Turkey surprise entry Iran-Israel war: दुनिया के नक्शे पर एक ऐसी आग सुलग रही है जिसकी तपिश अब सात समंदर पार तक महसूस की जा रही है। अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच छिड़ा संघर्ष अब महज एक क्षेत्रीय लड़ाई नहीं, बल्कि ‘ग्लोबल डिजास्टर’ का रूप ले चुका है। (Turkey surprise entry Iran-Israel war) रविवार को इस युद्ध में एक बड़ा मोड़ तब आया जब तुर्की ने अचानक इस विवाद के बीच ‘एंट्री’ मारी। तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने एक के बाद एक कई देशों के दिग्गजों को फोन घुमाकर पूरी दुनिया को चौंका दिया है। क्या तुर्की इस महाविनाश को रोकने वाला मसीहा बनेगा या फिर यह आने वाले बड़े तूफान का संकेत है?
Also Read –Anushka Sharma Telugu Debut: अनुष्का शर्मा का होगा तेलुगु डेब्यू, Allu Arjun संग करेंगी काम
Turkey surprise entry Iran-Israel war: तुर्की की ‘फोन कूटनीति’
तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने रविवार को वह किया जिसकी उम्मीद किसी को नहीं थी। उन्होंने ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची, मिस्र के विदेश मंत्री बदर अब्देलाती, अमेरिकी अधिकारियों और यहां तक कि यूरोपीय संघ की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास से अलग-अलग फोन पर लंबी बातचीत की। राजनयिक सूत्रों का कहना है कि तुर्की इस वक्त ‘पीस मेकर’ की भूमिका निभाने की कोशिश कर रहा है। (Turkey surprise entry Iran-Israel war) हाकान फिदान ने चेतावनी दी है कि अगर जल्द ही युद्ध विराम नहीं हुआ, तो यह जंग पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले लेगी। हालांकि, इस बातचीत का नतीजा क्या निकला, इसे अभी गुप्त रखा गया है, लेकिन तुर्की की इस सक्रियता ने दुनिया की उम्मीदें जगा दी हैं।
- Advertisement -
नेतन्याहू का ‘डिएगो गार्सिया’ वाला डर
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को दक्षिणी शहर अराद का दौरा किया, जो ईरानी मिसाइलों का ताजा शिकार बना है। मलबे के बीच खड़े होकर नेतन्याहू ने एक ऐसा बयान दिया जिसने यूरोप के देशों की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा कि ईरान ने हिंद महासागर में स्थित अमेरिकी सैन्य बेस ‘डिएगो गार्सिया’ पर हमला करके यह साबित कर दिया है कि उसकी मिसाइलें अब यूरोप के किसी भी शहर तक पहुंच सकती हैं। (Turkey surprise entry Iran-Israel war) नेतन्याहू ने दुनिया से अपील की कि वे इसे सिर्फ इजरायल की जंग न समझें, क्योंकि ईरान अब ‘सामूहिक नरसंहार’ के हथियार का इस्तेमाल कर पूरी मानवता के लिए खतरा बन चुका है।
डिमोना और अराद में कोहराम
ईरान और इजरायल के बीच जारी यह ‘परमाणु प्रतिशोध’ अब निर्दोष नागरिकों के खून से लिखा जा रहा है। शनिवार रात ईरान ने इजरायल के डिमोना और अराद शहरों पर भीषण मिसाइल हमला किया। इस हमले में अब तक 180 से अधिक लोगों के घायल होने की खबर है, जिनमें से 8 की हालत अत्यंत नाजुक है। ईरान का मुख्य लक्ष्य डिमोना के पास स्थित ‘शिमोन पेरेज नेगेव परमाणु अनुसंधान केंद्र’ था। ईरान ने साफ किया है कि यह हमला इजरायल द्वारा उनके नतांज परमाणु केंद्र पर किए गए हमले का बदला है। (Turkey surprise entry Iran-Israel war) इजरायल के लिए सबसे बड़ी चिंता यह है कि उसकी अत्याधुनिक वायु रक्षा प्रणाली दो बैलिस्टिक मिसाइलों को रोकने में नाकाम रही, जिसकी अब उच्च स्तरीय जांच की जा रही है।
पवित्र स्थलों पर मंडराता खतरा और वैश्विक सन्नाटा
नेतन्याहू ने आरोप लगाया है कि ईरान की मिसाइलें यरुशलम के उन पवित्र स्थलों के बेहद करीब गिरीं जो दुनिया के तीन बड़े धर्मों की आस्था का केंद्र हैं। (Turkey surprise entry Iran-Israel war) उनका कहना है कि यह सिर्फ किस्मत थी कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। फिलहाल, तुर्की की कोशिशों और ट्रंप के 48 घंटे के अल्टीमेटम के बीच पूरी दुनिया सांसें थामकर देख रही है कि अगला सूरज शांति की खबर लाएगा या फिर मिसाइलों की नई खेप का।
