Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान की सैन्य स्थिति को लेकर एक बड़ा दावा किया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान की सैन्य ताकत लगभग खत्म हो चुकी है। अपने बयान में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के कई महत्वपूर्ण सैन्य संसाधनों को भारी नुकसान पहुंचाया है, जिससे उसकी सैन्य क्षमता बुरी तरह प्रभावित हुई है।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी हमलों में ईरान के 44 नौसैनिक जहाजों को नष्ट कर दिया गया है। (Donald Trump) इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि ईरान की वायुसेना के सभी विमानों को तबाह कर दिया गया है। उनका दावा है कि इन हमलों के बाद ईरान की रक्षा क्षमता काफी कमजोर हो गई है और वह पहले की तरह सैन्य कार्रवाई करने की स्थिति में नहीं है।
ट्रंप ने आगे कहा कि अमेरिका ने ईरान की अधिकांश मिसाइलों को भी नष्ट कर दिया है। उन्होंने बताया कि ईरान अब पहले की तरह बड़ी संख्या में मिसाइलें दागने में सक्षम नहीं है। (Donald Trump) इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान के मिसाइल निर्माण से जुड़े ठिकानों पर भी बड़े पैमाने पर हमले किए हैं। ट्रंप का कहना है कि इन हमलों की वजह से ईरान की ड्रोन क्षमता भी काफी कम हो गई है।
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उन्होंने यह भी कहा कि मौजूदा स्थिति में ईरानी सेना लगभग न के बराबर रह गई है। (Donald Trump) हालांकि ट्रंप ने यह संकेत भी दिया कि यदि जरूरत पड़ी तो अमेरिका ईरान की सेना पर और बड़े हमले कर सकता है। उन्होंने कहा कि इस विषय पर अभी अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है और यह तय नहीं है कि आगे क्या कदम उठाए जाएंगे।
रूस और ईरान के संबंधों को लेकर भी ट्रंप से सवाल किया गया। इस पर उन्होंने कहा कि उन्हें ऐसे कोई संकेत नहीं मिले हैं कि व्लादिमीर पुतिन के नेतृत्व वाला रूस ईरान की किसी तरह की सैन्य सहायता कर रहा है। (Donald Trump) ट्रंप ने व्यंग्य करते हुए कहा कि अगर रूस मदद कर भी रहा है, तो वह बहुत प्रभावी नहीं है, क्योंकि इस समय ईरान की स्थिति बेहद कमजोर दिखाई दे रही है।
ऊर्जा और तेल की कीमतों के मुद्दे पर भी ट्रंप ने अपनी बात रखी। उनका कहना था कि अमेरिका के पास तेल का विशाल भंडार मौजूद है। उन्होंने कहा कि देश के भीतर और समुद्र में बड़ी मात्रा में तेल उपलब्ध है, इसलिए जरूरत पड़ने पर अमेरिका ऊर्जा क्षेत्र में दबाव कम करने के लिए कड़े कदम उठा सकता है।
