Pahalgam terror Attack: जम्मू-कश्मीर के पहलगाम आतंकी हमले की जांच में बड़ा कानूनी कदम उठाया गया है। इस मामले में पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के प्रमुख हाफिज सईद के खिलाफ अदालत ने गैर-जमानती वारंट जारी किया है। जांच एजेंसी एनआईए का कहना है कि हाफिज सईद इस हमले की साजिश रचने वालों में प्रमुख भूमिका निभाने वाला आरोपी है। एनआईए ने उसे अपनी पूरक चार्जशीट में आरोपी बनाया है और अब उसे भगोड़ा घोषित कराने की कानूनी प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।
Pahalgam terror Attack: पहलगाम हमले में गई थीं 26 लोगों की जान
पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की मौत हुई थी। (Pahalgam terror Attack) इस घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने व्यापक जांच शुरू की। जांच के दौरान कई अहम सुराग सामने आए, जिनके आधार पर एजेंसी ने इस हमले के पीछे पाकिस्तान से संचालित आतंकी नेटवर्क की भूमिका होने का दावा किया है।
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क्यों जारी हुआ गैर-जमानती वारंट?
एनआईए ने अदालत को बताया कि हाफिज सईद पाकिस्तान में मौजूद है और उसे भारत लाना फिलहाल संभव नहीं है। ऐसे में उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई आगे बढ़ाने के लिए गैर-जमानती वारंट जारी करना जरूरी था। (Pahalgam terror Attack) अदालत ने एनआईए की दलीलों को स्वीकार करते हुए वारंट जारी कर दिया। इससे उसके खिलाफ आगे की कानूनी प्रक्रिया का रास्ता खुल गया है। इतिहास
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क्या होता है ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’?
भारत के नए आपराधिक कानूनों में एक प्रावधान किया गया है, जिसके तहत यदि कोई आरोपी देश से बाहर है, अदालत के सामने जानबूझकर पेश नहीं हो रहा है और उसके खिलाफ पर्याप्त सबूत मौजूद हैं, तो उसकी अनुपस्थिति में भी मुकदमा चलाया जा सकता है। (Pahalgam terror Attack) इस प्रक्रिया को ‘ट्रायल इन एब्सेंशिया’ कहा जाता है। इसमें पहले अदालत आरोपी के नाम समन और वारंट जारी करती है। यदि इसके बाद भी आरोपी उपस्थित नहीं होता, तो उसे भगोड़ा घोषित किया जा सकता है और उसके बिना ही मुकदमे की सुनवाई आगे बढ़ाई जा सकती है।
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एनआईए ने क्या कहा?
जांच एजेंसी का कहना है कि हाफिज सईद लंबे समय से भारत के खिलाफ कई बड़े आतंकी हमलों की साजिश रचता रहा है। एनआईए के अनुसार, पहलगाम हमले की योजना भी पाकिस्तान में तैयार की गई थी और इसमें उसकी अहम भूमिका रही। (Pahalgam terror Attack) एजेंसी का यह भी कहना है कि पाकिस्तान से उसे भारत लाने की कानूनी संभावनाएं बेहद सीमित हैं। इसलिए नए कानून के तहत उसके खिलाफ मुकदमा चलाना जरूरी है, ताकि न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ सके।
चार्जशीट में किन लोगों के नाम शामिल हैं?
एनआईए की पहली चार्जशीट में कई अन्य आरोपियों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इनमें पाकिस्तान के तीन आतंकी सुलेमान, जिब्रान और हमजा अफगानी शामिल हैं। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े साजिद सैफुल्ला जट्ट और जम्मू-कश्मीर के रहने वाले बशीर अहमद तथा परवेज अहमद को भी आरोपी बनाया गया है।
आगे क्या होगा?
गैर-जमानती वारंट जारी होने के बाद अब एनआईए हाफिज सईद को भगोड़ा घोषित कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगी। यदि कानूनी औपचारिकताएं पूरी हो जाती हैं, तो उसके खिलाफ भारत में उसकी गैरमौजूदगी में भी मुकदमे की सुनवाई शुरू हो सकती है। इस कदम को पहलगाम आतंकी हमले के आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
