Trump Welfare List India Out: अमेरिका की सियासत में रविवार को उस वक्त हलचल तेज हो गई, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक लिस्ट शेयर की। यह कोई आम पोस्ट नहीं थी, बल्कि उन देशों के नाम थे, जिनके नागरिक अमेरिका में रहकर सरकारी वेलफेयर और सहायता योजनाओं का लाभ ले रहे हैं। (Trump Welfare List India Out) पोस्ट सामने आते ही दुनिया भर में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया। खास बात यह रही कि इस सूची में कई एशियाई देशों के नाम शामिल थे, लेकिन भारत का नाम कहीं नजर नहीं आया।
Trump Welfare List India Out: क्या है ट्रंप की साझा की गई सूची?
डोनाल्ड ट्रंप द्वारा साझा की गई इस सूची का शीर्षक था “Immigrant Welfare Recipient Rates by Country of Origin” यानी देश के आधार पर प्रवासी वेलफेयर पाने वालों की दर। इस लिस्ट में करीब 120 देश और क्षेत्र शामिल हैं। (Trump Welfare List India Out) इसमें यह बताया गया है कि अमेरिका में रहने वाले किस देश के कितने प्रतिशत प्रवासी परिवार सरकारी सहायता लेते हैं। ट्रंप के समर्थकों ने इसे अमेरिकी नीति की सफलता बताया, वहीं आलोचकों ने इस पर सवाल भी उठाए।
किस देश के कितने प्रवासी ले रहे हैं सरकारी मदद
आंकड़ों पर नजर डालें तो बांग्लादेश के 54.8 प्रतिशत प्रवासी परिवार अमेरिका में वेलफेयर योजनाओं का लाभ लेते हैं। पाकिस्तान के लिए यह आंकड़ा 40.2 प्रतिशत है। (Trump Welfare List India Out) यूक्रेन के 42.7 प्रतिशत, नेपाल के 34.8 प्रतिशत और चीन के 32.9 प्रतिशत प्रवासी परिवारों को सरकारी सहायता मिल रही है। इजराइल या फिलिस्तीन के करीब 25.9 प्रतिशत प्रवासी परिवार भी इस श्रेणी में आते हैं। एशिया की एक अन्य संयुक्त श्रेणी में यह औसत 38.8 प्रतिशत बताया गया है।
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सूची से भारत का गायब होना क्यों है खास
इस पूरी सूची में भारत का नाम नहीं होना कई सवाल और चर्चाएं पैदा करता है। दरअसल, अमेरिका में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को सबसे समृद्ध प्रवासी समुदायों में गिना जाता है। (Trump Welfare List India Out) प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, भारतीय अमेरिकी वहां रहने वाले एशियाई मूल के लोगों में दूसरा सबसे बड़ा समूह हैं और कुल एशियाई आबादी का करीब 21 प्रतिशत हिस्सा बनाते हैं।
भारतीय अमेरिकी क्यों माने जाते हैं सबसे संपन्न
आंकड़े बताते हैं कि साल 2023 में भारतीय मूल के परिवारों की औसत सालाना आय करीब 1 लाख 51 हजार 200 डॉलर रही। यह सभी एशियाई परिवारों की औसत आय 1 लाख 5 हजार 600 डॉलर से काफी अधिक है। जिन परिवारों के मुखिया भारतीय प्रवासी हैं, उनकी आय अमेरिकी नागरिक भारतीय परिवारों से भी ज्यादा दर्ज की गई। (Trump Welfare List India Out) इतना ही नहीं, 16 साल और उससे अधिक उम्र के भारतीय अमेरिकियों की औसत सालाना कमाई 85 हजार 300 डॉलर रही, जो पूरे एशियाई समुदाय की औसत आय से कहीं आगे है।
ट्रंप की पोस्ट और भारतीय समुदाय की छवि
ट्रंप की इस सूची ने भले ही कई देशों को कटघरे में खड़ा किया हो, लेकिन भारत का नाम न होना भारतीय समुदाय की मेहनत, शिक्षा और आर्थिक मजबूती को एक बार फिर उजागर करता है। यही वजह है कि यह पोस्ट अब सिर्फ अमेरिकी राजनीति नहीं, बल्कि वैश्विक प्रवासी चर्चा का केंद्र बन चुकी है।
