Sydney Terror Attack: ऑस्ट्रेलिया के सिडनी स्थित बॉन्डी बीच पर यहूदी समुदाय के हनुक्का समारोह के दौरान हुए भीषण आतंकी हमले के बाद इंसानियत, साहस और मानवता की एक प्रेरणादायक मिसाल सामने आई है। इस हमले के बीच अहमद अल-अहमद नामक व्यक्ति ने जान की परवाह किए बिना आतंकवादी से राइफल छीनकर कई लोगों की जान बचाई। (Sydney Terror Attack) उनके इस साहसिक कदम की पूरे देश में सराहना हो रही है। प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज ने अस्पताल जाकर अहमद अल-अहमद से मुलाकात की और उन्हें “ऑस्ट्रेलियाई हीरो” करार दिया। पीएम अल्बनीज ने कहा कि अहमद ने खतरे से भागने के बजाय उसकी ओर दौड़ने का साहस दिखाया और एक सशस्त्र आतंकवादी को निहत्था कर दिया। उन्होंने कहा कि दूसरों की जान बचाने के लिए खुद को जोखिम में डालना सच्चे साहस और ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों की मिसाल है।
Sydney Terror Attack: कठिन समय में ऑस्ट्रेलियाई समाज का बेहतरीन चेहरा सामने आया: PM
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर भी अहमद की तारीफ करते हुए लिखा कि सबसे कठिन समय में ऑस्ट्रेलियाई समाज का सबसे बेहतरीन चेहरा सामने आता है और बॉन्डी बीच की घटना इसका प्रमाण है। (Sydney Terror Attack) उन्होंने कहा कि पूरे देश की ओर से वह अहमद का आभार व्यक्त करते हैं। इस आतंकी हमले को सिडनी के ही पिता-पुत्र साजिद अकरम और नावीद अकरम ने अंजाम दिया था। इस भयावह हमले में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, साजिद अकरम को मौके पर ही मार गिराया गया, जबकि उसका 24 वर्षीय बेटा नावीद अकरम गंभीर रूप से घायल है और अस्पताल में उसका इलाज चल रहा है। उसकी हालत फिलहाल स्थिर बताई जा रही है।
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प्रधानमंत्री अल्बनीज ने यह भी खुलासा किया कि ऑस्ट्रेलिया की घरेलू खुफिया एजेंसी ASIO ने वर्ष 2019 में नावीद अकरम से पूछताछ की थी। (Sydney Terror Attack) उस समय उसकी कुछ संदिग्ध लोगों से संगत को लेकर जांच की गई थी, जो करीब छह महीने चली। हालांकि, तब उसे किसी तत्काल खतरे के रूप में नहीं देखा गया था। इस खुलासे के बाद सुरक्षा एजेंसियों की भूमिका पर सवाल उठने लगे हैं कि क्या इस हमले को पहले रोका जा सकता था। वहीं सरकार ने गन कानूनों को और सख्त करने के संकेत दिए हैं। प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों के नेताओं ने स्पष्ट किया है कि देशभर में हथियार लाइसेंस और हथियारों की संख्या को लेकर नियमों में समानता लाई जाएगी, खासकर तब जब यह सामने आया है कि हमलावर के पास कानूनी रूप से छह हथियार मौजूद थे।
