US Israel Iran Conflict: मध्य पूर्व में अमेरिका, इज़रायल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के बीच तुर्की के राष्ट्रपति रेचेप तैयप एर्दोगन ने दुनिया भर के मुसलमानों से एकजुट होने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात में मुस्लिम देशों और समुदायों को मतभेद भूलकर एकता दिखानी चाहिए, ताकि क्षेत्र में शांति और स्थिरता स्थापित की जा सके। (US Israel Iran Conflict) तुर्की में सत्तारूढ़ AK पार्टी की एक बैठक को संबोधित करते हुए एर्दोगन ने कहा कि तुर्की लगातार संघर्ष को रोकने और तनाव कम करने की कोशिश कर रहा है। उन्होंने कहा कि अंकारा क्षेत्र में शांति स्थापित करने के लिए कूटनीतिक प्रयासों में जुटा हुआ है और हथियारों की आवाज को शांत करने के लिए हर संभव प्रयास कर रहा है।
एक रिपोर्ट के अनुसार, तुर्की के राष्ट्रगान की 105वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में एर्दोगन ने ईरान पर हुए हमलों को गंभीर मानवीय और क्षेत्रीय संकट बताया। उन्होंने कहा कि इन हमलों ने न केवल ईरान को भारी नुकसान पहुंचाया है, बल्कि पूरे क्षेत्र में अस्थिरता भी बढ़ा दी है। (US Israel Iran Conflict) एर्दोगन की यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब अमेरिका और इज़रायल की ओर से ईरान पर बड़े पैमाने पर सैन्य हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। इन हमलों में कई वरिष्ठ ईरानी अधिकारियों के मारे जाने और देश के महत्वपूर्ण ढांचे को नुकसान पहुंचने की भी जानकारी सामने आई है। इसके कारण आम ईरानी नागरिकों की स्थिति भी कठिन हो गई है और वे लगातार असुरक्षा और संकट का सामना कर रहे हैं।
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तुर्की के राष्ट्रपति ने अपने संबोधन में इस्लामी एकता के विचार पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोगों को शिया, सुन्नी, तुर्क या कुर्द जैसी पहचान के आधार पर बांटकर नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, सभी मुसलमानों की पहचान एक साझा धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत से जुड़ी हुई है। (US Israel Iran Conflict) एर्दोगन ने कहा कि तुर्की उन सभी लोगों के साथ खड़ा है जो अन्याय या उत्पीड़न का सामना कर रहे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि नस्ल, संप्रदाय, भाषा या मूल के आधार पर भेदभाव स्वीकार्य नहीं है और मानवता के आधार पर एक-दूसरे का साथ देना ही सही रास्ता है।
उन्होंने शिया और सुन्नी के बीच मतभेद खत्म करने की भी अपील की। अपने भाषण में एर्दोगन ने कहा कि मुसलमानों के बीच विभाजन पैदा करने वाली सोच से दूर रहना जरूरी है। उनके मुताबिक इस्लाम की मूल भावना एकता और भाईचारे की है, जिसे मजबूत किया जाना चाहिए। (US Israel Iran Conflict) इसके साथ ही एर्दोगन ने चेतावनी दी कि ईरान पर हो रहे हमलों का असर केवल मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि इस संघर्ष का वैश्विक अर्थव्यवस्था पर भी प्रभाव पड़ सकता है। खासकर ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ने से तेल की कीमतों में वृद्धि हो सकती है, जिसका असर दुनिया के कई देशों पर पड़ेगा। (US Israel Iran Conflict) तुर्की के राष्ट्रपति के अनुसार, यदि संघर्ष जल्द नहीं रुका तो इसके परिणाम केवल युद्ध में शामिल देशों तक सीमित नहीं रहेंगे, बल्कि पूरी दुनिया को इसकी आर्थिक और राजनीतिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।
