US Iran drone shot down: अरब सागर की लहरों के बीच एक बार फिर बारूद की गंध महसूस की जा रही है। लंबे समय से दबा अमेरिका और ईरान का तनाव अचानक फिर सतह पर आ गया, जब अमेरिकी सेना ने ईरान के एक निगरानी ड्रोन को मार गिराने की पुष्टि की। यह घटना ऐसे वक्त हुई है, जब दोनों देशों के बीच बातचीत की उम्मीदें बन रही थीं। (US Iran drone shot down) अब सवाल यही है कि क्या यह घटना किसी बड़े टकराव की शुरुआत बन सकती है।
US Iran drone shot down: अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर की ओर बढ़ रहा था ड्रोन
अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, 3 फरवरी को ईरान का Shahed-139 मॉडल का ड्रोन अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर यूएसएस अब्राहम लिंकन की दिशा में उड़ता हुआ पाया गया। उस समय कैरियर अरब सागर में तैनात था। अमेरिकी सेना ने बताया कि ड्रोन का रवैया आक्रामक था और उसका उद्देश्य स्पष्ट नहीं था, जिससे खतरे की आशंका बढ़ गई।
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F-35C फाइटर जेट ने किया ड्रोन को ढेर
CENTCOM के प्रवक्ता कैप्टन टिम हॉकिन्स ने बताया कि यूएसएस अब्राहम लिंकन से उड़ान भरने वाले F-35C फाइटर जेट ने ड्रोन को मार गिराया। (US Iran drone shot down) उनके अनुसार यह कार्रवाई पूरी तरह आत्मरक्षा में की गई, ताकि जहाज पर मौजूद सैनिकों और स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। इस घटना में किसी अमेरिकी सैनिक के घायल होने या सैन्य नुकसान की कोई खबर नहीं है।
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ईरान से 800 किलोमीटर दूर हुआ शूटडाउन
अमेरिकी सेना के अनुसार, जब ड्रोन को गिराया गया, उस वक्त यूएसएस अब्राहम लिंकन ईरान के दक्षिणी तट से करीब 800 किलोमीटर दूर अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में मौजूद था। (US Iran drone shot down) अमेरिका का कहना है कि उसने तनाव कम करने की कोशिशें कीं, लेकिन ड्रोन लगातार जहाज की ओर बढ़ता रहा।
ईरान की चुप्पी और तस्नीम की पुष्टि
इस पूरे घटनाक्रम पर ईरानी सरकार ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। हालांकि ईरान की अर्ध-सरकारी न्यूज एजेंसी तस्नीम ने यह जरूर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में एक ड्रोन से संपर्क टूट गया था। एजेंसी के मुताबिक ड्रोन ने IRGC को जरूरी डेटा भेज दिया था और संपर्क टूटने की वजहों की जांच की जा रही है।
बातचीत की उम्मीदों के बीच बढ़ा तनाव
यह घटना ऐसे समय हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे पर बातचीत की संभावनाएं बन रही थीं। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेशेज़कियान ने सम्मानजनक बातचीत के संकेत दिए हैं, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दबाव की नीति तेज की है। सूत्रों के अनुसार, दोनों देशों के बीच संभावित बातचीत की जगह और तारीख पर मंथन जारी है।
