USS Tripoli Deployment: अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी सैन्य गतिविधियां तेज होती नजर आ रही हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने शनिवार को जानकारी दी कि यूएसएस त्रिपोली (LHA-7) पर सवार अमेरिकी सैनिक 27 मार्च को उसके जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पहुंच चुके हैं। (USS Tripoli Deployment) यह अत्याधुनिक असॉल्ट शिप करीब 3,500 सैनिकों के साथ-साथ ट्रांसपोर्ट और स्ट्राइक फाइटर विमान, एम्फीबियस असॉल्ट क्षमताएं और कई टैक्टिकल संसाधन लेकर तैनात हुआ है। इस तैनाती के बाद यह आशंका जताई जा रही है कि अमेरिका संभावित रूप से जमीनी सैन्य कार्रवाई की तैयारी कर रहा है।
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यूएसएस त्रिपोली और उस पर तैनात 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट पहले जापान में तैनात थे। (USS Tripoli Deployment) ये सैनिक ताइवान के आसपास के क्षेत्र में सैन्य अभ्यास कर रहे थे, लेकिन लगभग दो सप्ताह पहले उन्हें अचानक पश्चिम एशिया की ओर रवाना होने का आदेश मिला। इस तेजी से हुए पुन:तैनाती ने क्षेत्र में अमेरिका की रणनीतिक मंशा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष का असर भी साफ दिखाई दे रहा है। हालिया रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान के साथ जारी टकराव में घायल अमेरिकी सैनिकों की संख्या 300 से अधिक हो चुकी है। सऊदी अरब स्थित एक सैन्य अड्डे पर हुए हमले में दो दर्जन से ज्यादा अमेरिकी सैनिक घायल हुए। (USS Tripoli Deployment) शुक्रवार को ईरान ने प्रिंस सुल्तान एयरबेस पर छह बैलिस्टिक मिसाइलें और 29 ड्रोन दागे, जिसमें कम से कम 15 सैनिक घायल हो गए। इनमें पांच की हालत गंभीर बताई जा रही है।
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इस स्थिति पर प्रतिक्रिया देते हुए अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि अमेरिका अपने सैन्य उद्देश्यों को बिना जमीनी सेना के भी हासिल कर सकता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि राष्ट्रपति को हर संभावित स्थिति के लिए तैयार रहना चाहिए और अमेरिकी सेना सभी विकल्प उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। (USS Tripoli Deployment) अमेरिकी सेंट्रल कमांड के अनुसार, पिछले एक महीने में घायल हुए अधिकांश सैनिक इलाज के बाद ड्यूटी पर लौट चुके हैं, लेकिन अभी भी कुछ सैनिक सेवा के लिए अयोग्य हैं और कई की हालत गंभीर बनी हुई है। यह घटनाक्रम क्षेत्र में बढ़ते सैन्य तनाव और संभावित बड़े संघर्ष की ओर इशारा कर रहा है।
