चुनाव के बाद की स्थिति की ओर इशारा किया। ट्रंप के मुताबिक, 3 नवंबर के मिडटर्म चुनाव के बाद डील होने की संभावना है।
ट्रंप का कहना था कि ईरान शायद अमेरिकी चुनाव के नतीजों का इंतजार कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के लिए समझौते से इनकार करने का कोई मतलब नहीं है। हालांकि, यह ट्रंप का आकलन है और ईरान की ओर से इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
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कुछ दिन पहले भी दी थी बड़ी सैन्य कार्रवाई की धमकी
UNGA भाषण से कुछ दिन पहले ट्रंप ने Axios से बातचीत में कहा था कि वह ईरान युद्ध को लेकर एक महत्वपूर्ण मोड़ पर हैं और उनके सामने यह फैसला है कि क्या ईरान के खिलाफ बड़े पैमाने पर हमले दोबारा शुरू किए जाएं। उन्होंने कहा था कि उनके पास “बड़ा फैसला” करने का विकल्प है।
वहीं, ईरान की सैन्य कमान ने 21 सितंबर को दावा किया था कि अमेरिका हमले दोबारा शुरू करने की तैयारी कर रहा है। ईरान ने चेतावनी दी थी कि ऐसा होने पर वह अमेरिकी ठिकानों और मध्य पूर्व में अमेरिकी हितों को निशाना बना सकता है।
UN में ट्रंप के भाषण के दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल बाहर निकला
ट्रंप जब पिछले महीनों के अमेरिका-ईरान सैन्य संघर्ष का जिक्र कर रहे थे, उसी दौरान ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने सभागार से वॉकआउट किया। AP के मुताबिक, ट्रंप ने ईरान के खिलाफ युद्ध शुरू करने के अपने फैसले का बचाव किया और कहा कि उनकी कार्रवाई का उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना था।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी मंगलवार को कहा कि अमेरिका UNGA के दौरान ईरानी अधिकारियों से बातचीत के लिए तैयार है, हालांकि उस समय तक कोई बैठक तय नहीं हुई थी। उन्होंने कहा कि बातचीत का प्रमुख उद्देश्य ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना होगा।
यानी ट्रंप का मौजूदा संदेश दोहरी रणनीति वाला दिख रहा है—एक तरफ ईरान के साथ संभावित समझौते का संकेत और दूसरी तरफ सैन्य कार्रवाई बढ़ाने की खुली चेतावनी। आगामी अमेरिकी मिडटर्म चुनाव और उसके बाद की कूटनीतिक गतिविधियां इस टकराव की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होंगी।
