Pakistan Mediation Iran US War: मिडिल ईस्ट में तनाव की आग हर गुजरते दिन के साथ और ज्यादा भड़कती नजर आ रही है। लेकिन इस बीच पाकिस्तान से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने उम्मीद की हल्की रोशनी जलाई है। दरअसल, इस्लामाबाद में एक अहम बैठक हुई है, जिसने यह संकेत दिया है कि शायद अब युद्ध को रोकने की कोशिशें तेज हो गई है।
Pakistan Mediation Iran US War: इस्लामाबाद में जुटे बड़े देश
पाकिस्तान में बीते दिन रविवार को तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब के प्रतिनिधि एक साथ बैठे। इन देशों ने ईरान से जुड़े चल रहे तनाव और युद्ध को खत्म करने के तरीकों पर चर्चा की। (Pakistan Mediation Iran US War) शुरुआती बातचीत का केंद्र स्ट्रेट ऑफ होर्मुज रहा, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। इसे जहाजों के लिए फिर से सुरक्षित और खुला बनाने पर विचार किया गया। पाकिस्तान इस पूरे मामले में एक अहम भूमिका निभा रहा है, क्योंकि वह अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश कर रहा है।
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बैठक के बाद पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि सभी देशों ने मिलकर युद्ध को जल्द और स्थायी रूप से खत्म करने के उपायों पर चर्चा की है। (Pakistan Mediation Iran US War) उन्होंने यह भी बताया कि इस्लामाबाद में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित बातचीत को लेकर भी जानकारी साझा की गई। डार के मुताबिक, सभी देशों ने पाकिस्तान की इस पहल पर भरोसा जताया है और चीन ने भी इसका समर्थन किया है।
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समुद्री रास्तों को लेकर बड़ा प्रस्ताव
सूत्रों के अनुसार, बैठक में शामिल देशों ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री यातायात को लेकर कुछ अहम प्रस्ताव अमेरिका को भेजे हैं। इनमें स्वेज नहर की तरह शुल्क व्यवस्था लागू करने का सुझाव भी शामिल है। (Pakistan Mediation Iran US War) इसके अलावा, तुर्किये, मिस्र और सऊदी अरब मिलकर एक ऐसा समूह बनाने पर विचार कर रहे हैं जो इस रास्ते से तेल के प्रवाह को नियंत्रित कर सके। पाकिस्तान को भी इसमें शामिल होने का न्योता दिया गया, लेकिन उसने फिलहाल औपचारिक रूप से जुड़ने से इनकार किया है।
युद्धविराम पर तुर्किये का जोर
तुर्किये की प्राथमिकता साफ है- युद्धविराम। एक राजनयिक सूत्र के अनुसार, जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना भरोसा बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम हो सकता है। इसी बीच, ईरान ने भी कुछ नरमी दिखाते हुए पाकिस्तानी झंडे वाले 20 जहाजों को इस मार्ग से गुजरने की अनुमति दे दी है।
हालांकि इस महत्वपूर्ण बैठक में अमेरिका, ईरान और इजरायल शामिल नहीं थे। फिर भी कोशिश यही है कि इन देशों के बीच सीधे संवाद की शुरुआत हो सके। फिलहाल हालात ऐसे हैं कि अमेरिका और ईरान के बीच दूरी कम होती नजर नहीं आ रही।
